Eksandeshlive Desk
नई दिल्ली : भारतीय रेल की विकास यात्रा को अक्सर प्रतिष्ठित परियोजनाओं, हाई-स्पीड ट्रेनों और भव्य उद्घाटनों के माध्यम से देखा गया है। लेकिन किसी भी राष्ट्रीय परिवहन प्रणाली की वास्तविक कसौटी यह है कि वह आम यात्रियों की रोजमर्रा की जरूरतों को कितनी निरंतरता और भरोसे के साथ पूरा करती है। अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें इसी सोच का प्रतीक हैं—सस्ती, भरोसेमंद और दूर-दराज़ के क्षेत्रों को जोड़ने वाली रेल कनेक्टिविटी, जहां भूगोल और अवसरों की दूरी अक्सर बड़ी चुनौती रही है। ‘अमृत काल’ की विशेष पहल के रूप में परिकल्पित अमृत भारत एक्सप्रेस आम यात्रियों को नॉन-एसी लंबी दूरी की आधुनिक यात्रा का अनुभव देती है, वह भी प्रति हजार किलोमीटर ₹500 से कम किराए पर। काम, शिक्षा और आजीविका के लिए भारतीय रेल पर निर्भर लाखों लोगों के लिए यह ट्रेन बिना अधिक आर्थिक बोझ के आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराती है। अमृत भारत एक्सप्रेस यात्रियों की सुविधा और निर्बाध रेल कनेक्टिविटी पर विशेष ज़ोर देती है। इसका डिज़ाइन रेल यात्रा के एक नए दृष्टिकोण को दर्शाता है, जिसमें यात्री सुविधा, ऊर्जा दक्षता और पर्यावरणीय ज़िम्मेदारी को प्राथमिकता दी गई है। एक स्वदेशी ट्रेन के रूप में अमृत भारत एक्सप्रेस ‘आत्मनिर्भर भारत’ की भावना को भी सशक्त करती है और भारत की परिचालन आवश्यकताओं के अनुरूप घरेलू इंजीनियरिंग क्षमता को प्रदर्शित करती है। सेवा के शुभारंभ के अवसर पर प्रधानमंत्री ने अमृत भारत एक्सप्रेस को वंदे भारत एक्सप्रेस और नमो भारत रैपिड रेल के बाद देश की नवीनतम आधुनिक ट्रेन बताया। ये तीनों पहलें मिलकर भारतीय रेल में चल रहे व्यापक परिवर्तन को दर्शाती हैं, जिसका लाभ अब देश के विभिन्न क्षेत्रों के आम यात्रियों तक पहुंच रहा है। 17 और 18 जनवरी को इस आधुनिकीकरण यात्रा में एक और बड़ा कदम देखने को मिलेगा, जब अमृत भारत स्लीपर ट्रेनों का शुभारंभ होगा। एयरोडायनामिक डिज़ाइन और 180 किमी प्रति घंटे तक की गति क्षमता वाली ये विश्वस्तरीय ट्रेनें लंबी दूरी की यात्राओं में समय की बचत करेंगी। दिसंबर 2023 में सेवा की शुरुआत के बाद से अब तक देश में 30 अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन सेवाएं संचालित हो चुकी हैं। 17 जनवरी 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम बंगाल से देश के विभिन्न हिस्सों के लिए कई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाएंगे।
