101वीं जयंती पर याद किए गए बाबा कार्तिक उरांव

SOCIETY

Eksandeshlive Desk

मेसरा : कांके प्रखंड के चंदवे पंचायत अंतर्गत दुबलिया गांव में क्षेत्रिय सरना समिति व अनुसूचित जनजाति मोर्चा की ओर से बुधवार को जनजातीय समाज के हितों की रक्षक सह पूर्व सांसद बाबा कार्तिक उरांव की 101 वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर सर्व प्रथम लोगों ने उनके प्रतिमा पर पुष्प अर्पित एवं माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए क्षेत्रिय सरना समिति झारखंड प्रदेश अध्यक्ष बच्चन उरांव ने उनके जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जन्म कुरूख समुदाय में झारखंड के गुमला जिले के करौंदा लिट टोली नामक गांव में हुआ था। उन्होंने 1947 के भारतीय स्वातंत्रता आंदोलन में भाग लिया था। वे एक भारतीय राजनीतिज्ञ थे। वे 1967 में पहली बार संयुक्त बिहार में लोहरदगा लोकसभा सीट से सांसद सदस्य चुने गए। वे अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद संगठन के संस्थापक थे। अनुसूचित जनजाति मोर्चा के संयोजक संदीप उरांव ने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव के जीवन संघर्ष भरा रहा है। बाबा कार्तिक उरांव जीवनोपरांत जनजातीय लोगों के हितों की रक्षा और उनके अधिकारों के लिए संघर्ष करते रहे। आदिवासी समाज के उत्थान के लिए सदैव तत्पर रहे। मौके पर ग्राम प्रधान विक्रम उरांव,जनजाति सुरक्षा मंच के संतोष तिग्गा, वार्ड सदस्य प्रदीप लकड़ा व अन्य मौजूद थे।

Spread the love