सुप्रीम कोर्ट के आदेश से जांच की प्रक्रिया हुई शुरू
SUNIL KUMAR
साहिबगंज: साहिबगंज जिले में लगभग 1250 करोड़ रुपए के अवैध पत्थर खनन घोटाले मामले को लेकर कार्रवाई अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। सीबीआई कि छह सदस्यीय के विशेष टीम साहिबगंज पहुंच चुकी है। टीम के पहुंचते ही जिले में पत्थर कारोबारियों के बीच हड़कम मचा हुआ है। सीबीआई कि टीम उपायुक्त कार्यालय के नजदीक सर्किट हाउस मे ठहरकर जांच की रफ्तार तेज कर दी है। पता हो कि सीबीआई की छह अधिकारियों की यह टीम अगले कुछ दिनों तक साहिबगंज में ही रुकेगी और अवैध खनन से जुड़े हर पहलू की गहन जांच पड़ताल करेगी। बुधवार की सुबह लगभग 11: 30 बजे सीबीआई की टीम सर्किल हाउस से निकल सबसे पहले जिला खनन कार्यालय पहुंचे और जिला खनन पदाधिकारी के साथ वार्ता करते हुए अवैध खनन मामले मे जानकारी प्राप्त की। उसके बाद चार सदस्यीय टीम खनन पदाधिकारी के साथ अवैध खनन मामले की जांच को निकल गए। सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि सबसे पहले दो क्रशर इकाइयों का स्थल जांच और सकरीगली समदा घाट में जब्त मालवाहक जहाज का निरीक्षण किया गया। सूत्र के हवाले से बताया गया कि दो क्रेशर की जांच में मशीनों की स्थिति, पत्थरों के भंडारण और उनके संचालन की प्रक्रिया को बारीकी से देखा गया। साथ ही यह भी आकलन किया जा रहा है कि अब तक कितनी मात्रा में अवैध खनिज निकाले गए और उनकी अनुमानित आर्थिक कीमत क्या हो सकती है।
इतना ही नहीं, खनन दफ्तर की फाइलें और नींबू पहाड़ भी जांच के दायरे में आ गए हैं। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसी के दो सदस्यीय टीम जिला खनन कार्यालय में रुककर ही खनन लीज, परमिट, उत्पादन से जुड़े आंकड़े और खनिजों के परिवहन से संबंधित दस्तावेजों की गहन जांच की है। इस सक्रियता से जिले में अवैध खनन से जुड़े लोगों की चिंता बढ़ गई है। आने वाले दिनों में इस मामले में बड़े खुलासों की उम्मीद जताई जा रही है।
पता हो कि हाईकोर्ट के आदेश के आलोक में सीबीआई साहिबगंज में अवैध खनन की जांच के दौरान अब तक 100 करोड़ रुपए के अवैध खनन की पुष्टि कर चुकी है। साथ ही इससे संबंधित वैज्ञानिक साक्ष्य जुटा चुकी है।अब तक की जांच के दौरान सिर्फ नीबू पहाड़ पर सूत्र के हवाले से तीन लोगों द्वारा अवैध खनन की पुष्टि हुई है। सीबीआई ने अवैध खनन की जांच के लिए विजय हांसदा द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी के आधार पर जांच शुरू की थी। लेकिन जांच के दौरान मिले तथ्यों के आधार पर सीबीआई ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। सीबीआई ने जांच के दायरे में अवैध खनन करने वालों के अलावा उन्हें प्रशासनिक और राजनीतिक संरक्षण देने वालों को भी शामिल किया है। पता हो कि सरकार ने हाईकोर्ट द्वारा दिए गए सीबीआई जांच के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। वर्ष 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की याचिका पर सुनवाई के बाद अवैध खनन के मामले में आरोप पत्र दायर करने पर रोक लगा दी थी। हालांकि सीबीआई को जांच जारी रखने का आदेश दिया था। इस आदेश के आलोक में सीबीआई ने अवैध खनन की जांच जारी रखी थी। वर्ष 2025 में सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर आरोप पत्र दायर करने पर लगाई गई रोक हटाने का अनुरोध किया था। सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की याचिका पर सुनवाई के बाद अवैध खनन के मामले में आरोप पत्र दायर करने पर लगी रोक हटा ली थी इसके बाद से सीबीआई ने जांच की गति बढ़ा दी है।
