खेती के माध्यम से उत्पादक के साथ व्यापारी और उद्यमी भी बनें किसान : शिवराज चौहान

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Eksandeshlive Desk

नई दिल्ली : केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को कहा कि किसान आजीविका के साथ खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए खेती बहुत जरूरी है। उन्होंने किसानों से आह्वान करते हुए कहा कि वे केवल उत्पादक न रहें बल्कि खेती के माध्यम से व्यापारी और उद्यमी भी बनें। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह गुरुवार को दिल्ली में “राष्ट्रीय एफपीओ समागम 2025” के शुभारंभ के मौके किसान उत्पादक संगठन के सदस्यों को संबोधित कर रहे थे। इस आयोजन में 24 राज्यों और 140 जिलों के 500 से अधिक प्रगतिशील किसान, एफपीओ, कार्यान्वयन एजेंसियां (आईए) और क्लस्टर-आधारित व्यावसायिक संगठन (सीबीबीओ) शामिल हुए। शिवराज चौहान ने किसानों, एफपीओ सदस्यों और सहभागी संस्थाओं के प्रयासों की सराहना की। इस मौके पर उन्होंंने कहा कि कृषि मंत्री के नाते उनकी चिंता है कि किसानों को कड़ी मेहनत से उगाई गई उनकी फसल की अच्छी कीमत मिले, किसान दिन-रात अथक परिश्रम करके फसल उगाते हैं, कई बार उन्हें समुचित कीमत नहीं मिलती, वहीं उपभोक्ताओं को अधिक कीमत पर ये खरीदना पड़ता है, इस अंतर को कम करना होगा। शिवराज सिंह ने कहा कि हम सीड एक्ट भी जल्दी लाने वाले हैं, जिसमें प्रावधान होगा कि किसानों को अच्छी क्वॉलिटी के बीज मिले।

शिवराज सिंह ने साफ तौर पर कहा कि नकली और घटिया बीज और पेस्टीसाइड के मामले में सरकार सख्त है, हम कड़ा कानून लाएंगे और हमारे किसानों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। केंद्रीय मंत्री ने एफपीओ से देश के छोटे किसानों के हित में गंभीरता से काम करने के साथ अपने सुझाव देने का भी अनुरोध किया और अच्छे सुझावों पर आवश्यक कार्यवाही का भरोसा दिया। साथ ही, किसानों की ताकत बढ़ाने के लिए सालभर के भीतर एफपीओ का टर्नओवर बढ़ाने तथा ज्यादा से ज्यादा किसानों को जोड़ने की अपील की। उन्होंने विश्वसनीयता और गुणवत्ता बढ़ाने की भी जरूरत बताई जिससे सदस्य किसानों को ज्यादा से ज्यादा लाभ मिल सके। कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि सचिव डॉ. देवेश चतुर्वेदी, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की अतिरिक्त सचिव मनिंदर कौर द्विवेदी भी मौजूद थे। दिल्ली में हौज़खास स्थित एनसीडीसी एवं एनसीयूआई परिसर में कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने उत्कृष्ट किसान उत्पादक संगठनों, सीबीबीओ और कार्यान्वयन एजेंसियों को उनके किसान संगठन, व्यवसाय और डिजिटल उत्कृष्टता के लिए सम्मानित किया। एफपीओ समागम में 267 एफपीओ द्वारा अपने अनाज, तिलहन, दालें, फल, सब्जियां, जैविक, प्रसंस्कृत व पारंपरिक उत्पादों की भव्य प्रदर्शनी लगाई गई हैं। इस मौके पर विशेषज्ञों की मौजूदगी में इस वृहद कार्यक्रम में तिलहन उत्पादन, जल उपयोग दक्षता, प्राकृतिक खेती, कृषि अवसंरचना कोष, शहद उत्पादन, डिजिटल मार्केटिंग, एगमार्क प्रमाणन, बीज उत्पादन जैसे अनेक तकनीकी सत्रों और पैनल चर्चाओं का आयोजन किया गया है, जिनमें कृषि विशेषज्ञ, उद्योग प्रतिनिधि और किसान जुड़े हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को उत्पादक, प्रदाता और भागीदार के रूप में और मजबूत करना है। यह आयोजन एफपीओ आंदोलन को नया मुकाम देने एवं कृषि क्षेत्र में समावेशी और नवाचारी विकास को बढ़ावा देने की दिशा में ऐतिहासिक कदम सिद्ध हो रहा है।

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