Eksandeshlive Desk
गयाजी : सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित जी की पावन छत्रछाया में बिहार एवं झारखंड के प्रादेशिक निरंकारी संत समागम का आयोजन 7 एवं 8 मार्च 2026 को बाजार समिति चन्दौती के निकट, हाउसिंग बोर्ड ग्राउंड, गयाजी, बिहार परिसर के विशाल मैदानों में किया जा रहा है। इस दिव्य आध्यात्मिक समागम का मुख्य उद्देश्य सत्य का बोध प्राप्त कर आत्ममंथन के माध्यम से जीवन के वास्तविक लक्ष्य की ओर अग्रसर होना तथा समाज में प्रेम, भाईचारा, शांति एवं सौहार्द का वातावरण स्थापित करना है। लगभग 35 एकड़ के विशाल प्रांगण में आयोजित हो रहे इस भव्य आयोजन की तैयारियों हेतु स्वैच्छिक सेवाओं का विधिवत शुभारम्भ सतगुरु माता जी के निर्देशानुसार संत निरंकारी मंडल के मेम्बर इंचार्ज, प्रचार प्रसार मनमोहन छाबरा के करकमलों द्वारा भूमि पर फावड़ा चलाकर किया गया। इसकी शुरुआत सतगुरु के जयघोष एवं निरंकार प्रभु के प्रति सामूहिक प्रार्थना से हुई। इस अवसर पर हजारों की संख्या में उपस्थित निरंकारी सेवादल स्वयंसेवकों ने सतगुरु प्रार्थना का सामूहिक गायन कर वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत कर दिया।
इस अवसर पर संत निरंकारी सेवादल के उपमुख्य संचालक (अडमिनिस्ट्रेशन) दिलीप कुमार, गयाजी एवं रांची जोन के जोनल इंचार्ज आर. के. सिंह, बिहार एवं झारखंड के सभी जोनल इंचार्ज तथा समस्त बिहार एवं झारखंड के सेवादल क्षेत्रीय संचालक विशेष रूप से उपस्थित रहे। समारोह में गयाजी सहित सभी जोन से आए हजारों श्रद्धालु भक्तों एवं सेवादल स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। स्वैच्छिक सेवाओं के उद्घाटन अवसर पर आदरणीय मोहन छाबड़ा जी ने फरमाया कि यह संत समागम गयाजी नगर के लिए एक ऐतिहासिक क्षण सिद्ध होगा। सतगुरु माता जी की असीम अनुकम्पा से हमें यह विशेष सेवा का अवसर प्राप्त हुआ है, जहां हम अपने सेवा रूपी बीज को बोकर सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज की विशेष रहमतों के भागीदार बन सकते हैं। इस दिव्य आयोजन को पूर्णतः सफल बनाने के उद्देश्य से बिहार एवं झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों से निरंकारी सेवादल के स्वयंसेवक एवं हजारों श्रद्धालु भक्त आगामी दिनों में भक्तिभाव एवं तन्मयता के साथ समागम स्थल पर उपस्थित होकर निष्काम सेवाओं के माध्यम से समागम की तैयारियों में सक्रिय योगदान देते रहेंगे। जोनल इंचार्ज ने सभी को आंमत्रित करते हुए कहा कि आप सभी इस महायज्ञ में आये और इस पावन अवसर के साक्षी बने।
