Eksandeshlive Desk
पूर्वी सिंहभूम: टाटा स्टील के कर्मचारियों के वार्षिक बोनस को लेकर गुरुवार को प्रबंधन और टाटा वर्कर्स यूनियन के बीच समझौता हो गया। कंपनी के प्रबंध निदेशक सह मुख्य कार्यकारी अधिकारी टीवी नरेंद्रन और टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु सहित अन्य पदाधिकारियों की मौजूदगी में हुए समझौते के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए कर्मचारियों को कुल 315 करोड़ रुपये बोनस के रूप में दिए जाएंगे। समझौते पर प्रबंधन और यूनियन के प्रतिनिधियों ने हस्ताक्षर किए।
इस वर्ष का बोनस पिछले साल की तुलना में 11.88 करोड़ रुपये अधिक है: वित्तीय वर्ष 2024-25 में कर्मचारियों को 303.12 करोड़ रुपये बोनस के रूप में मिले थे। इस बार निर्धारित फार्मूले के तहत बोनस की गणना 314.53 करोड़ रुपये हुई, जिसे बढ़ाकर 315 करोड़ रुपये कर दिया गया। कंपनी की विभिन्न इकाइयों के कुल 25,603 कर्मचारी इस बोनस के दायरे में आएंगे।समझौते के अनुसार जमशेदपुर की इकाइयों, जिसमें ट्यूब्स भी शामिल है, के 11,021 कर्मचारियों के बीच 163.85 करोड़ रुपये बोनस के रूप में वितरित किए जाएंगे। इन कर्मचारियों को औसतन 1,48,675 रुपये बोनस मिलेगा। पुराने वेतनमान वाले कर्मचारियों के लिए वास्तविक उपस्थिति के आधार पर अधिकतम बोनस 4,52,512 रुपये तक होगा। वहीं एनएस ग्रेड के कर्मचारियों को अधिकतम 1,28,448 रुपये और पूर्ण उपस्थिति की स्थिति में न्यूनतम 39,016 रुपये बोनस मिलेगा। बोनस की राशि कंपनी के शुद्ध लाभ, बिक्री योग्य इस्पात के उत्पादन, लाभप्रदता, उत्पादकता और सुरक्षा जैसे मानकों के आधार पर तय की गई है। वर्ष 2025-26 में भारत में टाटा स्टील के परिचालन से असाधारण मदों के समायोजन के बाद शुद्ध लाभ 11,035.24 करोड़ रुपये रहा। बिक्री योग्य इस्पात का उत्पादन 1.611 करोड़ टन और कच्चे इस्पात का उत्पादन 1.726 करोड़ टन दर्ज किया गया। उत्पादकता 674.2 टन कच्चा इस्पात प्रति कर्मचारी प्रतिवर्ष रही, जबकि सुरक्षा सूचकांक 0.39 एलटीआईएफआर रहा। बोनस समझौते का लाभ जमशेदपुर के अलावा टिनप्लेट, तार कंपनी, कलिंगानगर, टिस्को ग्रोथ शॉप, खदानों और कोलियरियों सहित कंपनी की अन्य इकाइयों में कार्यरत पात्र कर्मचारियों को भी मिलेगा। समझौते के बाद कर्मचारियों में खुशी का माहौल है।
टाटा स्टील के बोनस से जमशेदपुर के बाजार में बढ़ेगी रौनक: टाटा स्टील की ओर से कर्मचारियों के लिए 315 करोड़ रुपये से अधिक बोनस की घोषणा का कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री सुरेश सोंथालिया ने स्वागत किया है। गुरुवार को जारी बयान में सुरेश सोंथालिया ने कहा कि यह फैसला कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए राहत देने वाला होने के साथ ही जमशेदपुर की स्थानीय अर्थव्यवस्था और व्यापारिक गतिविधियों को भी गति देने वाला साबित हो सकता है।सोंथालिया ने कहा कि बोनस की राशि मिलने से टाटा स्टील के हजारों कर्मचारियों और उनके परिवारों की खरीदारी क्षमता बढ़ेगी। इसका सकारात्मक प्रभाव शहर के बाजारों में दिखाई देने की उम्मीद है। आगामी त्योहारी मौसम में कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक सामान, बिजली उपकरण, वाहन, आभूषण, फर्नीचर और घरेलू उपयोग की वस्तुओं की मांग बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि बोनस के रूप में मिलने वाली राशि बाजार में पहुंचने के बाद धन का प्रवाह बढ़ेगा। इसका लाभ केवल कर्मचारियों और उनके परिवारों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि छोटे-बड़े दुकानदारों, थोक व्यापारियों और विभिन्न सेवा कारोबार से जुड़े लोगों को भी मिल सकता है। उन्होंने बोनस की राशि को त्योहारी मौसम से पहले बाजार के लिए आर्थिक प्रोत्साहन बताते हुए कहा कि इससे कारोबार में तेजी आने की संभावना है। सोंथालिया ने टाटा स्टील के वैश्विक मुख्य कार्यकारी अधिकारी टी. वी. नरेंद्रन, कंपनी प्रबंधन और टाटा वर्कर्स यूनियन के पदाधिकारियों के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए लिया गया यह निर्णय टाटा समूह की उस परंपरा को मजबूत करता है, जिसमें उद्योग के विकास के साथ कर्मचारियों और समाज के हितों को भी महत्व दिया जाता है। उन्होंने कहा कि टाटा स्टील और उसके कर्मचारियों के बीच विश्वास एवं सहयोग का संबंध जमशेदपुर की आर्थिक और सामाजिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। बोनस से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और त्योहारी मौसम में शहर के बाजारों में भी उत्साह का माहौल बनने की उम्मीद है।
