मेदिनीनगर : इस गर्मी में नहीं मिलेगा फेज 2 पेयजलापूर्ति परियोजना से पानी, सितंबर 2026 तक पूर्ण होने की संभावना

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Eksandeshlive Desk

पलामू : मेदिनीनगर नगर निगम क्षेत्र वासियों को इस गर्मी में फेज टू जलापूर्ति परियोजना से पानी नहीं मिल पाएगा। सितंबर 2026 तक पूर्ण होने की संभावना है। पलामू के सांसद विष्णु दयाल राम के निरीक्षण के बाद यह स्थिति सामने आई है। विदित हो कि सांसद के प्रयास से वर्ष 2023-2024 में एशियन डेवलपमेंट बैक के सहयोग से लगभग 161 करोड़ रूपये की लागत से इस परियोजना को स्वीकृत करायी गयी थी। यह पेयजलापूर्ति परियोजना का कार्यन्वयन जुड़को प्रा.लि.की ओर से कराया जा रहा है। 12 मार्च 2025 तक कार्य पूर्ण किया जाना है, परन्तु विभिन्न स्थानों पर संबंधित विभागों के जरिए एनओसी प्राप्त नहीं हो पाने के कारण कार्य के समय में विस्तार कर सितम्बर 2026 तक कार्य पूर्ण करने का समय निश्चित किया गया है।

1 लाख 23 हजार की आबादी लाभान्वित होगी : इस परियोजना के पूर्ण होने पर लगभग 1 लाख 23 हजार की आबादी लाभान्वित होगी एवं 24,711 घरों में निःशुल्क वाटर कनेक्शन देना है। मेदिनीनगर नगर निगम क्षेत्र के अतर्गत कुल 35 वार्ड़ को 9 जोन में विभाजित कर कार्य को किया जा रहा है। फिलहाल 16 वार्ड 4, 5, 6, 7, 8 ,11, 12, 14, 17, 18, 19, 21, 22, 25, 33 एवं 35 में पाईप बिछाई जा रही है। शनिवार को सांसद के निरीक्षण में कार्य संतोषजनक नहीं पाए जाने पर तेजी लाने का निदेश कम्पनी के पदाधिकारियों को दिया। फरवरी 2026 में पुनः साइट का निरीक्षण करने को कहा गया। मौके पर जुड़को के प्रोजेक्ट मैनेजर संजय पासवान, उप प्रोजेक्ट मैनेजर श्रीमती सुषमा कुमारी, सहायक प्रोजेक्ट मैनेजर राजेश कुमार, मेदिनीनगर नगर निगम के सहायक आयुक्त प्रमोद उरांव, साइट इंजीनियर रंजीत कुमार, जिला सांसद प्रतिनिधि विजय ओझा, वरिष्ठ नेता इश्वरी पाण्डेय सांसद के निजी सचिव अलख दुबे एवं जुड़को कम्पनी एवं नगर निगम के पदाधिकारी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि मेदिनीनगर निगम क्षेत्र के कई इलाके ड्राई जोन के रूप में चर्चित हैं। गर्मी के दिनों में वाटर लेवल काफी नीचे चला जाता है। नगर निगम टैंकर के माध्यम से जलापूर्ति कराता है। पेयजल के लिए हाहाकार मचा रहता है। ऐसे में घर-घर नल से पानी देने के लिए फेज टू जलापूर्ति योजना की आधारशिला रखी गई लेकिन इसमें भी विलंब होने के कारण एक बार फिर गर्मी के दिनों में पेयजल संकट से लोगों को जूझना पड़ेगा।

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