Eksandeshlive Desk
नई दिल्ली : केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को संसद में केंद्रीय बजट 2025-26 पेश करते हुए कहा कि बजट में व्यापार सुविधा सुनिश्चित करने के लिए जीएसटी कानूनों में बदलाव का प्रस्ताव है। इन प्रस्तावित संशोधनों में अंतरराज्यीय आपूर्ति के संबंध में इनपुट सेवा वितरक द्वारा इनपुट टैक्स क्रेडिट के वितरण का प्रावधान शामिल है, जिस पर रिवर्स चार्ज आधार पर कर का भुगतान किया जाना है, 1 अप्रैल, 2025 से प्रभावी होगा। इसके साथ ही ट्रैक एंड ट्रेस व्यवस्था के कार्यान्वयन के लिए विशिष्ट पहचान मार्किंग को परिभाषित करने के लिए नया उपबंध शामिल किया गया है।
क्रेडिट नोट के संबंध में कर देनदारी में कमी के प्रयोजनार्थ पंजीकृत प्राप्तकर्ता को क्रेडिट नोट प्राप्त हुआ हो तो उस क्रेडिट नोट के संबंध में इनपुट कर क्रेडिट के बदलाव का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। कर की मांग के बिना केवल जुर्माने की मांग के मामलों में अपीलीय प्राधिकरण के समक्ष अपीलों के लिए जुर्माने की 10 प्रतिशत अनिवार्य राशि पहले से जमा करने की व्यवस्था की गई है। ट्रैक और ट्रेस व्यवस्था से संबंधित प्रावधानों के उल्लंघनों पर जुर्माने का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है।
सीजीएसटी अधिनियम 2017 के अनुछेद 3 के प्रावधान के अनुसार कि निर्यात अथवा घरेलू प्रशुल्क क्षेत्र के लिए क्लीयरेंस से पहले विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र में भंडार किए गए माल अथवा मुक्त व्यापार भंडारण क्षेत्र से की गई आपूर्ति को न तो माल की आपूर्ति माना जाएगा और न ही सेवाओं की आपूर्ति माना जाएगा। पहले से ही भुगतान किए गए कर का कोई रिफंड उपर्युक्त संदर्भित लेनदेन के लिए उपलब्ध नहीं होगा। यह 01 जुलाई, 2017 से लागू होगा।
स्थानीय प्राधिकरण की परिभाषा में प्रयुक्त स्थानीय निधि और नगरपालिका निधि शब्दों की परिभाषाओं को समाहित किया गया।रिटर्न फाइल करने के लिए विशेष पाबंदियों और स्थितियों को जोड़ा गया। बजट में कहा गया है कि जीएसटी परिषद की अनुशंसाओं के अनुसार यह बदलाव राज्यों से समन्वय के बाद अधिसूचित होने की तिथि से प्रभावी होंगे।
