Eksandeshlive Desk
रांची: भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद और धानुका एग्रीटेक लिमिटेड के बीच सहयोग के तहत बिहार और झारखंड के 66 कृषि विकास केन्द्रों के माध्यम से किसानों तक वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित कृषि तकनीकों की पहुंच को मजबूती दी जा रही है। धानुका एग्रीटेक के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार डॉ. पी.के. चक्रवर्ती ने बताया कि यह सहयोग किसानों की उत्पादकता बढ़ाने और टिकाऊ कृषि को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है।
इस पहल के अंतर्गत फसल सुरक्षा, कीट एवं रोग प्रबंधन, प्रतिरोध प्रबंधन, सही छिड़काव तकनीक तथा नकली कृषि इनपुट के खिलाफ जागरूकता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस सहयोग से जुड़े प्रयासों में आईसीएआर के उप महानिदेशक (विस्तार) डॉ. राजबीर सिंह, आईसीएआर–एटीएआरआई पटना के निदेशक डॉ. अंजनी कुमार, आईसीएआर–एनआईएसए रांची के निदेशक डॉ. अभिजीत कर, रामकृष्ण मिशन आश्रम रांची के सचिव स्वामी भावेशानंद, बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर के कुलपति डॉ. इन्द्रजीत सिंह, बिधान चन्द्र कृषि विश्वविद्यालय नादिया के पूर्व कुलपति डॉ. एम.एम. अधिकारी तथा बिरसा कृषि विश्वविद्यालय रांची के कुलपति डॉ. एस.सी. दुबे शामिल रहे।
