मौसम ने ली फिर करवट, हो सकती भारी बारिश

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मौसम विभाग ने किया रेड अर्लट 23 व 24 को


Ranchi : मौसम विभाग की माने तो झारखंड में 23 और 24 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना बनी है । इसके साथ ही मौसम विभाग की ओर से इस संबंध में रेड अलर्ट जारी किया गया है। आने वाले दिनों में किन जिलों में भारी बारिश होने वाली है। बारिश का कृषि और जनजीवन पर क्या प्रभाव पड़ सकता है और सुरक्षा के क्या उपाय करने चाहिए। मौसम विभाग ने कहा है कि 2 दिन तक भारी से अत्यंत भारी बारिश होगी। रांची स्थित मौसम केंद्र ने कहा है कि झारखंड में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने वाला है। मौसम विभाग ने रविवार 20 जुलाई को एक स्पेशल बुलेटिन जारी करके कहा है कि राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में भारी से अत्यंत भारी वर्षा हो सकती है। मौसम केंद्र ने कहा है कि सक्रिय मानसून ट्रफ वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया (निम्न दबाव का क्षेत्र), उत्तरी बंगाल की खाड़ी में नया निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावनाओं के मद्देनजर झारखंड का मौसम बदलेगा। कुछ जगहों पर भारी से अत्यंत भारी बारिश होगी। मौसम केंद्र के प्रमुख अभिषेक आनंद ने को बताया कि इस मौसमी सिस्टम की वजह से क्षेत्र में नमी और हवाएं संगठित होकर ऊपर उठेंगीं और मेघ गर्जन और वर्षा को बढ़ायेंगे. इसकी वजह से सामान्य जनजीवन, खेती और यातायात पर बड़ा असर पड़ सकता है।

23 जुलाई को किन जिलों में सबसे ज्यादा असर
सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा, लातेहार, देवघर, जमुई, दुमका, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना वही 24 जुलाई को इन जिलों में सबसे ज्यादा असर को पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेल-खरसावां जिले में कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश हो सकती है।
इन जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश-वज्रपात संभव
बोकारो, धनबाद, देवघर, जमुई, दुमका, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज जिले में भी भारी वर्षा का खतरा है। इन जिलों में तेज हवाए 30-40 किमी/घंटा तक भी चल सकती हैं, जिससे पेड़ों के गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने, और जलभराव जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
जनजीवन पर क्या होगा असर
जनजीवन : जिलों में सड़क और रेल परिवहन, बिजली, पानी की आपूर्ति व स्कूल-कॉलेज प्रभावित हो सकते हैं।
कृषि : खेतों में जलभराव से धान, मक्का, दाल आदि खरीफ फसलों को नुकसान हो सकता है। बोयी गयी फसलों का अंकुरण प्रभावित हो सकता है. सब्जियों के सड़ने की आशंका है।
पशुपालन : मवेशियों को सुरक्षित आश्रय में रखें और खुली जगह पर न छोड़ें।
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