नेपाल के संविधान दिवस पर भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने दी बधाई
Eksandeshlive Desk
काठमांडू : नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने कहा है कि यह सरकार संविधान के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। संविधान दिवस के अवसर पर आयोजित मुख्य समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री शाह ने कहा, “इस संविधान के अक्षर और भावना दोनों के प्रति यह सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।” उन्होंने कहा कि संविधान कितना भी अच्छा क्यों न हो, यदि उसे चलाने वाले हाथ ईमानदार और निरंतर क्रियाशील न हों तो वह केवल एक कागज बनकर रह जाएगा। उन्होंने यह दावा किया कि सरकार सुशासन कायम करने और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण पाने के लिए काम कर रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा “मैं स्पष्ट रूप से कहता हूं, यह केवल शुरुआत है, अंत नहीं। भ्रष्टाचार और दंडहीनता की जड़ें गहरी हैं लेकिन इन जड़ों को उखाड़ फेंकने वाले हाथ मजबूत हैं और संख्या में अधिक हैं।” उन्होंने आगे कहा, “सरकार इस बात के प्रति सचेत है कि विकास के लिए सुशासन एक अनिवार्य पूर्व शर्त है।” उन्होंने बताया कि सुशासन बनाए रखने के लिए प्रशासनिक संरचना के उपयुक्त आकार का निर्धारण और भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ (शून्य सहनशीलता) की नीति अपनाई गई है। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने नेपाल के संविधान दिवस के अवसर पर बधाई संदेश दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए विदेश मंत्री शिशिर खनाल के नाम का उल्लेख कर संविधान दिवस के अवसर पर बधाई दी। विदेश मंत्री जयशंकर ने लिखा, “नेपाल के राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर विदेश मंत्री शिशिर खनाल, नेपाल सरकार तथा समस्त नेपाली जनता को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।” उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि भारत दोनों देशों के बीच संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। जयशंकर ने कहा, “हम अपनी गहरी और स्थायी मित्रता को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
