Eksandeshlive Desk
नई दिल्ली : इलाहाबाद उच्च न्यायालय के जज जस्टिस वर्मा ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया है। जस्टिस वर्मा ने अपना त्यागपत्र राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को भेजा है। जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग की कार्रवाई शुरू हो चुकी है। लोकसभा स्पीकर ने इस मामले में जजेज इन्क्वायरी एक्ट के तहत जांच कमेटी कमेटी गठित कर दी है। लोकसभा स्पीकर की ओर से इन्क्वायरी के आदेश को जस्टिस वर्मा ने उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी थी। उच्चतम न्यायालय ने जस्टिस वर्मा की याचिका खारिज कर दी थी।
उच्चतम न्यायालय ने 22 मार्च, 2025 को इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच कमेटी के गठन का आदेश दिया था। जांच कमेटी में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस शील नागू, हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस जीएस संधावालिया और कर्नाटक उच्च न्यायालय के जज जस्टिस अनु शिवरामन शामिल थे। जस्टिस यशवंत वर्मा जब दिल्ली उच्च न्यायालय के जज थे तब उनके घर पर 14 मार्च, 2025 को आग लगने के बाद अग्निशमन विभाग ने कैश बरामद किया था।
