Eksandeshlive Desk
वाशिंगटन/तेहरान : अमेरिकी न्यूज वेबसाइट ‘एक्सियोस’ ने एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी के हवाले से दावा किया है कि अमेरिका और ईरान एक-दूसरे पर हमले रोकने पर सहमत हो गए हैं। ‘एक्सियोस’ ने कहा कि दोनों पक्षों के मंगलवार को कतर की राजधानी दोहा में मिलने की उम्मीद है। दोनों पक्ष होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अपने विवाद और मतभेद को सुलझाने पर बातचीत करेंगे। होर्मुज तेल आपूर्ति का एक अहम रास्ता है। इसी बीच, ईरान और ओमान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य से जुड़े मौजूदा मुद्दों और इसके भविष्य के प्रबंधन पर चर्चा के लिए गठित संयुक्त समिति की पहली बैठक आयोजित की। बैठक के दौरान होर्मुज़ जलडमरूमध्य की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई तथा इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन के अनुच्छेद-5 के तहत जलडमरूमध्य के भविष्य के प्रबंधन, समुद्री प्रशासन और तटीय देशों के संप्रभु अधिकारों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
अब बैठक का एजेंडा सीमित कर केवल होर्मुज से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित किया गया : ‘एक्सियोस’ की रिपोर्ट के अनुसार, इस अधिकारी ने कहा कि इस वक्त दोनों पक्ष मंगलवार को कतर की राजधानी दोहा में होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) को लेकर अपने विवाद को सुलझाने के लिए बैठक करने की योजना बना रहे हैं। दोहा वार्ता में अमेरिकी तकनीकी टीम के प्रमुख निक स्टीवर्ट के शामिल होने की उम्मीद है। इस अधिकारी ने कहा, “हमने सभी तरह की सैन्य कार्रवाई रोकने का फैसला किया है।” एक दूसरे अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि दोनों पक्ष “फिलहाल” पीछे हटेंगे और “जहाज आजादी से आ-जा सकेंगे” क्योंकि तकनीकी बातचीत जारी रहेगी। दोनों अमेरिकी अधिकारियों और मामले की जानकारी रखने वाले एक तीसरे सूत्र ने मंगलवार को होने वाली बैठक की पुष्टि की। शुरुआत में यह बैठक स्विट्जरलैंड में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा के लिए प्रस्तावित थी, लेकिन हालिया सैन्य टकराव के बाद इसका स्थान बदलकर कतर की राजधानी दोहा किया गया है। अब बैठक का एजेंडा सीमित कर केवल होर्मुज से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित किया गया है। व्हाइट हाउस ने प्रस्तावित वार्ता पर अभी तक कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। उल्लेखनीय है कि होर्मुज जलडमरूमध्य दोनों देशों के बीच हुए समझौते को लागू करने में सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। ईरान ने होर्मुज से कमर्शियल जहाजों के सुरक्षित गुजरने की सुविधा देने के लिए पूरी कोशिश करने का वादा किया था। इसके बदले में अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर लगी नाकाबंदी हटा ली थी। पिछले सप्ताह स्विट्जरलैंड में बातचीत के दौरान दोनों पक्ष हॉटलाइन स्थापित करने पर भी राजी हुए थे। अरब न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के प्रकाशन कार्यालय के सदस्य मेहदी फजाइली ने रविवार को सरकारी टीवी को बताया कि देश पर हुए हमलों और अमेरिका के साथ हुए समझौते की शर्तें पूरी न होने के कारण ईरान रविवार को होने वाली तकनीकी बातचीत में शामिल नहीं हुआ।
ईरान और ओमान ने मस्कट में की होर्मुज़ पर संयुक्त समिति की पहली बैठक : ईरान और ओमान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य से जुड़े मौजूदा मुद्दों और इसके भविष्य के प्रबंधन पर चर्चा के लिए गठित संयुक्त समिति की पहली बैठक आयोजित की। ईरान के कानूनी एवं अंतरराष्ट्रीय मामलों के उप-विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर इसकी जानकारी दी। मस्कट में आयोजित इस बैठक में ओमान के विदेश मामलों के राज्य मंत्री अब्दुल अज़ीज़ अल-हिनाई और दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक के दौरान होर्मुज़ जलडमरूमध्य की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई तथा इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन के अनुच्छेद-5 के तहत जलडमरूमध्य के भविष्य के प्रबंधन, समुद्री प्रशासन और तटीय देशों के संप्रभु अधिकारों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। काज़ेम ग़रीबाबादी ने बताया कि अनुच्छेद-5 के अनुसार ईरान व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास करेगा। साथ ही अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप जलमार्ग के भविष्य के प्रशासन, समुद्री सेवाओं के प्रबंधन और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं में ओमान के साथ समन्वय बनाए रखेगा। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में खाड़ी क्षेत्र के अन्य तटीय देशों से भी आवश्यक परामर्श किया जाएगा।उन्होंने जोर देकर कहा कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य के प्रभावी और सुरक्षित प्रबंधन के लिए ईरान की भागीदारी आवश्यक है। उनके अनुसार, किसी भी दीर्घकालिक और विश्वसनीय व्यवस्था का आधार इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन तथा तटीय देशों के संप्रभु अधिकार होने चाहिए। इससे एक दिन पहले ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने भी कहा था कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य में व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखने की प्राथमिक जिम्मेदारी ईरान की है। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से तेहरान की योजनाओं में हस्तक्षेप नहीं करने तथा पूर्व में हुए समझौतों का सम्मान करने की अपील की थी। उल्लेखनीय है कि यह संयुक्त समिति ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर ग़ालिबाफ़ की हालिया मस्कट यात्रा के बाद गठित की गई थी। बैठक के बाद दोनों देशों ने संयुक्त बयान जारी कर होर्मुज़ जलडमरूमध्य को अंतरराष्ट्रीय नौवहन के लिए सुरक्षित, खुला और सुचारु बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही भविष्य में शिपिंग, समुद्री सेवाओं और संबंधित प्रशासनिक व्यवस्थाओं के क्षेत्र में आपसी सहयोग और समन्वय को और मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की।