पश्चिम बंगाल के लिए घोषित अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों के संभावित नामों में न्यू जलपाईगुड़ी – नागरकोइल अमृत भारत एक्सप्रेस, न्यू जलपाईगुड़ी – तिरुचिरापल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस, अलीपुरद्वार – बेंगलुरु अमृत भारत एक्सप्रेस, अलीपुरद्वार – मुंबई (पनवेल) अमृत भारत एक्सप्रेस शामिल हैं। पश्चिम बंगाल के उप-हिमालयी क्षेत्रों से लेकर तमिलनाडु के देश के दक्षिणी छोर तक जाने वाली न्यू जलपाईगुड़ी – नागरकोइल अमृत भारत एक्सप्रेस कई भाषाई, सांस्कृतिक और आर्थिक क्षेत्रों से होकर गुज़रेगी। प्रवासी श्रमिकों, छात्रों, व्यापारियों और परिवारों के लिए यह ट्रेन एक भरोसेमंद संपर्क कड़ी साबित होगी। इसी तरह, न्यू जलपाईगुड़ी – तिरुचिरापल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस उत्तर बंगाल को तमिलनाडु के केंद्रीय शैक्षणिक और औद्योगिक केंद्रों से जोड़ती है। पूर्वी भारत और दक्षिण के बीच लंबे समय से खंडित कनेक्टिविटी पर निर्भर इस मार्ग पर यह सीधी और किफायती सेवा हज़ारों यात्रियों के लिए यात्रा को सरल बनाएगी। अलीपुरद्वार – बेंगलुरु अमृत भारत एक्सप्रेस पश्चिम बंगाल के डुआर्स क्षेत्र को कर्नाटक के औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र से जोड़ेगी। अंतरराष्ट्रीय सीमाओं और घने वनों के निकट स्थित अलीपुरद्वार अक्सर भौगोलिक अलगाव का सामना करता रहा है। बेंगलुरु के लिए सीधी अमृत भारत एक्सप्रेस इस क्षेत्र के लोगों के लिए आर्थिक और सामाजिक सेतु का काम करेगी। पूर्वी भारत के इस नेटवर्क को पूर्ण करते हुए अलीपुरद्वार – मुंबई (पनवेल) अमृत भारत एक्सप्रेस पूर्व–पश्चिम एकीकरण का प्रतीक है। मुंबई देश का प्रमुख वाणिज्यिक केंद्र है, जबकि पनवेल एक उभरता हुआ परिवहन और लॉजिस्टिक्स हब है। उत्तर बंगाल और आसपास के क्षेत्रों के व्यापारिक यात्रियों के लिए पनवेल, मुंबई तक सीधी और आरामदायक ट्रेन यात्रा को अधिक किफायती और विश्वसनीय बनाएगी। तकनीकी दृष्टि से अमृत भारत एक्सप्रेस सुरक्षा और यात्री सुविधा पर विशेष ध्यान देती है। सेमी-ऑटोमैटिक कपलर जोड़ने के दौरान झटकों और शोर को कम करते हैं, जबकि डिफॉर्मेशन ट्यूब दुर्घटना की स्थिति में प्रभाव को अवशोषित करने में सहायक होते हैं। पुश-पुल तकनीक से परिचालन दक्षता और प्रदर्शन में सुधार होता है। यात्री-केंद्रित सुविधाओं में फोल्डेबल स्नैक टेबल, मोबाइल और बोतल होल्डर, रेडियम फ्लोर स्ट्रिप्स, आरामदायक सीटें और उन्नत बर्थ शामिल हैं। शौचालयों में इलेक्ट्रो-प्न्युमैटिक फ्लशिंग सिस्टम, ऑटोमैटिक साबुन डिस्पेंसर और अग्नि-शमन व्यवस्था है, साथ ही दिव्यांगजनों के लिए विशेष प्रावधान भी किए गए हैं। प्रत्येक यात्री के लिए फास्ट चार्जिंग पॉइंट और एक पैंट्री कार लंबी दूरी की यात्रा को और अधिक सुविधाजनक बनाती है। संचालन की विश्वसनीयता और किफायती किराए पर केंद्रित ये आधुनिक ट्रेनें भारतीय रेल के सबसे बड़े यात्री वर्ग—जो मजबूरी में, बार-बार और लंबी दूरी की यात्रा करता है—की आवश्यकताओं को पूरा करती हैं। न्यू जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार को नागरकोइल, तिरुचिरापल्ली, पनवेल (मुंबई) और बेंगलुरु से सीधे जोड़कर भारतीय रेल एक बार फिर यह रेखांकित कर रही है कि वह वास्तव में “राष्ट्र की जीवनरेखा” है।
