Eksandeshlive Desk
लातेहार : लातेहार के पुलिस अधीक्षक (एसपी) कुमार गौरव को मिली गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने प्रतिबंधित नक्सली संगठन झारखंड जनमुक्ति परिषद (जेजेएमपी) के दो कुख्यात नक्सलियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की पकड़ में आए नक्सलियों में 5 लाख रुपये का इनामी सब-जोनल कमांडर शिवनारायण सिंह उर्फ शिवा और एरिया कमांडर शुकुलदेव उरांव शामिल हैं। गिरफ्तार दोनों नक्सली लातेहार जिले के ही निवासी बताए जा रहे हैं। एसपी कुमार गौरव ने शनिवार को आयोजित प्रेसवार्ता में बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि दोनों नक्सली लातेहार थाना क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में सक्रिय रूप से घूम रहे हैं और किसी बड़ी आपराधिक गतिविधि की योजना बना सकते हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए लातेहार थाना प्रभारी प्रमोद कुमार सिन्हा के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया और तत्काल छापेमारी अभियान शुरू किया गया।
पुलिस के अनुसार, जब टीम धनकरा मोड़ के पास पहुंची, तो वहां मौजूद दो संदिग्ध व्यक्तियों ने पुलिस को देखते ही भागने का प्रयास किया। हालांकि, सतर्क पुलिस बल ने तेजी दिखाते हुए इलाके की घेराबंदी कर दोनों को मौके पर ही पकड़ लिया। पूछताछ और प्रारंभिक पहचान के बाद यह स्पष्ट हुआ कि गिरफ्तार दोनों व्यक्ति जेजेएमपी के सक्रिय सदस्य शिवनारायण सिंह उर्फ शिवा और शुकुलदेव उरांव हैं। एसपी ने बताया कि शिवनारायण सिंह लंबे समय से पुलिस के लिए वांछित था और उसके खिलाफ लातेहार, चतरा और रांची जिलों के विभिन्न थानों में 24 से अधिक नक्सली हिंसा और आपराधिक मामलों में केस दर्ज हैं। वह संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए कई हिंसक घटनाओं और उग्रवादी गतिविधियों में शामिल रहा है। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार नक्सलियों से पूछताछ में संगठन के अन्य सदस्यों, उनके ठिकानों और गतिविधियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने की उम्मीद है। इस आधार पर आगे की कार्रवाई तेज कर दी गई है और क्षेत्र में अन्य संभावित नक्सली ठिकानों पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है। एसपी कुमार गौरव ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि क्षेत्र में सक्रिय अन्य नक्सलियों के पास आत्मसमर्पण ही एकमात्र सुरक्षित विकल्प बचा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उग्रवादी गतिविधियां जारी रहती हैं तो पुलिस की कार्रवाई और अधिक तेज एवं सख्त होगी। इस पूरे अभियान में थाना प्रभारी प्रमोद कुमार सिन्हा, सब-इंस्पेक्टर विक्रांत कुमार उपाध्याय, कामता कुमार, संतोष कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मियों की अहम भूमिका रही।
