Eksandeshlive Desk
नई दिल्ली/हैदराबाद/कोलकाता : दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने आबकारी नीति मामले में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक व पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया सहित सभी 23 आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है। अदालत के फैसले के बाद अरविंद केजरीवाल पत्रकारों से संबोधित करते हुए भावुक हो गए और कहा कि सत्य की जीत हुई है। उन्होंने कहा, “मैं भ्रष्ट नहीं हूं। अदालत ने कहा है कि केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ईमानदार हैं।” सिसोदिया ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि हमें एक बार फिर अपने संविधान और बीआर अंबेडकर पर गर्व है, जिन्होंने हमें ऐसा संविधान दिया। सत्य की एक बार फिर जीत हुई है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि सच की हमेशा जीत होती है। ‘आआपा’ सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को दिल्ली की अदालत द्वारा शराब घोटाले मामले में बरी कर दिया गया है। अदालत के इस फैसले ने सच्चाई को सबके सामने ला दिया है। समय के साथ बाकी सभी मामलों की सच्चाई भी सामने आ जाएगी। आआपा सांसद संजय सिंह ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कहा कि अदालत ने हमारे नेताओं को बरी कर दिया, ये साबित हो गया की देश की सत्ता पर एक खतरनाक षड्यंत्रकारी राज कर रहा है। जिसने साजिश रच कर केजरीवाल और सिसोदिया को बदनाम किया। केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन पूरी ईमानदारी से जिया है, उनका एक ही लक्ष्य है कि भारत खूब तरक्की करे। लेकिन इन लोगों ने सत्ता के लालच में हमारे ऊपर तमाम झूठे आरोप लगाए, केजरीवाल और उनके साथियों को बदनाम और परेशान किया। इस मुश्किल समय में जिन लोगों ने हमारा साथ दिया, मैं उनका धन्यवाद करती हूं।
दिल्ली शराब नीति मामले में के. कविता बरी, बोलीं-‘सत्यमेव जयते’, सच की हुई जीत : दिल्ली शराब नीति मामले में अदालत से बरी होने के बाद तेलंगाना जागृति की अध्यक्ष और पूर्व सांसद के. कविता ने शुक्रवार को कहा कि उन्हें देश की न्यायपालिका पर पूरा विश्वास है। उन्होंने यह बयान उस समय दिया, जब दिल्ली की एक अदालत ने कथित दिल्ली शराब नीति घोटाला मामले में उन्हें बरी कर दिया। आबकारी नीति से जुड़े इस बहुचर्चित मामले में तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) की पुत्री के रूप में आरोपों का सामना कर रहीं कविता को अदालत से राहत मिलने के बाद उन्होंने फैसले का स्वागत करते हुए ‘सत्यमेव जयते’ कहा। मीडिया से बातचीत में कविता ने दावा किया कि पूरा मामला राजनीतिक प्रतिशोध के तहत उन्हें फंसाने की साजिश था। उन्होंने कहा कि शुरुआत से ही उन्होंने तेलंगाना की जनता से भरोसा जताया था कि सच की जीत होगी और वह बेदाग साबित होंगी। कविता ने कहा, “मैं लगातार कहती रही हूं कि मैं धुले हुए मोती की तरह बाहर निकलूंगी और आज सच सामने आ गया है। इस मामले के कारण मुझे और मेरे परिवार को कई महीनों तक मानसिक पीड़ा झेलनी पड़ी।” उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं को परेशान करने के लिए जांच एजेंसियों का दुरुपयोग किया गया और अदालत के फैसले से पहले ही उनके खिलाफ गलत धारणाएं बनाई गईं। अदालत का फैसला आने के बाद कविता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भी ‘सत्यमेव जयते’ लिखकर अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने कठिन समय में साथ देने वाले समर्थकों और शुभचिंतकों का आभार जताते हुए कहा कि अब वह पहले से अधिक ऊर्जा के साथ जनता की सेवा करेंगी।
दिल्ली शराब नीति मामले में दिल्ली कोर्ट के फैसले के बाद तृणमूल का भाजपा पर हमला : दिल्ली की एक अदालत द्वारा आम आदमी पार्टी की कथित आबकारी नीति से जुड़े मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को आरोपों से मुक्त किए जाने के फैसले का तृणमूल कांग्रेस ने स्वागत किया है और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। तृणमूल कांग्रेस के सांसद सकेत गोखले ने अदालत के निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह मामला राजनीतिक रूप से प्रेरित था और विपक्षी नेताओं की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से तैयार किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जैसी एजेंसियों का दुरुपयोग किया, जो अब उजागर हो चुका है। लाेकसभा में तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा ने भी अरविंद केजरीवाल को बधाई देते हुए भाजपा की कार्यप्रणाली की आलोचना की। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों को चुनाव से पहले निशाना बनाना लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुकूल नहीं है। तृणमूल कांग्रेस लगातार यह आरोप लगाती रही है कि भाजपा चुनावी समय में केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर विपक्षी नेताओं पर दबाव बनाने की कोशिश करती है।
भाजपा ने कहा-सबूतों के अभाव में बरी हुए केजरीवाल : वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आम आदमी पार्टी (आआपा) के संयोजक अरविंद केजरीवाल को आबकारी घोटाले के सीबीआई से संबंधित मामले में बरी किए जाने पर कहा कि अदालत ने सबूतों के अभाव में उन्हें बरी किया है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने गुरुवार को पार्टी कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यह एक तकनीकी मामला है और इसमें सैकड़ों मोबाइल फोन और सिम कार्ड नष्ट किए गए। सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि केजरीवाल सबूतों के अभाव में अदालत से बरी हुए हैं। सभी लोग जानते हैं कि सबूतों को नष्ट करने के लिए 173 मोबाइलों को नष्ट किया गया। भाजपा के नेता हर समय सबूतों को नष्ट करने के बात कहते रहे। आआपा नेताओं की सच्चाई दिल्ली की जनता जानती है, इसलिए उन्होंने सजा देकर आआपा को सत्ता से बाहर किया। तिवारी ने कहा कि कानून को सबूत नष्ट करके ज्यादा देर तक भ्रमित नहीं कर सकते हैं। सीबीआई उच्च अदालत जा रही है और दिल्ली को लूटने वाले भ्रष्टाचारियों को सजा जरूर मिलेगी। अगर आबकारी नीति में कोई भ्रष्टाचार नहीं हुआ था तो उसे केजरीवाल ने हटाया क्यों ? उच्चतम न्यायालय ने भी इस मामले में केजरीवाल को मुख्यमंत्री के तौर पर फाइलों पर साइन करने से रोक था। दिल्ली की जनता केजरीवाल की सच्चाई जानती है।
