Eksandeshlive Desk
बड़कागांव : कंपनी के शोषण के विरुद्ध बीते मंगलवार को बड़कागांव में पूर्व विधायक लोकनाथ महतो की अध्यक्षता में किसान संघर्ष समिति का गठन किया गया। बैठक सूर्य मंदिर स्थित सामुदायिक भवन में किया गया। बैठक में बड़कागांव, केरेडारी, केरिगढ़ा, लंगातु, केरी, सिकरी, चम्गढ़ा इत्यादि गावों के किसानों एवं रैयतों ने हिस्सा लिया और एक स्वर में कंपनी की गलत नीतियों एवं शोषण के खिलाफ आवाज बुलंद की। पूर्व विधायक लोकनाथ महतो ने कहा कि एनटीपीसी अपना संकल्प पत्र को लागू नहीं कर रही है। 21 अप्रैल 2015 को तत्कालीन प्रबंधक रविंद्र राठी द्वारा हजारीबाग डीसी को जो इकरार नामा पत्र दिया था उसे भी कंपनी आज तक लागू नहीं कि है, जो किसानों एवं रैयतों के साथ धोखा है।
बैठक में सर्वसहमति से समिति के अध्यक्ष पूर्व विधायक लोकनाथ महतो, उपाध्यक्ष बालेश्वर महतो, सचिव कृषि वैज्ञानिक मीनू महतो, उपसचिव लालमणि महतो, तेजन महतो, कोषाध्यक्ष देव प्रसाद, को चयन किया गया। यह निर्णय लिया गया कि कोल कंपनियों की गलत नीतियों और किसानों व रैयतों पर हो रहे शोषण के विरुद्ध आर पार की लड़ाई लड़ी जायेगी। बैठक में बताया गया कि समिति की मुख्य मांगों के तहत एनटीपीसी अपने संकल्प पत्र को लागू करें, गैर मजमजरूबा भूमि का मुआवजा रैयती के समतुल्य भुगतान करें, युवाओं को रोजगार से जोड़ा जाये एवं कट ऑफ डेट की युवाओं की मांग को पूरा करें। समिति ने यह भी निर्णय लिया कि फिलहाल सिकरी, चमगढ़ा, केरीगढ़ा, सोनबरसा लंगातु मौजा में एनटीपीसी द्वारा गैर मजरुबा भूमि का बिना मुआवजा भुगतान किए कब्जा करने के कार्य किया जा रहा है उसे जल्द रोका जाएगा। इसके लिए बहुत जल्द समिति के द्वारा एक्शन लिया जायेगा। मौके पर पूर्व विधायक लोकनाथ महतो, मीनू महतो, बालेश्वर महतो, देव प्रसाद, लालमणि महतो, प्रवीण कुमार, सिकंदर महतो, जितेंद्र कुमार महतो, संजय कुमार, सतीश कुमार, वासुदेव महतो, चुरामन महतो, परमेश्वर कुमार, मिथुन कुमार, अमलेश कुमार राम, लखन महतो समेत सैकड़ो किसान मौजूद थे।
