विंबलडन 2026 : हार के बाद भी संन्यास के मूड में नहीं जोकोविच, बोले- ‘कम से कम एक बार और लौटना चाहता हूं’

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Eksandeshlive Desk

लंदन : विंबलडन 2026 के सेमीफाइनल में शुक्रवार को विश्व नंबर-1 इटली के जैनिक सिनर से सीधे सेटों में हारने के बावजूद सर्बियाई खिलाड़ी नोवाक जोकोविच ने संन्यास की अटकलों को खारिज कर दिया। 39 वर्षीय सर्बियाई स्टार ने स्पष्ट किया कि वह अभी भी टेनिस खेलना चाहते हैं और अगले साल विंबलडन में वापसी की उम्मीद रखते हैं। सात बार के विंबलडन चैंपियन जोकोविच को सेंटर कोर्ट से बाहर जाते समय दर्शकों ने खड़े होकर जोरदार तालियों से विदाई दी। इसके बाद जब उनसे पूछा गया कि क्या वह अगले साल 40 वर्ष की उम्र में विंबलडन के 150वें संस्करण में खेलेंगे, तो उन्होंने कहा, “मैं लौटना चाहूंगा, कम से कम एक बार और। देखते हैं आगे क्या होता है।” जोकोविच इस हार के साथ अपने रिकॉर्ड 25वें ग्रैंड स्लैम खिताब और 39वें ग्रैंड स्लैम फाइनल में पहुंचने का सपना पूरा नहीं कर सके। हालांकि उनका मानना है कि सेमीफाइनल तक का सफर यह साबित करता है कि वह अभी भी दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों से मुकाबला करने में सक्षम हैं। उन्होंने कहा, “बेशक मैं निराश हूं। मैं विंबलडन जीतना चाहता था और यही वजह है कि मैं अब भी खुद को इतनी मेहनत करने के लिए प्रेरित करता हूं। लेकिन इस टूर्नामेंट में कोर्ट पर मेरा रवैया, संघर्ष करने का जज्बा और समर्पण सकारात्मक रहा। यह सब आज भी मेरे अंदर मौजूद है।” अब जोकोविच की नजर यूएस ओपन 2026 पर होगी। उन्होंने अपना पिछला और अब तक का 24वां ग्रैंड स्लैम खिताब वर्ष 2023 में यूएस ओपन में ही जीता था। भविष्य की योजनाओं पर उन्होंने कहा, “मुझ पर खेलने का कोई दबाव नहीं है और न ही कोई मुझे खेलने के लिए मजबूर कर रहा है। मैं इसलिए खेलता हूं क्योंकि मैं खुद खेलना चाहता हूं और मुझे विश्वास है कि मैं अभी भी शीर्ष-10 या शीर्ष-5 स्तर का खिलाड़ी हूं। आगे भविष्य क्या लेकर आता है, यह देखेंगे।”

जैनिक सिनर ने नोवाक जोकोविच को हराकर फाइनल में बनाई जगह : विश्व नंबर-1 और मौजूदा चैंपियन इटली के जैनिक सिनर ने विंबलडन 2026 के सेमीफाइनल में सात बार के चैंपियन सर्बिया के नोवाक जोकोविच को लगातार दूसरे साल मात देते हुए शानदार अंदाज में फाइनल में प्रवेश कर लिया। सिनर ने शुक्रवार रात जोकोविच को 6-4, 6-4, 6-4 से हराकर खिताबी मुकाबले में अपनी जगह पक्की की, जहां उनका सामना रविवार को जर्मनी के अलेक्जेंडर ज्वेरेव से होगा। 39 वर्षीय जोकोविच पूरे मुकाबले में लय हासिल नहीं कर सके। मैच के बाद उन्होंने अपनी हार को “पुरानी शैली की एकतरफा हार” बताया और स्वीकार किया कि वह हर शॉट पर “आधा कदम पीछे” रह गए। सिनर ने पूरे मैच में शानदार सर्विस की। उन्होंने 16 ऐस लगाए, पहली सर्विस पर 88 प्रतिशत अंक जीते और दूसरी सर्विस पर भी 61 प्रतिशत अंक अपने नाम किए। उनकी सटीक सर्विस और आक्रामक खेल के सामने जोकोविच को कोई जवाब नहीं मिला। पूरे मुकाबले में जोकोविच को केवल एक ब्रेक प्वाइंट मिला और वह भी तीसरे सेट में। लेकिन सिनर ने उसे भी ऐस के साथ बचा लिया। इसके बाद एक दमदार स्मैश और फिर एक और ऐस लगाकर उन्होंने मैच पर पूरी तरह नियंत्रण बनाए रखा। हार के बावजूद जोकोविच ने कहा, “मैं शारीरिक रूप से ठीक महसूस कर रहा था। टूर्नामेंट की शुरुआत जितना तरोताजा नहीं था, लेकिन फिट था। सिनर आज मुझसे कहीं बेहतर थे और पूरे मैच में हावी रहे। उन्हें जीत की बधाई देनी होगी। उन्होंने शानदार खेल दिखाया।” अब सभी की निगाहें रविवार को होने वाले फाइनल पर होंगी, जहां जैनिक सिनर अपने विंबलडन खिताब का सफलतापूर्वक बचाव करने के इरादे से अलेक्जेंडर ज्वेरेव के खिलाफ उतरेंगे।

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