खरगे के कार्यक्रम के बाद ‘शुद्धिकरण’ मामले पर राहुल ने कहा, कार्रवाई नहीं होने पर कांग्रेस की लड़ाई जारी रहेगी

NATIONAL

Eksandeshlive Desk

नई दिल्ली: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यक्रम के बाद कथित ‘शुद्धिकरण’ की घटना को लेकर उत्तराखंड सरकार से कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भी इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील करते हुए कहा कि घटना को करीब 20 दिन बीत चुके हैं लेकिन अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। राहुल गांधी ने घटना को छुआछूत से जोड़ते हुए आरोप लगाया कि यह संविधान के खिलाफ है और संबंधित लोगों पर एससी-एसटी कानून के तहत मामला दर्ज होना चाहिए। कांग्रेस मुख्यालय में शनिवार को पत्रकार वार्ता में राहुल गांधी ने आरोप लगाते हुए कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और हल्द्वानी के रामलीला मैदान में उनके कार्यक्रम के बाद जिस तरह से ‘शुद्धिकरण’ किया गया, वह स्वीकार्य नहीं है। मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। सरकार को जल्द-से-जल्द एफआईआर दर्ज कर न्याय सुनिश्चित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश में दलितों के साथ भेदभाव और अपमान की घटनाएं आज भी अलग-अलग रूपों में दिखाई देती हैं। संविधान ने छुआछूत और भेदभाव को गैरकानूनी बनाया है लेकिन सामाजिक स्तर पर ऐसी मानसिकता पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से सीधी कार्रवाई की अपील करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि घटना के बाद लंबा समय बीत जाने के बावजूद एफआईआर नहीं होना चिंता का विषय है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस पार्टी न्याय के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगी।

हल्द्वानी मामले पर खरगे ने पूरी कांग्रेस नहीं, कुछ नेताओं का समर्थन नहीं मिलने पर जताई थी नाराजगी : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को स्पष्ट किया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने हल्द्वानी में उनकी रैली के बाद हुए कथित ‘शुद्धिकरण’ कार्यक्रम के मुद्दे पर पार्टी से नाराजगी नहीं जताई थी बल्कि पार्टी के कुछ नेताओं से समर्थन नहीं मिलने पर निराशा जाहिर की थी। राहुल गांधी ने शनिवार को कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकार वार्ता के दौरान 19 अगस्त को हुई कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में इस मुद्दे से जुड़े सवाल के जवाब में कहा कि खरगे ने पार्टी से नाराजगी नहीं जताई थी बल्कि उन्होंने कुछ नेताओं के समर्थन नहीं करने पर उन नेताओं से निराशा जाहिर की थी। उन्होंने कहा कि खरगे ने ऐसा नहीं कहा था कि कांग्रेस में बहुतायत में नेताओं ने उनका समर्थन नहीं किया। उनके साथ पार्टी के अधिकतर लोगों ने उनका समर्थन किया। बैठक में खरगे ने कहा था कि उन्हें महसूस हुआ कि कुछ लोगों के एक समूह ने उनका समर्थन नहीं किया। दरअसल, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने 19 अगस्त को सीडब्ल्यूसी की बैठक में हल्द्वानी में उनके दौरे के बाद हुए ‘शुद्धिकरण’ कार्यक्रम को लेकर पार्टी के कुछ नेताओं की चुप्पी पर निराशा जताई थी। खरगे ने कहा था कि उन्हें इस बात का दुख हुआ कि सीडब्ल्यूसी के कई सदस्यों ने इस मुद्दे पर खुलकर उनका समर्थन नहीं किया और न ही इसकी निंदा की। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस अध्यक्ष खरगे 8 अगस्त को उत्तराखंड के हल्द्वानी गए थे। उनके दौरे के बाद वहां कथित तौर पर ‘शुद्धिकरण हवन’ कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि इस कार्यक्रम के आयोजकों का भारतीय जनता पार्टी से संबंध है और इसे जातिवादी सोच का उदाहरण बताया था। हालांकि, भाजपा ने इस कार्यक्रम से खुद को अलग कर लिया था।

Spread the love