डब्‍ल्‍यूपीआई आधार वर्ष को संशोधित कर 2022-23 करने के लिए 18 सदस्यीय कार्य समूह गठित

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Eksandeshlive Desk

नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधार वर्ष को 2022-23 तक अद्यतन करने के लिए नीति आयोग के प्रोफेसर रमेश चंद की अध्यक्षता में 18 सदस्यीय कार्य समूह का गठन किया है। प्रोफेसर रमेश चंद की अध्यक्षता में गठित कार्य समूह में विभिन्न सरकारी विभागों, आर्थिक सलाहकार निकायों और गैर-आधिकारिक विशेषज्ञों के 17 अन्य प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है। कार्य समूह को अधिसूचना के जारी होने के 18 महीने के भीतर अपनी अंतिम रिपोर्ट आर्थिक सलाहकार के कार्यालय को प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।

वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से गुरुवार को जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार नीति आयोग के सदस्य प्रोफेसर रमेश चंद की अध्यक्षता में गठित 18 सदस्यीय कार्य समूह में विभिन्न सरकारी विभागों, आर्थिक सलाहकार निकायों और गैर-आधिकारिक विशेषज्ञों के प्रतिनिधि शामिल हैं। थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित वार्षिक मुद्रास्फीति दर नवंबर, 2024 में 1.89 फीसदी (अनंतिम) रही, जबकि अक्टूबर में यह 2.36 फीसदी और सितंबर में 1.91 फीसदी थी।

इस समूह के सदस्यों में आरबीआई, आर्थिक मामलों के विभाग, सांख्यिकी मंत्रालय, कृषि विभाग, उपभोक्ता मामले विभाग, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है, जिसमें एसबीआई समूह के मुख्य अर्थशास्त्री सौम्या कांति घोष भी हैं। गैर-आधिकारिक सदस्यों में अर्थशास्त्री सुरजीत भल्ला, शमिका रवि, धर्मकीर्ति जोशी, नीलेश शाह और इंद्रनील सेनगुप्ता हैं।

इससे पहले सरकार की योजना आधार वर्ष को 2011-12 से संशोधित कर 2017-18 करने की योजना थी। उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने जून 2021 में एक कार्य समूह की मसौदा तकनीकी रिपोर्ट जारी की थी, जिसमें थोक मूल्य सूचकांक के आधार वर्ष को संशोधित करने और नई श्रृंखला में औषधीय पौधे, लिफ्ट, व्यायामशाला उपकरण और कुछ मोटरसाइकिल इंजन जैसी लगभग 480 नई वस्तुओं को जोड़ने का सुझाव दिया गया है।

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