Eksandeshlive Desk
मॉस्को : रूस ने क्यूबा पर अमेरिका द्वारा लगाए गए नए प्रतिबंधों की तीखी निंदा करते हुए एकतरफा प्रतिबंधों को अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ बताया है। रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने शनिवार को कहा कि संयुक्त राष्ट्र और उसके चार्टर को दरकिनार कर किसी संप्रभु देश पर लगाए गए प्रतिबंध “पूरी तरह अस्वीकार्य” हैं। जखारोवा ने यह प्रतिक्रिया उस अमेरिकी कार्यकारी आदेश पर दी, जिसमें क्यूबा को तेल बेचने वाले देशों पर टैरिफ लगाने की चेतावनी दी गई है। उन्होंने कहा कि यह कदम वॉशिंगटन की क्यूबा के खिलाफ लंबे समय से चली आ रही “अधिकतम दबाव” नीति का एक और उदाहरण है, जिसका उद्देश्य कैरेबियाई देश को आर्थिक रूप से कमजोर करना है।
इस बीच क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिगेज पारिल्ला ने अमेरिका के इस फैसले को गंभीर बताते हुए “अंतरराष्ट्रीय आपात स्थिति” की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का यह आदेश न केवल क्यूबा बल्कि अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए भी खतरा है। उनके अनुसार, यह स्थिति परमाणु खतरे और जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों के बीच मानवता के अस्तित्व पर भी सवाल खड़े करती है। अमेरिकी फैसले पर मेक्सिको ने भी चिंता जताई है। मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लॉडिया शिनबाम ने कहा कि उनका देश क्यूबा की मदद के लिए वैकल्पिक रास्ते तलाशेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिकी कदम से क्यूबा में स्वास्थ्य सेवाओं और खाद्य आपूर्ति जैसी आवश्यक सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं, जिससे मानवीय संकट पैदा होने का खतरा है। मेक्सिको ने अमेरिका से इस मुद्दे पर बातचीत करने और क्षेत्रीय स्थिरता पर पड़ने वाले प्रभावों पर पुनर्विचार की मांग की है।
