फ्री वर्ल्ड ट्रेड एग्रीमेंट में भारत के हितों से कोई समझौता नहीं : पीयूष गोयल

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Eksandeshlive Desk

मुंबई : केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को मुंबई में कहा कि फ्री वर्ल्ड ट्रेड एग्रीमेंट में भारत के हितों से कोई समझौता नहीं किया गया है। इस ट्रेड एग्रीमेंट से दुनिया का 70 प्रतिशत व्यापार क्षेत्र भारत के लिए खुल गया है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री गोयल शनिवार को मुंबई स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में देश आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए बड़े आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री की पहल पर, दुनिया के 38 देशों के साथ भारत के फ्री ट्रेड एग्रीमेंट शुरू हो गए हैं और दुनिया का 70 प्रतिशत व्यापार क्षेत्र भारत के लिए खुल गया है। गोयल ने बताया कि यह एग्रीमेंट, जो भारत के लिए सबसे ज़्यादा फायदेमंद होगा। देश के सभी हितों की रक्षा करेगा और किसानों या किसी अन्य सेक्टर के हितों को नुकसान नहीं पहुंचाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी ताकत प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत के विजन को पूरा करने में रुकावट नहीं डाल पाएगी। देशहित के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में देश विकास की तेज़ गति से आगे बढ़ रहा है और आज़ादी के अमृतकाल में एक विकसित भारत का सपना साकार होगा। गोयल ने बताया कि जैसे-जैसे वैश्विक व्यापार क्षेत्र में अवसरों के द्वार भारत के लिए खुल रहे हैं, भारत को इन समझौतों से किसी भी अन्य देश की तुलना में अधिक लाभ होगा और भारत के किसानों, दूध और खाद्य पदार्थों के हितों को इस समझौते से बाहर रखकर उनकी रक्षा की जा रही है। इन समझौतों के माध्यम से अन्य क्षेत्रों के उत्पादों को दुनिया भर के नए बाजारों में प्रवेश करने का अभूतपूर्व अवसर मिलेगा, जिससे निर्यात, रोजगार और निवेश में भारी वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने मोदीजी के नेतृत्व में देश के अमृतकाल में एक विकसित भारत के मार्ग को मजबूत करने के लिए इस बजट के माध्यम से एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

भारत-अमेरिका समझौते से ऊर्जा की जरूरतें पूरी होंगी, प्रतिस्पर्धी कीमत पर मिलेगा कच्‍चा तेल: केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को यहां कहा कि भारत एवं अमेरिका के बीच हुआ अंतरिम व्यापार समझौता देश की ऊर्जा जरूरतों को भी शामिल करेगा। इससे भारत को कच्चा तेल अधिक प्रतिस्पर्धी दरों पर हासिल करने में मदद मिलेगी। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने यहां भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि इस समझौते में किसानों के सभी हितों को पूरी तरीके से सुरक्षित रखा गया है। गोयल ने कहा कि भारत और अमेरिका ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब डॉलर तक पहुंचाने की दिशा में काम करने पर सहमति जताई है और सरकार इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि समझौते के तहत प्रस्तावित 500 अरब डॉलर के व्यापार में कच्चा तेल, एलएनजी और रसोई गैस जैसी भारत की ऊर्जा जरूरतें भी शामिल होंगी। गोयल ने कहा, “भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था है और इसकी ऊर्जा मांग प्रतिवर्ष लगभग सात प्रतिशत की दर से बढ़ रही है। आयात बढ़ाने और आपूर्तिकर्ताओं की संख्या अधिक होने से कच्चा तेल अधिक प्रतिस्पर्धी कीमतों पर प्राप्त किया जा सकेगा।” उल्‍लेखनीय है कि भारत और अमेरिका ने पिछले हफ्ते एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा पर सहमति की घोषणा की थी। इसके तहत कई वस्तुओं पर आयात शुल्क में कटौती कर द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा दिया जाएगा। इस समझौते के तहत अमेरिका भारतीय वस्तुओं पर शुल्क 50 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दिया है, जबकि भारत सभी अमेरिकी औद्योगिक उत्पादों और खाद्य एवं कृषि उत्पादों की एक व्यापक शृंखला पर आयात शुल्क खत्म कर देगा या उसमें कटौती करेगा।

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