रूस ने फिर दिखाई मिसाइल ताकत, आईसीबीएम से साधा हजारों किमी का लक्ष्य

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Eksandeshlive Desk

मॉस्को: रूस ने इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) का सफल परीक्षण किया है। मिसाइल को उत्तर-पश्चिमी अर्खांगेल्स्क क्षेत्र स्थित प्लेसेत्स्क कॉस्मोड्रोम से लॉन्च किया गया और इसका टेस्ट वॉरहेड देश के सुदूर पूर्व में कामचटका प्रायद्वीप स्थित कुरा ट्रेनिंग रेंज तक पहुंचा। रूस की अंतरराष्ट्रीय समाचार टेलीविजन नेटवर्क रशिया टुडे (आरटी) ने रक्षा मंत्रालय के शुक्रवार को जारी बयान के हवाले से बताया कि परीक्षण के दौरान निर्धारित सभी लक्ष्य और कार्य पूरी तरह हासिल किए गए। मंत्रालय के अनुसार, परीक्षण से मिसाइल की तकनीकी क्षमता और उड़ान संबंधी विशेषताओं की पुष्टि हुई है। रूस ने परीक्षण में इस्तेमाल की गई मिसाइल का सटीक नाम नहीं बताया। हालांकि, मंत्रालय ने इसे मोबाइल-लॉन्च सॉलिड-फ्यूल सिस्टम बताया है। यह परीक्षण रूस की स्ट्रैटेजिक मिसाइल फोर्स की एक ट्रेनिंग एक्सरसाइज का हिस्सा था। अभ्यास के दौरान एक मोबाइल आईसीबीएम लॉन्च बैटरी को दूरदराज के इलाके में तैनात किया गया, जिसके बाद मिसाइल लॉन्च करने की पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया गया। रूस इससे पहले अपनी अत्याधुनिक आरएस-28 सरमत आईसीबीएम का परीक्षण कर चुका है। रिपोर्टों के मुताबिक, सरमत कई री-एंट्री व्हीकल्स के जरिए भारी परमाणु वॉरहेड ले जाने में सक्षम है। इसे रूस की रणनीतिक परमाणु क्षमता का अहम हिस्सा माना जाता है। रिपोर्टों के अनुसार, सरमत के साथ हाइपरसोनिक ग्लाइडर तकनीक का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। ऐसी तकनीक से लैस वॉरहेड बेहद तेज गति से लक्ष्य की ओर बढ़ सकता है और एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देने के लिए अपनी दिशा में बदलाव कर सकता है। रूस की स्ट्रैटेजिक मिसाइल फोर्स के कमांडर जनरल सर्गेई काराकाएव ने कहा है कि रूसी सेना साल के अंत तक अपनी पहली मिसाइल रेजिमेंट को नए हथियार सिस्टम से लैस करने की तैयारी कर रही है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पहले आरएस-28 सरमत को रूस का बेहद शक्तिशाली मिसाइल सिस्टम बता चुके हैं। उन्होंने दावा किया था कि यह बड़ी मात्रा में पेलोड ले जाने में सक्षम है और इसकी लंबी दूरी रूस की रणनीतिक क्षमता को मजबूत करती है। पुतिन के मुताबिक, रूस ने अपनी मिसाइल क्षमताओं के विकास पर इसलिए जोर दिया क्योंकि मॉस्को को बदलते सुरक्षा माहौल में अपनी रणनीतिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की जरूरत महसूस हुई। उन्होंने इन प्रयासों को रणनीतिक शक्ति संतुलन बनाए रखने से जोड़ा है।

पुतिन ने किया बड़ा दावा – रूस के साथ हाथ मिलाना चाहते हैं 30 से अधिक देश: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दावा किया है कि दुनिया के करीब 30 देशों ने रूस के साथ इनोवेशन और तकनीकी सहयोग के लिए प्रस्ताव दिए हैं। उन्होंने कहा कि इन देशों में यूरोप, उत्तरी अमेरिका और मध्य पूर्व के देश भी शामिल हैं। पुतिन के मुताबिक, रूस अपने भविष्य को सुरक्षित करने और अपनी संप्रभुता को मजबूत करने के लिए नवाचार के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहा है। पुतिन ने शुक्रवार को निज़नी नोवगोरोड में आयोजित ‘स्ट्रॉन्ग आइडियाज फॉर ए न्यू एरा’ फोरम के पूर्ण सत्र को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी। इस वार्षिक कार्यक्रम का आयोजन एजेंसी फॉर स्ट्रैटेजिक इनिशिएटिव्स (एएसआई) करती है। इस साल एजेंसी अपनी 15वीं वर्षगांठ मना रही है। रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि एएसआई को रूस के विभिन्न क्षेत्रों के साथ-साथ विदेशों से भी कई इनोवेटिव प्रोजेक्ट के प्रस्ताव मिले हैं। उन्होंने बताया कि इनमें से सबसे बेहतर परियोजनाओं को आगे विचार और संभावित क्रियान्वयन के लिए सरकार के सामने रखा जाएगा। पुतिन ने कहा, “हमें न केवल रूस के सभी क्षेत्रों से, बल्कि करीब 30 विदेशी देशों से भी प्रस्ताव मिले हैं।” उन्होंने बताया कि इन देशों में यूरोप, उत्तरी अमेरिका, मध्य पूर्व और दुनिया के अन्य क्षेत्र शामिल हैं। पुतिन के मुताबिक, इन अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं से रूस के उद्योगों और विभिन्न क्षेत्रों के लिए नए अवसर पैदा हो सकते हैं। साथ ही, इससे रूस और अन्य देशों के बीच अंतरराष्ट्रीय सहयोग का दायरा भी बढ़ने की संभावना है। उन्होंने कहा कि नए दौर की चुनौतियों का सामना करने के लिए रचनात्मक और व्यावहारिक विचारों की जरूरत है। उनके मुताबिक, नवाचार से जुड़े प्रयास रूस के वर्तमान और भविष्य को मजबूत करने के साथ-साथ देश की संप्रभुता को सुरक्षित रखने में भी मदद करेंगे। फोरम में पुतिन ने कहा कि नए विचारों और परियोजनाओं का लक्ष्य आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर भविष्य तैयार करना होना चाहिए।उन्होंने कहा कि रूस अपनी संप्रभुता को मजबूत करने और नागरिकों की भलाई सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम कर रहा है। पुतिन ने विश्वास जताते हुए कहा कि “रूस मजबूत है और भविष्य में भी मजबूत बना रहेगा।” ‘स्ट्रॉन्ग आइडियाज़ फॉर ए न्यू एरा’ फोरम में बिजनेस लीडर्स, विशेषज्ञों, गैर-सरकारी संगठनों और सरकारी अधिकारियों को एक मंच पर लाया जाता है। यहां आर्थिक, तकनीकी और सामाजिक विकास से जुड़ी परियोजनाओं पर चर्चा और उनके विकास की संभावनाओं पर विचार किया जाता है। पुतिन के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय स्तर से मिले प्रस्ताव रूस के लिए नए तकनीकी और आर्थिक अवसर पैदा करने के साथ देश के वैश्विक सहयोग को भी विस्तार दे सकते हैं।

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