केंद्रीय कैबिनेट : गोबरधन योजना मंजूर, बायोगैस उत्पादन में दस गुना वृद्धि का लक्ष्य

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Eksandeshlive desk

नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने 23,731 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ राष्ट्रीय चक्रीय जैव ऊर्जा योजना ‘गोबरधन’ को मंजूरी दी है। योजना घरेलू संपीड़ित बायोगैस उत्पादन में लगभग दस गुना वृद्धि लाने और देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने में सहायक होगी। इसका उद्देश्य देश में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध कृषि अवशेषों, गोबर, प्रेस मड, नगरपालिका के जैविक कचरे और अन्य जैव-द्रव्यमान संसाधनों को स्वच्छ ईंधन, जैविक खाद, ग्रामीण आय और राष्ट्रीय आर्थिक मूल्य में परिवर्तित करना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गोबरधन योजना को आज मंजूरी दी। यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से वित्त वर्ष 2035-36 तक लागू की जाएगी और संपीड़ित बायोगैस को भारत के भविष्य के ऊर्जा मिश्रण का एक प्रमुख स्तंभ स्थापित करेगी। केंद्रीय मंत्री अश्वनी वैष्णव ने गुरुवार को राष्ट्रीय मीडिया केन्द्र में पत्रकार वार्ता में इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गोबरधन योजना के प्रभाव से भारत की स्वच्छ ऊर्जा अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है। योजना से घरेलू सीबीजी उत्पादन में लगभग दस गुना वृद्धि का लक्ष्य है, जिससे आयातित जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम होगी और ऊर्जा आत्मनिर्भरता मजबूत होगी। उन्होंने बताया कि स्थिर मूल्य निर्धारण, पूंजी सहायता और ऋण गारंटी जैसे प्रावधान निजी निवेशकों, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों, सहकारी समितियों तथा ग्रामीण उद्यमियों की भागीदारी बढ़ाएंगे। कृषि अवशेष, गोबर और जैविक कचरे के वैज्ञानिक उपयोग से अपशिष्ट प्रबंधन बेहतर होगा, किसानों की आय के नए स्रोत विकसित होंगे, जैविक खाद का उत्पादन बढ़ेगा तथा ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी आएगी। साथ ही एकीकृत राष्ट्रीय ढांचे से परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी।

केंद्र ने गुवाहाटी-तेजपुर कॉरिडोर के विकास को दी मंजूरी : केंद्र सरकार ने असम में एनएच-15 के 135.871 किलोमीटर लंबे चार लेन वाले गुवाहाटी-तेजपुर कॉरिडोर के विकास को मंजूरी दे दी है। परियोजना एनएच(ओ) के तहत निर्मित-संचालन-स्थानांतरण (बीओटी) टोल मॉडल पर 8970.20 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की जाएगी। प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने गुरुवार को इसे मंजूरी दी। परियोजना में तेजपुर बाईपास में एक आपातकालीन लैंडिंग सुविधा (ईएलएफ) (4.9 किलोमीटर) का निर्माण शामिल है। इसे भारतीय वायु सेना के समन्वय से अंतिम रूप दिया गया है। इससे ब्रह्मपुत्र नदी के दक्षिणी किनारे पर स्थित मौजूदा एनएच-27 (पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर) पर यातायात जाम कम होगा।केंद्रीय मंत्री अश्वनी वैष्णव ने गुरुवार को राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में पत्रकार वार्ता में बताया कि परियोजना में 58.7 किलोमीटर लंबाई के 5 प्रमुख बाईपास का निर्माण भी शामिल है। इससे बैहाटा चारियाली, सिपाझार, खारूपेटिया, डेकियाजुली और तेजपुर जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों से गुजरने वाले मार्गों पर यातायात जाम कम होगा। इसके अतिरिक्त परियोजना में 15 प्रमुख पुल, 30 लघु पुल, 19 फ्लाईओवर और एक हाथी अंडरपास (तेजपुर बाईपास में) का प्रावधान है। प्रस्तावित पहुंच नियंत्रित परियोजना के अंतर्गत यातायात की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए 46 अंडरपास और 19 फ्लाईओवर के साथ 210 किलोमीटर सर्विस रोड का निर्माण भी किया जाएगा। परियोजना से यात्रा गति दोगुनी और यात्रा समय आधा हो जाएगा। यह परियोजना असम और अरुणाचल प्रदेश के प्रमुख आर्थिक, सामाजिक और लॉजिस्टिक्स केंद्रों को निर्बाध रूप से जोड़ेगी। इसके अतिरिक्त उन्नत कॉरिडोर 8 पीएम गतिशक्ति आर्थिक केंद्रों (8 औद्योगिक पार्क), 2 सामाजिक केंद्रों (दरांग और उदलगुरी के 2 आकांक्षी जिले), 3 पर्यटन केंद्रों (मां कामाख्या मंदिर, काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान, ओरंग राष्ट्रीय उद्यान) और 7 लॉजिस्टिक केंद्रों (3 प्रमुख रेलवे स्टेशन, 2 हवाई अड्डे, 2 जलमार्ग टर्मिनल) से कनेक्टिविटी बढ़ाएगा।

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