रूस-यूक्रेन युद्ध विराम की संभावना बढ़ी : मैक्रों ने कहा-जेलेंस्की से मिलने को तैयार पुतिन, ट्रंप ने किया यूक्रेन की सुरक्षा का वादा

INTERNATIONAL

Eksandeshlive Desk

वाशिंगटन/कीव : रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध विराम की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिलती दिखने लगी है। इस संबंध में अमेरिका और यूरोप के प्रयास रंग लाते दिखने लगे हैं। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप के साथ यूक्रेन और रूस के बीच शांति वार्ता के लिए हुई बैठक के बाद रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आखिरकार यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलेंस्की से मिलने को तैयार हो गए हैं। वाशिंगटन शिखर सम्मेलन के दौरान ट्रंप ने फोन पर पुतिन से बात की। इस वार्ता में पुतिन ने कहा कि वह अगले दो हफ्तों में जेलेंस्की से मिलने के लिए तैयार हैं। वाशिंगटन शिखर सम्मेलन के तत्काल बाद फ्रांसीसी समाचार चैनल एलसीआई के साथ साक्षात्कार में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने यह दावा किया। उन्होंने कहा कि 24 फरवरी, 2022 को रूसी आक्रमण के बाद दोनों नेताओं की यह पहली मुलाकात होगी। इससे पहले जेलेंस्की से मुलाकात के दौरान ट्रंप ने यूक्रेन की सुरक्षा का वादा किया। इस बीच, रूस की सेना ने यूक्रेन के पोल्टावा क्षेत्र पर बड़ा हवाई हमला किया है। रूस ने इस क्षेत्र के क्रेमेनचुक और लुबनी पर ड्रोन और क्रूज मिसाइल दागीं। हमलों से कई जगह विस्फोट के बाद आग लग गई।

मैक्रों ने कहा कि यह समझौता जल्दबाजी में नहीं होना चाहिए : मैक्रों ने कहा कि हम सबने दोनों राष्ट्रपतियों के बीच एक द्विपक्षीय बैठक, इसके बाद त्रिपक्षीय बैठक (इसमें डोनाल्ड ट्रंप होंगे) और आखिर में बहुपक्षीय बैठक करने का फैसला लिया है। इस बैठक में यूरोपीय देशों के नेता भी शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि यह बैठक यूरोप में होगी। मैक्रों ने कहा कि 2019 में जेलेंस्की और पुतिन की बैठक फ्रांस में हुई थी। इस बार बैठक किसी तटस्थ देश में आयोजित की जाएगी। उन्होंने वकालत की कि बैठक जिनेवा (स्विट्जरलैंड) में हो। फ्रांस के राष्ट्रपति ने कहा कि जेलेंस्की से पुतिन की मुलाकात किसी ऐसे देश में हो जो अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय को मान्यता देता हो तो और बेहतर होगा। शांति को आगे बढ़ाने के लिए यह जरूरी है। इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि यह समझौता जल्दबाजी में नहीं होना चाहिए। यूक्रेन न्यायसंगत मांगों को स्वीकार करेगा। वह शांति के लिए अगर आत्मसमर्पण करता है, तो यह यूक्रेन और यूरोपीय देशों के लिए दुखद होगा। इससे परमाणु-सशस्त्र शक्ति हमारी सीमाओं के करीब आकर आगे बढ़ेगी। इसका मतलब होगा पिछले 70 वर्षों में बनी अंतरराष्ट्रीय भौगोलिक व्यवस्था का पतन। उन्होंने कहा कि वाशिंगटन शिखर सम्मेलन में चर्चा का एक और प्रमुख मुद्दा शांति समझौते के बाद यूक्रेन को दी जाने वाली सुरक्षा गारंटी का रहा। हम सबने इस पर सहमति जताई है। इस पर अमेरिका और ब्रिटेन का रुख अहम होगा। मैक्रों ने कहा कि सुरक्षा गारंटी का मतलब यह नहीं कि यूक्रेन को नाटो का संरक्षण प्राप्त होगा। ट्रंप चाहते हैं कि यूक्रेन यह जिद छोड़ दे। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर रूस ने शांति समझौते के बाद यूरोप की सीमाओं पर उकसावे की कार्रवाई की तो “प्रतिक्रिया” होगी। उन्होंने माना कि आज रूस यूरोपीय देशों के लिए खतरा बना हुआ है।

अमेरिका अपने सैनिकों को यूक्रेन में तैनात करेगा : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप ने यूक्रेन और रूस के मध्य छिड़े युद्ध को रुकवाने के अपने प्रयासों के तहत सोमवार को व्हाइट हाउस में यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलेंस्की और यूरोपीय संघ के नेताओं से मुलाकात की। यह मुलाकात अलास्का शिखर सम्मेलन के सम्मेलन के कुछ दिनों बाद हुई है। ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अलास्का में युद्धविराम के मसले पर लगभग तीन घंटे चर्चा की थी। जेलेंस्की ने ओवल ऑफिस में राष्ट्रपति ट्रंप से समझौते पर आगे से बढ़ने से अपने देश की सुरक्षा की गारंटी मांगी। ट्रंप ने कहा कि अगर वह समझौता मानने को तैयार हैं तो यूक्रेन की सुरक्षा के लिए अमेरिका तैयार है। अगर जरूरत पड़ी तो अमेरिका अपने सैनिकों को यूक्रेन में तैनात करेगा। द न्यूयॉर्क टाइम्स की खबर के अनुसार, यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की और सात यूरोपीय नेताओं ने सोमवार को व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति ट्रंप से यूक्रेन में युद्ध समाप्त करने पर महत्वपूर्ण बातचीत की। ओवल ऑफिस में जेलेंस्की ने ट्रंप से यूक्रेन की सुरक्षा की गारंटी में अमेरिका की भूमिका के बारे में बातचीत की। इस समझौते में यूक्रेन की सुरक्षा की गारंटी सबसे जटिल मुद्दा है। इसका मकसद यह है कि शांति समझौते पर सहमत होने के बाद रूस युद्ध को फिर से शुरू न करे।

