उपायुक्त व एसएसपी ने किया केन्दुआडीह का भू-धंसान स्थल निरीक्षण, डेंजर जोन खाली कराने पर जोर

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डेंजर जोन में रहने वालों से तत्काल बेलगड़िया शिफ्ट होने की अपील, थाना भी होगा स्थानांतरित

Eksandeshlive Desk

धनबाद/केंदुआ : भू-धंसान और जहरीली गैस रिसाव की भयावह स्थिति के बीच प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। गुरुवार को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन तथा वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने केन्दुआडीह क्षेत्र का विस्तृत भ्रमण कर हालात का जायजा लिया। इस दौरान उनके साथ बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सबसे पहले अधिकारियों ने अग्नि एवं भू-धंसान से प्रभावित धनबाद–बोकारो मुख्य मार्ग का निरीक्षण किया, जिसे सुरक्षा कारणों से पहले ही बंद कर दिया गया है। इसके बाद टीम गैस रिसाव स्थल पहुंची, जहां स्थिति की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कदम उठाने पर चर्चा की गई। तत्पश्चात केन्दुआडीह थाना में बीसीसीएल प्रबंधन, महाप्रबंधकों और अन्य अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर पूरे मामले की समीक्षा की गई।

बैठक के बाद उपायुक्त आदित्य रंजन ने स्पष्ट कहा कि डेंजर जोन में रह रहे परिवारों को सुरक्षित स्थान बेलगड़िया में शिफ्ट करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि झरिया मास्टर प्लान 2.0 के तहत प्रभावित परिवारों को बेलगड़िया में दो-दो फ्लैट दिए जा रहे हैं। इसके साथ ही वहां रोजगार के लिए कौशल विकास केंद्र, बिजली, पानी, सोलर स्ट्रीट लाइट, बस सेवा, ई-रिक्शा, विद्यालय, हेल्थ सेंटर और रानी रोड के चौड़ीकरण जैसी सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। आने वाले समय में यह क्षेत्र एक आधुनिक और सुव्यवस्थित नगर के रूप में विकसित होगा। उपायुक्त ने बताया कि वर्तमान में 535 प्रभावित परिवारों की सूची तैयार की गई है, हालांकि कुछ परिवार सर्वे से छूट गए हैं, जिन्हें शामिल करने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि प्रशासन हर प्रभावित परिवार की सुरक्षा को लेकर गंभीर है, लेकिन कुछ स्वार्थी तत्व लोगों को गुमराह कर डेंजर जोन में ही रहने के लिए उकसा रहे हैं, जो बेहद खतरनाक है। उन्होंने सभी परिवारों से तत्काल बेलगड़िया शिफ्ट होने की अपील की।

एसएसपी प्रभात कुमार ने भी सुरक्षा के दृष्टिकोण से लोगों से प्रशासन का सहयोग करने की अपील की और कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रभावित क्षेत्र में लगातार खतरा बढ़ रहा है और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए समय रहते कदम उठाना जरूरी है। बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने बताया कि भूमिगत आग के कारण गैस रिसाव को पूरी तरह नियंत्रित करना संभव नहीं है और समय के साथ इसका दायरा बढ़ेगा। आईआईटी (आईएसएम), खान सुरक्षा महानिदेशालय (डीजीएमएस) और सिंफर जैसी तकनीकी संस्थाओं ने भी इस क्षेत्र को पूर्णतः डेंजर जोन घोषित किया है। ऐसे में प्रभावितों का पुनर्वास ही एकमात्र सुरक्षित विकल्प है। धनबाद–बोकारो सड़क को लेकर उपायुक्त ने आम लोगों से वैकल्पिक मार्ग का प्रयोग करने का अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि एनएचएआई और आरसीडी नई सड़क के निर्माण और वैकल्पिक मार्ग के आकलन में जुटे हैं, क्योंकि वर्तमान सड़क अब उपयोग के योग्य नहीं रही। भू-धंसान के प्रभाव को देखते हुए केन्दुआडीह थाना को भी स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया है। उपायुक्त ने बताया कि सोमवार तक थाना को केंदुआ स्थित बीएसएनएल के पुराने टेलीफोन एक्सचेंज भवन में शिफ्ट कर दिया जाएगा। अधिकारियों ने बैठक के बाद उक्त स्थल का भी निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त आशीष कुमार गंगवार, माडा के तकनीकी सदस्य सह कार्यपालक अभियंता मयंक कुमार, सचिव प्रभात कुमार सहित अन्य अधिकारियों ने माडा की मुख्य पाइपलाइन—18 इंच राइजिंग लाइन और 14 व 12 इंच डिस्ट्रीब्यूशन लाइन—को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने और किसी भी संभावित क्षति की स्थिति में त्वरित कार्रवाई की तैयारियों की समीक्षा की। यह पाइपलाइन हजारों लोगों की जलापूर्ति की लाइफलाइन है, इसलिए इसकी सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। इस दौरान निदेशक तकनीकी (संचालन) संजय कुमार सिंह, पुटकी बलिहारी क्षेत्र के महाप्रबंधक, अंचल अधिकारी विकास आनंद, डीएसपी (लॉ एंड ऑर्डर) नौशाद आलम, केन्दुआडीह थाना प्रभारी सहित जिला प्रशासन, पुलिस और बीसीसीएल के कई अधिकारी मौके पर उपस्थित रहे।

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