इबोला का खौफ : भारत-अफ्रीफा शिखर सम्मेलन स्थगित, हवाई अड्डों पर विशेष एडवाइजरी जारी, अमेरिका में प्रतिबंधों का पालन न होने से सनसनी

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Eksandeshlive Desk

नई दिल्ली/वाशिंगटन : भारत और अफ्रीकी संघ ने अफ्रीका के कुछ देशों में इबोला के प्रकोप को देखते हुए दिल्ली में 28 से 31 मई तक प्रस्तावित चौथे भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन को स्थगित कर दिया है। इसकी नई तारीख आपसी विचार-विमर्श के बाद घोषित की जाएगी। केंद्र सरकार ने इबोला वायरस को लेकर हवाई अड्डों पर विशेष एडवाइजरी जारी की है। वहीं अमेरिका में इबोला को लेकर खौफ साफ-साफ नजर आने लगा है। इस वजह से पेरिस से बुधवार को डेट्रॉइट (मिशिगन) जा रही एयर फ्रांस की एक उड़ान (फ्लाइट) को मॉन्ट्रियल (कनाडा) की ओर मोड़ना पड़ा। दरअसल इस उड़ान में इबोला के प्रकोप से जुड़ी अमेरिकी प्रतिबंधों का पालन न होने से सनसनी फैल गई। इस उड़ान के यात्रियों में से एक के डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो का होने की भनक लगते ही सबके हाथ-पांव फूल गए।

अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल’ घोषित : अफ्रीकी संघ के साथ संयुक्त बयान में विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी। इसमें कहा गया है कि अफ्रीकी नेताओं और हितधारकों की पूर्ण भागीदारी और सहभागिता सुनिश्चित करने के महत्व को पहचानते हुए और महाद्वीप में उभरती सार्वजनिक स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखते हुए शिखर सम्मेलन और संबंधित गतिविधियों के आयोजन के संबंध में भारत सरकार अफ्रीकी संघ के अध्यक्ष और अफ्रीकी संघ आयोग के बीच परामर्श किया गया। इन परामर्शों के बाद दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए कि चौथे भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन का आयोजन बाद में करना उचित होगा। शिखर सम्मेलन और इससे संबंधित बैठकों की नई तिथियों को आपसी विचार-विमर्श के माध्यम से अंतिम रूप दिया जाएगा और उचित समय पर सूचित किया जाएगा। बयान में कहा गया है दोनों पक्षों ने अफ्रीका के विभिन्न हिस्सों में स्वास्थ्य संबंधी बदलती स्थिति पर विचारों का आदान-प्रदान किया और निरंतर सहयोग के महत्व को दोहराया। इसके अलावा भारत ने अफ्रीका के लोगों और सरकारों के साथ अपनी एकजुटता की पुष्टि की और अफ्रीका सीडीसी के नेतृत्व वाले प्रयासों में योगदान देने की अपनी तत्परता व्यक्त की। उल्लेखनीय है कि इबोला को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल’ घोषित किया है। हालांकि अभी इसे महामारी का दर्जा नहीं दिया गया है। अफ्रीकी देशों- कांगो, युगांडा और साउथ सूडान में इसके कई मामले सामने आए हैं।

इबोला वायरस को लेकर हवाई अड्डे पर अलर्ट, केंद्र ने जारी किए विशेष निर्देश : केंद्र सरकार ने इबोला वायरस को लेकर हवाई अड्डों पर विशेष एडवाइजरी जारी की है। इसमें कहा गया है कि प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों में यदि इबोला से जुड़े लक्षण दिखाई दें तो तुरंत कार्रवाई की जाए। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत निदेशालय स्वास्थ्य सेवाएं (डीजीएचएस) ने गुरुवार को यहां इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए जारी परामर्श में यात्रियों को स्पष्ट रूप से बताया है कि उच्च जोखिम वाले देश कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान से आने वाले या वहां से होकर गुजरने वाले यात्रियों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। डीजीएचएस के परामर्श में बताया गया कि यदि किसी यात्री में बुखार, कमजोरी या थकान, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, उल्टी, दस्त या अज्ञात रक्तस्राव जैसे लक्षण दिखाई दें तो उसे तुरंत एयरपोर्ट स्वास्थ्य अधिकारी या हेल्थ डेस्क को रिपोर्ट करना चाहिए और यह रिपोर्टिंग इमिग्रेशन क्लियरेंस से पहले करनी होगी। एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि जिन यात्रियों का इबोला रोगी के रक्त या शारीरिक तरल पदार्थों से सीधा संपर्क हुआ है, उन्हें तुरंत स्वास्थ्य अधिकारियों को सूचित करना चाहिए। साथ ही ऐसे यात्रियों को आगमन के बाद 21 दिनों तक स्वयं निगरानी करनी चाहिए और यदि कोई लक्षण विकसित हों तो तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।

एयर फ्रांस की फ़्लाइट कांगो के यात्री की वजह से कनाडा डायवर्ट : सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, इस संबंध में अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा सीबीपी) के एक प्रवक्ता ने कहा कि इसमें एयर फ्रांस की गलती है। एयर फ्रांस ने उस यात्री को गलती से अमेरिका जाने वाले अपने विमान में बैठा लिया था। उन्होंने कहा कि इबोला वायरस के जोखिम को कम करने के लिए उड़ानों के लिए प्रतिबंध लागू किए गए हैं। इनके अनुसार उस यात्री को विमान में सवार नहीं होना चाहिए था। इस वजह से उड़ान को डेट्रॉइट मेट्रोपॉलिटन वेन काउंटी एयरपोर्ट पर उतरने से रोक दिया गया। इसके बाद उड़ान को कनाडा के मॉन्ट्रियल की ओर मोड़ दिया गया। सीबीपी प्रवक्ता यह नहीं बता पाए कि वह व्यक्ति आखिरी बार कांगो में कब था। और क्या उसमें इबोला वायरस के लक्षण दिखाई दे रहे थे। फ़्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट फ्लाइट अवेयर के अनुसार, पेरिस-चार्ल्स डी गॉल इंटरनेशनल एयरपोर्ट से चली एयर फ्रांस की फ़्लाइट 378 मॉन्ट्रियल ट्रूडो इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शाम 5:15 बजे (पूर्वी समय) पर उतरी। कांगो से आए उस यात्री की स्थिति के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई। यह भी साफ नहीं था कि बाकी यात्रियों को लेकर यह फ़्लाइट आगे डेट्रॉइट जाएगी या नहीं। संघीय अधिकारियों ने सोमवार को घोषणा की थी कि जिन लोगों के पास अमेरिका का पासपोर्ट नहीं है और जिन्होंने पिछले तीन हफ्तों में कांगो, युगांडा या दक्षिण सूडान की यात्रा की है, उन्हें देश में प्रवेश करने से रोक दिया जाएगा।

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