अबुआ अधिकार मंच ने किया रांची विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन का घेराव

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रांची: अबुआ अधिकार मंच झारखण्ड के रांची विश्वविद्यालय संयोजक अभिषेक शुक्ला के नेतृत्व में विश्वविद्यालय प्रशासन की मनमानी के विरुद्ध रांची विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन का घेराव किया। लगभग 4 घंटे चले धरना प्रदर्शन मे छात्र छात्राओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन के मनमानी के खिलाफ जम कर नरेबाजी की घेराव का नेतृत्व कर रहे अभिषेक शुक्ला ने कहा कि रांची विश्वविद्यालय से सम्बद्ध छात्र-छात्राओं को इस समय कई गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है जिसमें मुख्य रूप से कुरमाली भाषा से संबंधित पीएचडी पंजीकरण,पीएचडी प्रवेश परीक्षा 2024 एवं एक व्यक्ति एक पद, कुरमाली भाषा के पीएच.डी. पंजीकरण से संबंधित समस्याकुरमाली भाषा एवं साहित्य में नेट-जेआरएफ पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को पीएच.डी. पंजीकरण में गंभीर कठिनाइयाँ हो रही हैं। वर्तमान में इस विषय में केवल दो नियमित शिक्षक कार्यरत हैं, जिनमें से मात्र एक शोध निर्देशन के पात्र हैं, और उनकी सभी सीटें पहले से पूर्ण हैं।जब से कुरमाली सहित आठ अन्य भाषाओं को मानविकी संकाय से अलग कर जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा संकाय में सम्मिलित किया गया है, तब से कुरमाली शोधार्थियों को मानविकी संकाय के अधीन पंजीकरण की अनुमति नहीं मिल रही है। जबकि विश्वविद्यालय की पीएच.डी. नियमावली इस विषय पर अबुआ अधिकार मंच ने 23 सितम्बर 2025 को विश्वविद्यालय भवन के समक्ष धरना दिया था। विश्वविद्यालय पदाधिकारियों ने दशहरे की छुट्टी से पहले समाधान का आश्वासन दिया था, किंतु एक माह बीत जाने के बाद भी कोई निर्णय नहीं लिया गया है। विश्वविद्यालय द्वारा अक्टूबर 2024 में पीएच.डी. प्रवेश परीक्षा की अधिसूचना जारी की गई थी और दिसंबर 2024 से मार्च 2025 तक आवेदन लिए गए, किंतु अब तक परीक्षा आयोजित नहीं की गई है। मंच ने शीघ्र एडमिट कार्ड जारी कर परीक्षा तिथि सुनिश्चित करने की मांग की है।राज्यपाल सह कुलाधिपति द्वारा अगस्त 2025 में जारी आदेश के बावजूद विश्वविद्यालय में एक व्यक्ति एक पद नीति का अनुपालन नहीं किया गया है। मंच ने आदेश के कठोर पालन हेतु कुलपति से आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की है। विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रणाली निजी एजेंसी को सौंपे जाने के बाद व्यापक वित्तीय अनियमितताएँ सामने आई हैं। विश्वविद्यालय में अध्ययनरत सभी छात्र-छात्राओं का सामूहिक बीमा करवाया जाए, जिससे किसी आकस्मिक घटना की स्थिति में उन्हें आर्थिक सहयोग मिल सके। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए विश्वविद्यालय बस सेवा तत्काल प्रभाव से शुरू करने की मांग की गई है। पी.जी. सत्र 2025-27 की नामांकन प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जाए। अभिषेक शुक्ला ने कहा कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने इन समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया, तो अबुआ अधिकार मंच विश्वविद्यालय परिसर में धरना, प्रदर्शन और तालाबंदी करने को बाध्य होगा। विश्वविद्यालय प्रसाशन ने वार्ता के लिये कुलसचिव एवं कुलांनुशाशक को भेजा परन्तु छात्र कुलपति से वार्ता करने की मांग कर रहे थे। कुलपति ने कहा कि वह किसी कार्य से झारखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी में है, जो भी समस्या है उसके समाधान के लिए उन्होंने पदाधिकारी को भेजा वार्ता के दौरान कुलसाचिव ने बताया कि कुरमाली विषय के छात्र-छात्राओं की समस्या से राजभवन को अवगत करा दिया गया है राज भवन द्वारा मैनिटीज के शिक्षकों की संख्या पूछी गई है विश्वविद्यालय द्वारा उन्हें संख्या उपलब्ध भी कर दिया गया है जल्द ही कुरमाली भाषा के छात्र-छात्राएं मैनिटीज सब्जेक्ट से पीएचडी करने के लिए एलिजिबल होंगे।

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