eksandeshlive Desk
नई दिल्ली : प्रधानमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को तिरुवनंतपुरम में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस और वाम दलों पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस केरल को अपनी नई राजनीतिक रणनीतियों की प्रयोगशाला बना रही है। केरल में कांग्रेस कट्टरपंथी तत्वों को आगे बढ़ाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज माओवादियों से भी अधिक वामपंथी और मुस्लिम लीग से भी अधिक सांप्रदायिक रुख अपना चुकी है। पार्टी के पास कोई ठोस विकास एजेंडा नहीं है। इसी कारण देशभर में लोग कांग्रेस को अब ‘एमएमसी’ यानी मुस्लिम लीग–माओवादी कांग्रेस कहने लगे हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता मोदी ने राज्य की वामदल की सरकार पर निशाना साधा और कहा कि केरल में भ्रष्टाचार ने विकास को बुरी तरह प्रभावित किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि एलडीएफ शासन में बैंकों में जमा लोगों की बचत तक सुरक्षित नहीं रही। उन्होंने कहा कि सहकारी बैंक घोटाले में गरीबों और मध्यम वर्ग की वर्षों की मेहनत की कमाई लूट ली गई।इसी के साथ उन्होंने कहा कि भगवान अयप्पा के प्रति पूरे देश की गहरी आस्था है। इसके बावजूद एलडीएफ सरकार ने सबरीमाला मंदिर की परंपराओं को नुकसान पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। अब मंदिर सेे सोना चोरी होने की खबरें सामने आ रही हैं।
एलडीएफ और कांग्रेस के कार्यकाल भ्रष्टाचार से भरे : प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि भाजपा सरकार बनते ही बैंक और मंदिरो से जुड़े आरोपों की पूरी जांच होगी और दोषियों को जेल भेजा जाएगा। उन्होंने इसे अपनी गारंटी बताया। बुनियादी ढांचे और रोजगार पर भाजपा की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि एलडीएफ और कांग्रेस के कार्यकाल भ्रष्टाचार से भरे रहे। इसके विपरीत भाजपा बुनियादी ढांचे के निर्माण के जरिए रोजगार सृजन के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार पर केंद्र की योजनाओं में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि एलडीएफ योजनाओं का विरोध कर केरल की प्रगति रोक रही है। पीएम आवास योजना (शहरी) के अगले चरण, नल से जल योजना और पीएम श्री योजना के तहत आधुनिक स्कूलों के क्रियान्वयन में जानबूझकर रुकावटें डाली जा रही हैं, जो गरीब-विरोधी कदम हैं। भाजपा नेता ने एनडीए को विकास और सुशासन का तीसरा विकल्प बताया और कहा कि गठबंधन केरल की राजनीति में विकास और सुशासन को प्राथमिकता देगा। उन्होंने कहा कि एलडीएफ और यूडीएफ दशकों से बारी-बारी सत्ता में रहे हैं और राज्य की मौजूदा समस्याओं के लिए दोनों जिम्मेदार हैं। तिरुवनंतपुरम की उपेक्षा और भाजपा के यहां निगम चुनावों में परचम लहराने को जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि वर्षों तक एलडीएफ और यूडीएफ ने राजधानी को बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखा। भाजपा की टीम ने अब विकसित तिरुवनंतपुरम की दिशा में काम शुरू कर दिया है। उन्होंने तिरुवनंतपुरम को मॉडल सिटी बनाने का संकल्प लिया। जीत का श्रेय पार्टी कार्यकर्ताओं को देते हुए उन्होंने कहा कि यह उनके लिए भावुक क्षण है। लाखों कार्यकर्ताओं की अथक मेहनत अब रंग ला रही है। उन्होंने सबसे पहले तिरुवनंतपुरम की जनता और सभी समर्थकों के प्रति सम्मानपूर्वक नमन किया।
