Eksandeshlive Desk
नई दिल्ली : 15 फरवरी 2026 को कोलंबो के आर.प्रेमदासा स्टेडियम में होने वाला भारत-पाकिस्तान मुकाबला सिर्फ एक ग्रुप मैच नहीं, बल्कि टी20 विश्व कप का सबसे बड़ा आकर्षण बनने जा रहा है। मैदान के बाहर महीनों तक चले उतार-चढ़ाव के बाद अब दोनों टीमें मैदान पर आमने-सामने होंगी, जहां असली जंग स्पिनरों और धैर्य की होगी।
इतिहास भारत के पक्ष में, लेकिन हालात चुनौतीपूर्ण : टी20 विश्व कप के इतिहास में भारत और पाकिस्तान के बीच अब तक 8 मुकाबले खेले गए हैं, जिनमें भारत ने 7 बार जीत दर्ज की है। पाकिस्तान की इकलौती जीत 2021 विश्व कप में आई थी। आंकड़ों में भारत का पलड़ा भारी जरूर है, लेकिन कोलंबो की परिस्थितियां इस मुकाबले को पूरी तरह संतुलित बना सकती हैं।व्यक्तिगत रिकॉर्ड की बात करें तो विराट कोहली पाकिस्तान के खिलाफ टी20 विश्व कप में सबसे सफल बल्लेबाज रहे हैं। उन्होंने 6 पारियों में 312 रन बनाए हैं, औसत 156 की—जिसमें चार अर्धशतक शामिल हैं। गेंदबाजी में इरफान पठान, हार्दिक पांड्या और हारिस रऊफ संयुक्त रूप से 6-6 विकेट के साथ शीर्ष पर हैं।
पिच रिपोर्ट: स्पिनरों का खेल : कोलंबो की पिच पारंपरिक रूप से धीमी मानी जाती है। शुरुआती ओवरों में नई गेंद से हल्की स्विंग और उछाल मिल सकती है, लेकिन जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ता है, गेंद रुककर आने लगती है। इससे बड़े शॉट लगाना मुश्किल हो जाता है और स्पिनरों की भूमिका निर्णायक बन जाती है। अब तक इस टूर्नामेंट में खेले गए मुकाबलों में देखा गया है कि पिच समय के साथ और धीमी होती जाती है। ओस का प्रभाव सीमित रहा है, लेकिन मौसम विभाग ने मैच के दिन 50 से 70 प्रतिशत बारिश की संभावना जताई है, जिससे ओवरों में कटौती की आशंका भी बनी हुई है।
पाकिस्तान की ताकत: रहस्यमयी स्पिन तिकड़ी : पाकिस्तान की सबसे बड़ी ताकत उसका मिडिल ओवर्स स्पिन अटैक है। अबरार अहमद अपनी रहस्यमयी गेंदबाजी से बल्लेबाजों को चकमा दे सकते हैं। मोहम्मदब नवाज बाएं हाथ के स्पिनर के तौर पर विविधता लाते हैं, जबकि शादाब खान की लेग-ब्रेक और गुगली मैच का रुख बदल सकती है। इसके अलावा उस्मान तारिक का अनोखा स्लिंग-आर्म एक्शन बल्लेबाजों के लिए शुरुआती ओवरों में मुश्किल खड़ी कर सकता है। भारत के खिलाफ उनका पहला स्पेल काफी अहम साबित हो सकता है।
भारत की रणनीति: संतुलन और अनुभव : भारत ने अब तक टूर्नामेंट में धीमी पिचों पर जीत दर्ज की है, जिससे टीम को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में खेलने का अनुभव मिला है। कप्तान सूर्यकुमार यादव की आक्रामक सोच के साथ हार्दिक पांड्या, अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर जैसे ऑलराउंडर टीम को संतुलन देते हैं। पिच की प्रकृति को देखते हुए भारत वरुण चक्रवर्ती और कुलदीप यादव दोनों को अंतिम एकादश में शामिल कर सकता है। जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह नई गेंद से शुरुआती सफलता दिलाने में अहम भूमिका निभाएंगे। हालांकि, अभिषेक शर्मा की फिटनेस पर संशय है। अगर वे उपलब्ध नहीं होते हैं तो संजू सैमसन को मौका मिल सकता है।
टॉस और मौसम की भूमिका : कोलंबो में रात के समय हल्की ओस की संभावना रहती है, जिससे टॉस जीतने वाला कप्तान पहले गेंदबाजी का फैसला कर सकता है। बारिश की आशंका मुकाबले को और रोमांचक बना सकती है, क्योंकि कम ओवरों के मैच में हर गेंद की कीमत बढ़ जाती है।
क्या होगा निर्णायक? : इस मुकाबले की असली कुंजी मिडिल ओवर्स में छिपी है। जो टीम स्पिन के खिलाफ बेहतर स्ट्राइक रोटेशन और जोखिम का संतुलन बनाए रखेगी, वही बढ़त हासिल करेगी। भारत का अनुभव और रिकॉर्ड उसके पक्ष में है, लेकिन पाकिस्तान की स्पिन तिकड़ी और संतुलित आक्रमण मुकाबले को 50-50 बना देता है। क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि भावनाओं और इतिहास की टक्कर है। 15 फरवरी की शाम को कोलंबो में जो भी टीम दबाव को बेहतर संभालेगी, वही इस महामुकाबले की असली विजेता बनेगी।
दोनों टीमों की संभावित प्लेइंग 11…भारत: सूर्यकुमार यादव (कप्तान),अभिषेक शर्मा / संजू सैमसन, ईशान किशन (विकेटकीपर),तिलक वर्मारिंकू सिंह / शिवम दुबे, हार्दिक पांड्या, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर / कुलदीप यादव, वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह। पाकिस्तान : सलमान अली आगा (कप्तान), सैम अयूबसाहिबजादा फरहान,(विकेटकीपर), बाबर आजमउस्मान खान, शादाब खान, मोहम्मद नवाज शाहीन शाह अफरीदी, नसीम शाह, उस्मान तारिक, अबरार अहमद।
