आईआईटी (आइएसएम) में डीजीएमएस का 35वां राष्ट्रीय खनन अधिवेशन का हुआ शुभारंभ

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Ekandshlive Desk

धनबाद : आईआईटी (आईएसएम) धनबाद में शुक्रवार को इंजीनियर्स संस्थान (इंडिया) के संयुक्त तत्वावधान में “माइनिंग एंड एनवायरनमेंट – क्वो वाडिस 2070” विषय पर दो दिवसीय 35वां राष्ट्रीय खनन अभियंता अधिवेशन और राष्ट्रीय संगोष्ठी शुरू हुई।कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि खनन सुरक्षा महानिदेशक (डीजीएमएस) उज्जवल ताह ने किया, जिसकी अध्यक्षता आईआईटी (आईएसएम) के निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा ने की। इस अवसर पर बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल और बिड़ला कॉर्पोरेशन के सूरज गुप्ता विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।

अपने संबोधन में उज्जवल ताह ने खनन को ‘सभ्यता की रीढ़’ बताते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि खनन केवल उत्पादन का माध्यम न रहकर पर्यावरण संतुलन और सतत विकास का भी अनिवार्य हिस्सा बने। उन्होंने सुरक्षा, पारदर्शिता, तकनीक और महिला भागीदारी को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। ताह ने बताया कि डीजीएमएस अब निरीक्षण आधारित संस्था से हटकर ऑनलाइन सिस्टम के माध्यम से एक सहयोगी संस्था की ओर बढ़ रही है। संगोष्ठी के पहले दिन आईआईटी (खड़गपुर) के प्रो. खानिन्द्र पाठक और ईसीएल व बीसीसीएल के निदेशक (तकनीकी) नीलाद्रि राय को एमिनेंट माइनिंग इंजीनियर अवार्ड से सम्मानित किया गया, जबकि सीएमपीडीआई, रांची के डॉ. सिद्धार्थ रॉय को आईईआई यंग इंजीनियर अवार्ड प्रदान किया गया।

दिन की शुरुआत हेरिटेज बिल्डिंग और ओवल ग्राउंड के प्री-सेंटेनरी टूर से हुई, जिसमें रॉल्स रॉयस की विंटेज कारें प्रदर्शित की गईं, जो भारत में खनन शिक्षा की गौरवशाली 100 साल पुरानी परंपरा को दर्शाती हैं। तकनीकी सत्रों में एनटीपीसी, टाटा स्टील और अन्य संस्थानों के विशेषज्ञों ने नई माइनिंग सीमाओं और नियामक सुधारों पर विचार साझा किए। 8 नवंबर को सम्मेलन के दूसरे दिन क्रिटिकल मिनरल्स एक्सप्लोरेशन और सस्टेनेबल माइनिंग प्रैक्टिसेस पर सत्र होंगे, जिसका समापन एनटीपीसी माइनिंग लिमिटेड के सीईओ नवीन जैन की उपस्थिति में होगा।

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