शिक्षापत्री द्विशताब्दी समारोह स्वदेशी, सेवा और ज्ञान परंपरा को नई ऊर्जा देगा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि आज देश स्वदेशी, स्वच्छता और ‘वोकल फॉर लोकल’ जैसे जन-आंदोलनों को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि जब समाज के प्रयास इन अभियानों से जुड़ेंगे, तो शिक्षापत्री का यह द्विशताब्दी समारोह और भी यादगार बन जाएगा। प्रधानमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शिक्षापत्री द्विशताब्दी समारोह को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि भगवान स्वामी नारायण की शिक्षापत्री के 200 वर्ष पूर्ण होना हम सभी के लिए सौभाग्य का विषय है। उन्होंने भगवान स्वामी नारायण के करोड़ों अनुयायियों को द्विशताब्दी महोत्सव की शुभकामनाएं दीं। मोदी ने कहा कि भारत प्राचीनकाल से ज्ञानयोग के लिए समर्पित रहा है। वेद, उपनिषद, पुराण, श्रुति और स्मृति जैसी परंपराओं ने समय के अनुरूप समाज का मार्गदर्शन किया। अलग-अलग कालखंडों में महात्माओं और ऋषि-मुनियों ने इस परंपरा को नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि भगवान स्वामी नारायण ने अपने जीवन प्रसंगों और लोकशिक्षा के माध्यम से सरल शब्दों में जीवन का अनमोल मार्गदर्शन दिया, जो शिक्षापत्री के रूप में आज भी प्रासंगिक है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भगवान स्वामी नारायण का जीवन साधना के साथ सेवा की प्रतिमूर्ति था। आज उनके अनुयायियों द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य, किसान कल्याण और जल संरक्षण जैसे क्षेत्रों में किए जा रहे कार्य सराहनीय हैं। समाज, राष्ट्र और मानवता की सेवा के प्रति संतों और हरि भक्तों की सक्रिय भूमिका प्रेरणादायी है। मोदी ने कहा कि देश में प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण के लिए ‘ज्ञान भारतम मिशन’ शुरू किया गया है और प्रबुद्ध संगठनों से इसमें अधिक सहयोग का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि भारत के प्राचीन ज्ञान और पहचान को बचाने में यह सहयोग अहम भूमिका निभाएगा। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर देश में चल रहे ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ का भी उल्लेख किया और सभी से इस सांस्कृतिक महोत्सव से जुड़ने तथा उसके उद्देश्यों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास जताया कि भगवान स्वामी नारायण का आशीर्वाद भारत की विकास यात्रा को निरंतर मिलता रहेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने श्री नारायण धर्म संघम ट्रस्ट के संताें से की मुलाकात : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को केरल के तिरुवनंतपुरम जिले की वर्कला नगरपालिका स्थित श्री नारायण धर्म संघम ट्रस्ट, शिवगिरि मठ से जुड़े स्वामियों से मुलाकात की। सामाजिक कल्याण में उनके योगदान की सराहना की। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने समाज सेवा, शिक्षा, आध्यात्मिकता और सामुदायिक कल्याण के क्षेत्र में उनके समर्पित कार्य के लिए उनके सामाजिक ताने-बाने में स्थायी योगदान की सराहना की।प्रधानमंत्री ने कहा कि नारायण गुरु के शाश्वत आदर्शों में निहित, उनके प्रयास पूरे समाज में समानता, सद्भाव और सम्मान को बढ़ावा देने के लिए जारी हैं। उल्लेखनीय है कि श्री नारायणधर्म संघम ट्रस्ट, शिवगिरि मठ, वर्कला, संतों और संन्यासियों का एक आध्यात्मिक संगठन है जिसकी स्थापना 1904 में श्री नारायण गुरुदेव द्वारा की गई थी। गुरुदेव 19वीं शताब्दी के भारत के सबसे महान संत और समाज सुधारक हैं। शिवगिरी मठ 200 एकड़ के भू-भाग में फैला हुआ है। ये ‘एक जाति, एक धर्म, एक ईश्वर’ के आदर्श वाक्य के तहत लोगों की सेवा करते हैं। प्रत्येक वर्ष 30 दिसंबर से एक जनवरी तक शिवगिरि तीर्थयात्रा का आयोजन किया जाता है। भारत और विदेशों में लाखों लोग गुरुदेव को शांति, न्याय, प्रकाश और आध्यात्मिक उन्नति के पैगंबर के रूप में पूजते हैं।
