Eksandeshlive Desk
नई दिल्ली : यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन भारत के राजकीय दौरे पर नई दिल्ली पहुंच गई हैं। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने उनक स्वागत किया। यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा भी यहां जल्दी ही पहुंचेंगे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पोस्ट में कहा कि राजकीय यात्रा पर आयीं यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन का भारत में स्वागत है। यह दौरा भारत-यूरोपीय संघ रणनीतिक साझेदारी के नए चरण की शुरुआत है। भारत और यूरोपीय संघ दुनिया की दो सबसे बड़ी लोकतांत्रिक व्यवस्थाएं हैं, जिनकी साझेदारी आपसी विश्वास और साझा मूल्यों पर आधारित है।
उल्लेखनीय है कि इतिहास में पहली बार यूरोपीय संघ के नेता भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होंगे। इस अवसर पर ईयू का एक सैन्य दस्ता भी पहली बार कर्तव्य पथ पर परेड करेगा। 27 जनवरी को होने वाले 16वें भारत-ईयू शिखर सम्मेलन में फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। यह समझौता लगभग 2 अरब लोगों का विशाल बाजार खोलेगा, जो वैश्विक जीडीपी का लगभग एक-चौथाई हिस्सा है। इससे भारतीय टेक्सटाइल, ज्वेलरी और आईटी सेक्टर को यूरोप में व्यापक पहुंच मिलेगी। इससे पहले शनिवार सुबह यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास दिल्ली पहुंची थीं। वह रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ मिलकर एक भारत-ईयू सुरक्षा और रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर करेंगी, जिसमें समुद्री सुरक्षा, साइबर डिफेंस और आतंकवाद विरोधी अभियानों में ‘इंटेलीजेंस शेयरिंग’ शामिल होगा। मोबिलिटी फ्रेमवर्क पर भी हस्ताक्षर किए जाएंगे, जिससे भारतीयों के लिए यूरोप में काम करने के कानूनी रास्ते और आसान हो जाएंगे।