जेलेंस्की ने कहा-यूक्रेन को हर तरह की सुरक्षा की गारंटी चाहिए : राष्ट्रपति ट्रंप ने जेलेंस्की को भरोसा दिलाया कि यूक्रेन की अमेरिका सुरक्षा करेगा। उन्होंने कहा कि किसी न किसी तरह से मदद की जाएगी। उन्होंने अमेरिकी सैनिकों की तैनाती की संभावना से भी इनकार नहीं किया। उन्होंने जेलेंस्की से पूछा कि यूक्रेन किस तरह की सुरक्षा गारंटी चाहता है? जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन को हर तरह की सुरक्षा की गारंटी चाहिए। इस बैठक में दोनों नेताओं के बीच क्रीमिया पर भी चर्चा हुई। संभवतः जेलेंस्की इसके लिए तैयार हो गए हैं। जेलेंस्की ने इस दौरान बार-बार त्रिपक्षीय बैठक (जेलेंस्की- ट्रंप-पुतिन वार्ता) पर जोर दिया। ट्रंप ने कहा कि क्रेमलिन इसके लिए राजी नहीं है। बावजूद इसके वह कोशिश करेंगे कि त्रिपक्षीय वार्ता जल्द हो। एनबीसी न्यूज के अनुसार, लगभग साढ़े तीन साल से चल रहे इस संघर्ष को सुलझाने के लिए व्हाइट हाउस में हुई इस बैठक में जेलेंस्की और ट्रंप के साथ कई यूरोपीय नेता शामिल हुए। ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर इसे जारी रहने दिया गया तो यह तीसरे विश्व युद्ध का रूप ले सकता है। यह पूछे जाने पर कि क्या अमेरिकी सैनिक शांति समझौते में मदद करेंगे, ट्रंप ने इस संभावना से इनकार नहीं किया।

यूक्रेन पर हवाई हमला, कई जगह विस्फोट से दहल गए दो शहर : रूस की सेना ने यूक्रेन के पोल्टावा क्षेत्र पर बड़ा हवाई हमला किया है। रूस ने इस क्षेत्र के क्रेमेनचुक और लुबनी पर ड्रोन और क्रूज मिसाइल दागीं। हमलों से कई जगह विस्फोट के बाद आग लग गई। क्रेमेनचुक शहर धुएं के गुबार से ढक गया। शहर में बिजली गुल हो गई। कीव पोस्ट की खबर के अनुसार पोल्टावा क्षेत्र के क्रेमेनचुक पर 19 अगस्त की सुबह रूस ने बम बरसाए। लुबनी में एक साथ कम से कम 30 विस्फोट हुए। यूक्रेन की वायु सेना ने बताया कि रूस ने सुरक्षित हवाई क्षेत्र में दूर से गोलाबारी करने के लिए टीयू-95एमएस क्रूज मिसाइलों का इस्तेमाल किया। सुबह 5:08 बजे खार्किव क्षेत्र के ऊपर पोल्टावा की ओर उड़ती हुई पहली क्रूज मिसाइलों का पता चला। लगभग 5:26 बजे तक क्रेमेनचुक में विस्फोटों की आवाज सुनाई देने लगी। मेयर विटाली मालेत्स्की ने कहा कि बमों से किए गए विस्फोटों ने शहर को हिलाकर रख दिया। बमबारी से ऊर्जा और परिवहन ढांचे को नुकसान पहुंचा। उन्होंने फेसबुक पर लिखा, “जिस समय पुतिन फोन पर ट्रंप को शांति का आश्वासन दे रहे थे और जब राष्ट्रपति जेलेंस्की व्हाइट हाउस में यूरोपीय नेताओं के साथ शांति के बारे में बातचीत कर रहे थे, उसी समय पुतिन की सेना ने क्रेमेनचुक पर बड़ा हमला किया।

क्रेमेनचुक और लुबनी जिलों में कई इमारतें मलबे के ढेर में बदलीं : पोल्टावा क्षेत्रीय सैन्य प्रशासन के अनुसार क्रेमेनचुक और लुबनी जिलों में हमले से कई इमारतें मलबे के ढेर में बदल गईं। राज्यपाल वोलोडिमिर कोहुत ने पुष्टि की कि स्थानीय ऊर्जा कंपनियों के प्रशासनिक भवनों को नुकसान पहुंचा है। कोहुत ने कहा, “लुबनी जिले में हमले के कारण 1,471 घरों और 119 व्यवसायों की बिजली गुल हो गई। सौभाग्य से कोई हताहत नहीं हुआ।” बताया गया है कि रूस ने चेर्निहीव क्षेत्र पर भी ड्रोन हमला किया है। सीएनएन की खबर के अनुसार रूस ने 31 जुलाई के बाद से यूक्रेन पर सबसे जबरदस्त हवाई हमला किया। यूक्रेनी वायु सेना ने कहा कि रूस ने रात भर में 270 ड्रोन और 10 मिसाइलें दागीं। चार मिसाइलें और 16 ड्रोन यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणाली को भेदकर निकल गए। 19 अगस्त की सुबह तक 24 घंटों में रूस के हमलों में यूक्रेन भर में आठ लोग मारे गए और 54 अन्य घायल हो गए।

Spread the love