नेपाल में वोट डालने की उम्र दो साल घटाने के बावजूद युवाओं में कोई खास उत्साह नहीं

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प्रधानमंत्री कार्की और निर्वाचन आयोग ने मतदाता नामावली में नाम दर्ज कराने की अपील की

Eksandeshlive Desk

काठमांडू : नेपाल में मतदान करने की उम्र 18 से घटाकर 16 करने के बाद भी युवाओं में मतदाता सूची को लेकर कोई खास उत्साह नहीं दिखाई दे रहा है, इसलिए युवा वोटर लिस्ट में अपना नाम जुड़वाने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। अब अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की और निर्वाचन आयोग ने आगामी चुनाव को ध्यान में रखते हुए युवाओं से मतदाता नामावली में अपना नाम दर्ज कराने की अपील की है। प्रधानमंत्री कार्की ने अपने ‘एक्स’ एकाउंट पर लिखा, “आपका मत ही आपकी आवाज है। मतदाता पहचानपत्र के लिए पंजीकरण कराने के लिए अब केवल 9 दिन बचे हैं।

मतदाता नामावली में नाम दर्ज कराने की अंतिम तिथि 15 नवंबर : इसी तरह निर्वाचन आयोग ने आगामी फागुन मार्च 5 को होने वाले चुनाव के लिए मतदाता नामावली में नाम दर्ज कराने की अंतिम तिथि 15 नवंबर तय की है। आयोग ने राजनीतिक दलों से मतदाता नामावली पंजीकरण के प्रचार-प्रसार में सहयोग करने का आग्रह किया है। आयोग के सहसचिव एवं प्रवक्ता नारायण प्रसाद भट्टराई ने आम संचार माध्यमों और संबंधित पक्षों से भी इस अभियान में सहयोग की अपील की है। निर्वाचन आयोग के अनुसार गुरुवार रात 8 बजे तक के अद्यतन आंकड़ों के अनुसार अब तक 1,36,060 नए मतदाता जोड़े जा चुके हैं। केवल गुरुवार के दिन ही 11 हजार से अधिक नए मतदाताओं ने नाम दर्ज कराया। नेपाल में 2021 की जनगणना के मुताबिक 16 से 18 वर्ष तक की आयु के युवाओं की संख्या 16.5 लाख है, लेकिन सिर्फ 1.36 लाख युवाओं ने ही मतदाता सूची में अपना नाम शामिल कराया है, जो सरकार के लिए चिंता की बात है।

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