Eksandeshlive Desk
नई दिल्ली : 77वें गणतंत्र दिवस समारोह के अंतर्गत आयोजित राष्ट्रीय स्कूल बैंड प्रतियोगिता–2026 का भव्य फिनाले शनिवार को यहां राष्ट्रीय बाल भवन में संपन्न हुआ। रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने विजेता एवं प्रतिभागी स्कूल बैंड टीमों को पुरस्कार प्रदान किए और छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि देश के युवा विकसित भारत–2047 की यात्रा के मुख्य चालक हैं और इस तरह की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व, टीम भावना और राष्ट्रभक्ति को मजबूत करती हैं। प्रतियोगिता में पीतल वाद्य बैंड (बालक), पीतल वाद्य बैंड (बालिका), पाइप बैंड (बालक) तथा पाइप बैंड (बालिका) की चार श्रेणियों में मुकाबले हुए। प्रत्येक श्रेणी में प्रथम पुरस्कार के रूप में 51 हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार 31 हजार रुपये और तृतीय पुरस्कार 21 हजार रुपये की नकद राशि, ट्रॉफी तथा प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए, जबकि शेष टीमों को 11 हजार रुपये की सांत्वना राशि दी गई। प्रतिभागियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन रक्षा मंत्रालय द्वारा नियुक्त निर्णायक मंडल ने किया, जिसमें थल सेना, नौसेना और वायु सेना के सदस्य शामिल थे।
पीतल वाद्य बैंड (बालक) श्रेणी में महाराष्ट्र के संजीवनी सैनिक स्कूल एवं कनिष्ठ महाविद्यालय, कोपरगांव ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। उत्तर प्रदेश के सिटी मोंटेसरी स्कूल, लखनऊ को द्वितीय और झारखंड के सेंट जेवियर उच्च विद्यालय, चाइबासा को तृतीय पुरस्कार मिला। इस श्रेणी में आंध्र प्रदेश और केरल के विद्यालयों को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए। पीतल वाद्य बैंड (बालिका) वर्ग में केरल की कोझिकोड स्थित प्रोविडेंस कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय ने प्रथम पुरस्कार जीतकर बालिका वर्ग में राज्य की मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। द्वितीय स्थान उत्तर प्रदेश के सेंट जोसेफ महाविद्यालय, लखनऊ को मिला, जबकि तृतीय पुरस्कार महाराष्ट्र के डॉन बॉस्को उच्च विद्यालय एवं कनिष्ठ महाविद्यालय, मुंबई ने प्राप्त किया। इस श्रेणी में त्रिपुरा के विद्यालय को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। पाइप बैंड (बालक) श्रेणी में झारखंड ने अपना दबदबा कायम रखते हुए रांची स्थित कैराली विद्यालय ने प्रथम पुरस्कार हासिल किया। द्वितीय स्थान दिल्ली के राजकीय बालक वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, बादली को मिला, जबकि तृतीय पुरस्कार छत्तीसगढ़ के द ग्रेट इंडिया सैनिक स्कूल, रायपुर ने प्राप्त किया। इस वर्ग में गुजरात और कर्नाटक के विद्यालयों को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए। पाइप बैंड (बालिका) श्रेणी में भी झारखंड का वर्चस्व रहा। रांची के कांके स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय ने प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया। द्वितीय पुरस्कार राजस्थान के प्रधानमंत्री श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, सूरतगढ़ को मिला, जबकि तृतीय स्थान दिल्ली के राजकीय सर्वोदय कन्या विद्यालय, पालम कॉलोनी ने हासिल किया। इस श्रेणी में कर्नाटक के विद्यालय को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया।
चारों प्रमुख श्रेणियों के परिणामों में झारखंड ने दो वर्गों में प्रथम स्थान प्राप्त कर प्रतियोगिता में सबसे सफल राज्य के रूप में अपनी पहचान बनाई, जबकि केरल ने विशेष रूप से बालिका वर्ग में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। वहीं दिल्ली के स्कूलों का संतुलित प्रदर्शन रहा। राष्ट्रीय स्कूल बैंड प्रतियोगिता के ग्रैंड फिनाले में दिल्ली के विद्यालयों ने भी प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराई, जहां पाइप बैंड (बालक) श्रेणी में राजकीय बालक वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, बादली ने द्वितीय स्थान और पाइप बैंड (बालिका) श्रेणी में राजकीय सर्वोदय कन्या विद्यालय, पालम कॉलोनी ने तृतीय स्थान प्राप्त कर राजधानी का गौरव बढ़ाया। अपने संबोधन में रक्षा राज्य मंत्री ने राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर नारी शक्ति की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि महिलाओं की बढ़ती भागीदारी देश को सशक्त बना रही है। कार्यक्रम में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह तथा विद्यालयी शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव संजय कुमार ने भी विद्यार्थियों के अनुशासन, समर्पण और संगीत कौशल की प्रशंसा की। प्रतियोगिता का आयोजन रक्षा मंत्रालय एवं शिक्षा मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इस वर्ष 763 विद्यालय बैंड टीमों ने राज्य स्तर पर भाग लिया, जिनमें से 94 टीमों का चयन जोनल स्तर के लिए किया गया और अंततः 30 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों की 80 टीमों, जिनमें 2,217 छात्र-छात्राएं शामिल थे, ने राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
