सीमा पार आतंकवाद खत्म होने पर ही पाकिस्तान से सामान्य द्विपक्षीय संबंध संभव : सरकार

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Eksandeshlive Desk

नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने शुक्रवार को लोकसभा में कहा कि पाकिस्तान के साथ सामान्य द्विपक्षीय संबंध तभी संभव हैं, जब वह सीमा पार आतंकवाद, शत्रुता और हिंसा से मुक्त माहौल सुनिश्चित करे। सरकार ने स्पष्ट किया कि सीमा पार आतंकवाद और उससे जुड़ा ढांचा समाप्त करना भारत की स्पष्ट और अटल नीति है। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि पाकिस्तान के साथ भारत के संबंध आतंकवाद, शत्रुता और हिंसा से मुक्त माहौल में ही आगे बढ़ सकते हैं। हालांकि, पाकिस्तान से प्रायोजित सीमा पार आतंकवाद अब भी जारी है और आतंकवाद का इस्तेमाल भारत के विरुद्ध आधिकारिक नीति के रूप में किया जा रहा है।

सरकार ने कहा कि पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान से ‘मोस्ट फेवर्ड नेशन’ (एमएफएन) का दर्जा वापस ले लिया था तथा पाकिस्तान से आयातित सभी वस्तुओं पर सीमा शुल्क बढ़ाकर 200 प्रतिशत कर दिया गया था। इसके बाद पाकिस्तान ने भी भारत के साथ राजनयिक संबंधों को कम करने और द्विपक्षीय व्यापार निलंबित करने जैसे एकपक्षीय कदम उठाए। उत्तर में कहा गया कि 22 अप्रैल 2025 को पाकिस्तान प्रायोजित पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने कई राजनयिक कदम उठाए। इनमें सिंधु जल संधि को स्थगित करना, अटारी में चेक पोस्ट को बंद करना, वीजा सेवाओं पर रोक लगाना तथा दोनों देशों के राजनयिक मिशनों में अधिकारियों की संख्या कम करना शामिल है। इसके साथ ही पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओके) में स्थित आतंकी ठिकानों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई भी की गई।

सरकार ने बताया कि वर्तमान में दोनों देशों में एक-दूसरे की राजधानियों में सीमित स्तर पर राजनयिक मिशन कार्यरत हैं। दोनों देशों के बीच केवल आवश्यक कार्यात्मक संपर्क जारी हैं, जिनमें महानिदेशक सैन्य संचालन (डीजीएमओ) स्तर की वार्ता, बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षणों की पूर्व सूचना का आदान-प्रदान, परमाणु प्रतिष्ठानों की सूची का आदान-प्रदान तथा एक-दूसरे की हिरासत में मौजूद मछुआरों और नागरिक कैदियों की जानकारी साझा करना शामिल है। सरकार ने कहा कि भारत ने सीमा पार आतंकवाद और उससे जुड़े ढांचे के प्रति अपनी नीति स्पष्ट कर दी है तथा नागरिकों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए हैं। सरकार ने कहा कि सामान्य द्विपक्षीय संबंधों की बहाली के लिए सीमा पार आतंकवाद का पूर्णतः समाप्त होना अनिवार्य शर्त है।

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