ईरान अब बंद कर सकता है ‘बाब अल-मंदेब’, तेहरान की धमकी पर वाशिंगटन निश्चिंत

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ट्रंप ने कहा- अगले हफ्ते समझौते के साथ होर्मुज खुलने की उम्मीद

Eksandeshlive Desk

तेहरान/वाशिंगटन : ईरान की अब ‘बाब अल-मंदेब जमडमरूमध्य’ को बंद करने की धमकी से मध्य पूर्व (पश्चिम एशिया/मिडिल ईस्ट) में जारी तनाव और बढ़ गया है। ईरान के इस रुख से होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से पहले से परेशान दुनिया पर नई गाज गिरने का अंदेशा है। ईरान ने एक तरह से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पाले में गेंद उछाल दी है। उसने कहा कि अगर इजराइल-लेबनान के बीच ट्रंप युद्ध नहीं रुकवाते, तो वह होर्मुज के बाद दूसरे सबसे बड़े रणनीतिक समुद्री मार्ग बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य को बाधित करने से पीछे नहीं हटेगा। इस सबसे निश्चिंत ट्रंप ने कहा कि मध्यस्थ वार्ताकारों के माध्मय से ईरान के साथ वार्ता तेजी से आगे बढ़ रही है। अगले सप्ताह तक समझौता घोषित कर दिया जाएगा। इसके साथ लंबे समय से बाधित होर्मुज सभी देशों के जहाजों के लिए खुल जाएगा।

अल जजीरा, सीबीएस न्यूज, ईरान इंटरनेशनल, इरना और एबीसी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार ईरान की ताजा धमकी ने मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक तनाव एक बार फिर तेज हो गया है। अगर बाब अल-मंदेब को बाधित कर दिया जाता है तो वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति शृंखला पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। बाब अल- मंदेब संकरा लेकिन वैश्विक व्यापार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। यह लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है। यह यमन, जिबूती और इरिट्रिया के बीच स्थित है। स्वेज नहर के जरिए एशिया और यूरोप को जोड़ता है। अभी इस जलमार्ग से प्रतिदिन हजारों मालवाहक जहाज गुजरते हैं। महत्वपूर्ण यह भी है कि भारत, चीन, जापान जैसे एशियाई देशों के मैन्युफैक्चरिंग हब से यूरोप जाने वाला बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है। यह समुद्री जलमार्ग केवल व्यापारिक वस्तुओं तक सीमित नहीं है। ऊर्जा आपूर्ति में भी इसकी अहम भूमिका है। रिपोर्ट्स के अनुसार, रोजाना लाखों बैरल कच्चा तेल और पेट्रोलियम उत्पाद इस मार्ग से गुजरता है। कतर सहित खाड़ी देशों से निकलने वाली एलएनजी (द्रवीकृत प्राकृतिक गैस) की बड़ी आपूर्ति यूरोप और अन्य देशों तक पहुंचती है। यदि यह मार्ग बाधित होता है, तो वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भारी दबाव पड़ सकता है। अगर ईरान इसको बाधित करता है तो जहाजों को अफ्रीका के केप ऑफ गुड होप के रास्ते से लंबा चक्कर लगाना पड़ेगा। इससे गंतव्य तक पहुंचने की अवधि 10–14 दिन तक बढ़ सकती है। इससे ईंधन लागत में भारी वृद्धि की आशंका बढ़ जाती है। इस धमकी के बाद ईरान के विदेशमंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका और इजराइल लगातार संघर्ष विराम (युद्ध विराम/सीज फायर) का उल्लंघन करते आ रहे हैं। एक जगह इसका उल्लंघन होना सभी मोर्चों पर माना जाना चाहिए। इस बीच इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी ) ने एक जवाबी कार्रवाई में दुश्मन के एक कार्गो शिप को निशाना बनाने का दावा किया है। आईआरजीसी ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि पनामा के झंडे वाले एमएससी सरिस्का पर क्रूज मिसाइल से हमला किया। यह कार्रवाई ओमान सागर में ईरानी जहाज लियान स्टार पर 30 मई को हुए अमेरिकी हमले का बदला लेने के लिए की गई।

इस बीच, ईरान के सेंट्रल मिलिट्री कमांड खतम अल-अनबिया के उप प्रमुख मोहम्मद जफर असदी ने कहा, “अमेरिका हमसे पूरी तरह सरेंडर करने की मांग करता है। अमेरिका यह समझ ले कि ईरान कभी सरेंडर नहीं करेगा। भले ही इसके लिए युद्ध ही क्यों न करना पड़े।” असदी ने दावा किया कि दोनों देशों के बीच बातचीत रुक गई है। राष्ट्रपति ट्रंप ने सोमवार को ट्रुथ सोशल पर कहा कि ईरान के साथ बातचीत तेजी से जारी है। इसके कुछ घंटे बाद ही असदी ने कहा कि सरकार बातचीत रोक रही है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजराइल सीजफायर उल्लंघन कर रहे हैं। इसलिए बातचीत का कोई मतलब नहीं रह जाता। ट्रंप ने यह भी कहा था कि इजराइल और लेबनान में ईरान समर्थित आतंकवादी समूह हिजबुल्लाह के बीच लड़ाई बंद हो जाएगी। राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने दोनों पक्षों को इसके लिए तैयार कर लिया है। इसके बाद इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि इजराइल की सेना “दक्षिणी लेबनान में योजना के मुताबिक काम करती रहेगी।” और खबर भी है कि इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच रात भर झड़पें हुई हैं। समूह ने मंगलवार सुबह दक्षिणी लेबनान के हदाथा में एक इजराइली टैंक पर रॉकेट हमले का भी दावा भी किया। लेबनान की सरकारी नेशनल न्यूज एजेंसी (एनएनए) ने सोमवार देररात देश के दक्षिण में कई गांवों और कस्बों पर इजराइली हमलों की खबर दी। दूसरी तरफ, इजराइली सेना ने कहा कि उसने मंगलवार को बिना किसी नुकसान के लेबनान से आए दो प्रोजेक्टाइल को रोक दिया। उल्लेखनीय है कि ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबफ चेतावनी दे चुके हैं कि अगर लेबनान में इजराइली हमले जारी रहे, तो तेहरान अमेरिका के साथ चल रही बातचीत रोक देगा।

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