दुर्गापुर गैंगरेप मामले में ममता का अजीबाेगरीब बयान, कहा-दूसरे राज्यों से आई लड़कियों को देर रात बाहर नहीं जाना चाहिए

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Eksandeshlive Desk

कोलकाता : पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में ओडिशा की मेडिकल छात्रा से हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अजीबोगरीब बयान दिया है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए प्रशासन को चुस्त करने के बजाय उन्होंने नसीहत दी है कि दूसरे राज्यों से बंगाल आई लड़कियों को रात के समय बाहर नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं, खासकर राज्य के बाहर से आने वाली लड़कियों को रात में बाहर नहीं जाना चाहिए और हॉस्टल के नियमों का पालन करना चाहिए। विपक्षी दलों ने सवाल खड़े किए हैं। ममता बनर्जी ने रविवार को कोलकाता हवाई अड्डे पर मीडिया से बात करते हुए कहा, यह एक चौंकाने वाली घटना है। हमारी सरकार का ऐसे अपराधों के प्रति शून्य सहिष्णुता का रुख है। तीन आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं और बाकी की तलाश जारी है। किसी को छोड़ा नहीं जाएगा। इसी के साथ उन्होंने यह भी कहा कि जो छात्राएं हॉस्टल में रहती हैं, खासकर जो बंगाल के बाहर से पढ़ने आई हैं, उन्हें हॉस्टल के नियमों का पालन करना चाहिए। उन्हें देर रात बाहर नहीं निकलना चाहिए, भले ही उन्हें कहीं जाने का मौलिक अधिकार हो।

सामाजिक संगठनों और विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया : मुख्यमंत्री का यह बयान सामने आते ही कई सामाजिक संगठनों और विपक्षी दलों ने इसे ‘पीड़िता को दोष देने वाली मानसिकता’ बताया। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री को यह बताना चाहिए कि राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठा रही है, न कि यह समझाना चाहिए कि लड़कियों को कब और कहां जाना चाहिए। एक महिला अधिकार कार्यकर्ता ने कहा, अगर एक लड़की रात में बाहर जाती है तो इसका मतलब यह नहीं कि उसके साथ अपराध करने का किसी को अधिकार मिल गया। मुख्यमंत्री को यह कहना चाहिए था कि राज्य की हर लड़की हर वक्त सुरक्षित है, न कि उन्हें रोकने की सलाह देना चाहिए। विपक्षी दलों ने भी मुख्यमंत्री के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा नेता राहुल सिन्हा ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी की सरकार महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रही है। राज्य में लगातार बढ़ रहे अपराधों पर लगाम लगाने के बजाय मुख्यमंत्री पीड़िताओं को ही जिम्मेदार ठहरा रही हैं। ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि जिस निजी मेडिकल कॉलेज में छात्रा पढ़ती थी, उसकी भी जिम्मेदारी बनती है कि वह कैंपस और आसपास के इलाकों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि “निजी कॉलेजों को अपने छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए। दुर्गापुर की यह घटना शुक्रवार रात की है, जब ओडिशा के बालेश्वर जिले की जलेश्वर निवासी एक मेडिकल छात्रा अपने दोस्त के साथ भाेजन करने के लिए कॉलेज से बाहर गई थी। इसी दौरान कुछ लोगों ने उसे अगवा कर दुष्कर्म किया।

मेडिकल छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म मामले में तीन गिरफ्तार : पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में ओडिशा की मेडिकल छात्रा से हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, एक अन्य संदिग्ध को हिरासत में लिया है। पुलिस ने सबूत जुटाने के लिए आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त किए हैं। पीड़िता अस्पताल में इलाजरत है और उसकी हालत अब स्थिर है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार तीनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। मोबाइल फोन की कॉल डिटेल्स और टावर लोकेशन के आधार पर आरोपितों तक पहुंचा गया। पुलिस ने घटना स्थल – परनागंज कालीबाड़ी श्मशान घाट के पास स्थित जंगल – को घेरकर तलाशी अभियान चलाया। आसपास के गांवों में भी सघन जांच जारी है और ड्रोन की मदद से जंगलों में तलाशी ली जा रही है। सूत्रों ने बताया कि ओडिशा के जलेश्वर निवासी यह छात्रा दुर्गापुर के एक निजी मेडिकल कॉलेज में द्वितीय वर्ष में पढ़ती है। शुक्रवार रात वह अपने एक दोस्त के साथ खाना खाने के लिए कॉलेज कैंपस से बाहर गई थी। इसी दौरान कुछ युवकों ने उसे अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म किया। घटना की जानकारी मिलते ही पीड़िता के माता-पिता ओडिशा से दुर्गापुर पहुंचे और न्यू टाउनशिप थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। पीड़िता का इलाज उसी निजी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में चल रहा है, जहां वह पढ़ती है।

पीड़िता के पिता ने राज्य सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की : डॉक्टरों के अनुसार, पीडि़ता की हालत में सुधार है। पुलिस ने बताया कि पीड़िता का बयान दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है। जांचकर्ताओं का मानना है कि इस जघन्य वारदात में कुछ और लोग भी शामिल हो सकते हैं। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या आरोपी पीड़िता या उसके दोस्त के जानकार थे। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि आरोपियों ने वारदात के दौरान पीड़िता के मोबाइल से एक अन्य आरोपित को फोन किया था, जिससे पुलिस को सभी के मोबाइल नंबरों का सुराग मिला। इस बीच, पीड़िता के पिता ने राज्य सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा, मैं राज्य सरकार से अनुरोध करता हूं कि दोषियों को कठोर सजा दी जाए ताकि राज्य की बेटियां सुरक्षित महसूस करें। मुझे शक है कि जो दोस्त उसके साथ गया था, उसका भी इसमें हाथ हो सकता है। पुलिस को सभी आरोपितों को जल्द गिरफ्तार करना चाहिए। पिता ने ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से भी अनुरोध किया है कि उनकी बेटी को तुरंत बंगाल से सुरक्षित तरीके से ओडिशा ले जाया जाए।

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