Eksandeshlive Desk
कोलकाता : पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के जंगीपुर क्षेत्र में राम नवमी शोभायात्रा को लेकर हुई हिंसा मामले में पुलिस ने अब तक 30 लोगों को गिरफ्तार किया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने शनिवार को बताया कि राज्य पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र बलों की संयुक्त कार्रवाई के बाद स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार को हुई झड़पों के दौरान क्षेत्र का माहौल कुछ समय के लिए युद्ध जैसी स्थिति में बदल गया था। इस दौरान कई लोग घायल हुए, जिनमें से कुछ का अभी भी स्थानीय अस्पताल में उपचार चल रहा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, स्थिति सामान्य होने के बाद राज्य पुलिस और केंद्रीय बलों की संयुक्त टीमों ने हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू की। शुक्रवार शाम से लेकर शनिवार शाम तक 30 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
पुलिस ने बताया कि हिंसा में शामिल अन्य लोगों की तलाश के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। इस मामले में कई प्राथमिकी दर्ज की गई हैं, जिनमें पुलिस की ओर से स्वतः संज्ञान लेकर दर्ज किया गया मामला भी शामिल है। संवेदनशील इलाकों में केंद्रीय बलों की लगातार गश्त जारी है और फ्लैग मार्च भी किया जा रहा है ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे। वहीं, घटना को गंभीरता से लेते हुए निर्वाचन आयाेग ने राज्य के पुलिस महानिदेशक से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। एक जिला पुलिस अधिकारी ने बताया कि समय पर हस्तक्षेप, रात भर गश्त और त्वरित गिरफ्तारियों के कारण शनिवार सुबह से इलाके में स्थिति काफी सामान्य हो गई है। बाजार खुल गए हैं और जनजीवन धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहा है। हालांकि, एहतियात के तौर पर संवेदनशील क्षेत्रों में निषेधाज्ञा लागू है और एक स्थान पर अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक लगाई गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस घटना के लिए चुनाव प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर किए गए प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के तबादलों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने एक चुनावी सभा में कहा कि अगर पहले से तैनात और क्षेत्र की परिस्थितियों से परिचित अधिकारी मौजूद रहते तो ऐसी स्थिति नहीं बनती। वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि इस वर्ष राम नवमी शोभायात्राओं के दौरान हिंसा की घटनाएं पहले की तुलना में कम हुई हैं। उन्होंने इसका श्रेय चुनाव प्रक्रिया के दौरान अनुभवी और निष्पक्ष अधिकारियों की तैनाती को दिया। उन्होंने कहा कि पहले जो अधिकारी पक्षपात के आरोपों में घिरे थे, उनकी जगह अधिक अनुभवी अधिकारियों की नियुक्ति से कानून व्यवस्था की स्थिति में सुधार हुआ है। फिलहाल, प्रशासन का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है।
