Eksandeshlive Desk
नई दिल्ली : भारत ने इंडिया एआई इम्पैक्ट सम्मिट में आयोजित एक समारोह में पैक्स सिलिका गठबंधन में शामिल होने के समझौते पर हस्ताक्षर किए। दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में एआई संचालित वैश्विक अर्थव्यवस्था को शक्ति देने वाले संपूर्ण तकनीकी ढांचे को सुरक्षित करने की साझा प्रतिबद्धता दोहराई गई। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यहां भारत मंडपम में इंडिया एआई इंपैक्ट सम्मिट के पांचवें दिन इस समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद कहा कि यह केवल एक औपचारिक हस्ताक्षर नहीं है, बल्कि भविष्य निर्माण का क्षण है। स्वतंत्रता के बाद से भारत की वृद्धि को देखें तो कंपाउंडिंग ग्रोथ की ताकत स्पष्ट होती है। आज भारत के इंजीनियर दुनिया के सबसे उन्नत दो-नैनोमीटर चिप डिजाइन कर रहे हैं और सेमीकंडक्टर उद्योग को लगभग दस लाख नए पेशेवरों की आवश्यकता होगी, जो भारत के लिए बड़ा अवसर है।
अमेरिका के आर्थिक वृद्धि, ऊर्जा और पर्यावरण मामलों के अवर सचिव जैकब हेलबर्ग ने इस घोषणा को साझा भविष्य का रोडमैप बताया। उन्होंने कहा कि पैक्स सिलिका पर हस्ताक्षर करके भारत और अमेरिका ने यह संदेश दिया है कि आर्थिक सुरक्षा ही राष्ट्रीय सुरक्षा है। हम भविष्य की संपूर्ण तकनीकी श्रृंखला को सुरक्षित कर रहे हैं। धरती के भीतर खनिजों से लेकर प्रयोगशालाओं और फैब्स में सिलिकॉन वेफर्स तक और उस बुद्धिमत्ता तक जो मानव क्षमता को उजागर करेगी। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भारत की भागीदारी को रणनीतिक और आवश्यक बताया। पैक्स सिलिका 21वीं सदी की आर्थिक और तकनीकी व्यवस्था को परिभाषित करेगा। यह खनिज खदानों से लेकर चिप निर्माण फैब्स और डेटा सेंटर तक पूरी सिलिकॉन श्रृंखला को सुरक्षित करने के लिए बनाया गया है। यह गठबंधन इस सवाल का जवाब है कि क्या स्वतंत्र समाज वैश्विक अर्थव्यवस्था की ऊंचाइयों पर नियंत्रण रखेंगे। हम स्वतंत्रता चुनते हैं, साझेदारी चुनते हैं और ताकत चुनते हैं। सर्जियो गोर ने कहा कि एआई क्रांति भविष्य में नहीं, बल्कि आज ही मौजूद है। गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने भी इस पहल का स्वागत किया और कहा कि पैक्स सिलिका सुरक्षित सप्लाई चेन और प्रमुख तकनीकों में व्यावसायिक साझेदारी को बढ़ावा देगा। उन्होंने कहा कि हालिया व्यापार समझौते के साथ यह पहल अमेरिका–भारत टेक साझेदारी के लिए मजबूत आधार तैयार करेगी और दोनों देशों को इस समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए बधाई दी।
हस्ताक्षर समारोह के बाद आयोजित उच्च स्तरीय फायरसाइड चैट में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी सचिव एस कृष्णन, अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर, माइक्रोन टेक्नोलॉजी के सीईओ संजय मेहरोत्रा और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के सीईओ एवं एमडी रंधीर ठाकुर ने एआई महत्वाकांक्षा और सेमीकंडक्टर लचीलापन पर रणनीतिक विषयों पर चर्चा की। एस कृष्णन ने कहा कि भारत का लक्ष्य भरोसेमंद साझेदारों के साथ लचीला सहयोग है, जिससे भारत भविष्य की वैश्विक तकनीकी व्यवस्था में अपनी जगह सुनिश्चित कर सके। पैक्स सिलिका की घोषणा में कहा गया है कि हम साझा समृद्धि, तकनीकी प्रगति और आर्थिक सुरक्षा के लिए मिलकर काम करेंगे। भरोसेमंद सप्लाई चेन और सुरक्षित एआई सिस्टम भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी हैं। एआई की तेज प्रगति वैश्विक अर्थव्यवस्था और सप्लाई चेन को बदल रही है और इससे ऊर्जा, खनिज, विनिर्माण, हार्डवेयर, इंफ्रास्ट्रक्चर और नए बाजारों में बड़े अवसर बनेंगे। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के अनुसार पैक्स सिलिका एआई और सप्लाई चेन को सुरक्षित करने का एक प्रमुख प्रयास है। इसका पहला शिखर सम्मेलन 12 दिसंबर, 2025 को वाशिंगटन में हुआ था, जहां भागीदार देशों ने पैक्स सिलिका घोषणा पर हस्ताक्षर किए थे। ‘पैक्स’ शब्द ऐतिहासिक रूप से शांति, स्थिरता और समृद्धि का प्रतीक है।
