पंचतत्व सेवा संगठन का वार्षिक उत्सव संपन्न, राज्यपाल ने की लोगों से आयुर्वेद अपनाने की अपील
हजारीबाग : पंचतत्व सेवा संगठन के प्रथम वार्षिक उत्सव का आयोजन स्थानीय पैराडाइज रिसोर्ट में किया गया जिसमें राज्य के राज्यपाल संतोष गंगवार बतौर मुख्यअतिथि शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत संस्था के लोगों ने राज्यपाल को पुष्प गुच्छ देकर की तथा संस्था की ओर से मोमेंटो भी प्रदान किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत में संस्था के अध्यक्ष अनुज कुमार सिंह ने विषय प्रवेश करते हुए कहा कि आयुर्वेद भारत का पुरातन चीज है। पूर्व में हम लोग आयुर्वेद से इलाज करते थे पर बीच में एलोपैथी ने आयुर्वेद को पीछे छोड़ दिया । एलोपैथ के इलाज के कई साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं लेकिन आयुर्वेद ऐसा चीज है जिसका कोई साइड इफेक्ट नहीं है। आयुर्वेद में हर तरह की बीमारी का इलाज संभव है तथा गंभीर से गंभीर बीमारी भी इससे ठीक हो सकती है। आयुर्वेद के घटते महत्व को देखते हुए संस्था ने लोगों को आयुर्वेद अपनाने के लिए प्रेरित करने का काम शुरू किया है। एक साल में संस्था ने एक दर्जन से अधिक जगहों पर आयुर्वेदिक अस्पताल खोले जहां लोगों का निशुल्क इलाज किया जाता है। अब तक राज्य में इन अस्पतालों के माध्यम से 7000 लोगों का इलाज हो चुका है। वहीं संस्था अब हजारीबाग से झारखंड के सभी जिलों में निशुल्क आयुर्वेदिक चिकित्सालय खोलना चाहती है जिसमें लोगों का इलाज किया जाएगा। संस्था का या प्रयास है कि पंचायत स्तर तक आयुर्वेदिक अस्पताल हो ताकि लोगों को सस्ता और अच्छा इलाज मिल सके। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा कि हम लोग एलोपैथी इलाज को तवज्जो दे रहे हैं जो बहुत ही खर्चीली है। इससे जुड़े अस्पताल मरीजों को लूटने का काम करते हैं लेकिन अगर आयुर्वेद को बढ़ावा मिलेगा तो लोगों को सस्ता और अच्छा इलाज मिल सकेगा। संस्था अच्छा प्रयास कर रहा है तथा इसके सराहनीय प्रयास को हम लोगों के सामूहिक योगदान से आगे बढ़ाना होगा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल संतोष गंगवार ने कहा कि समाज के विकास में ऐसे संस्थानों की भागीदारी बढ़नी चाहिए ताकि समृद्ध समाज बन सके। श्री गंगवार ने कहा कि पंचतत्व संगठन समाज के कमजोर और अभिमांचित वर्गों को संसाधन उपलब्ध कराकर स्वास्थ और शिक्षा का प्रचार प्रसार जुड़ा हुआ है जो आज के समय में बड़ी बात है। समाज सेवा से बढ़कर कोई धर्म नहीं होता है तथा परोपकार से कोई बड़ा धर्म नहीं होता है। संस्था का मुख्य उद्देश्य है कि समाज का संपूर्ण विकास हो सके क्योंकि जो दूसरों के लिए जीते हैं वही महत्वपूर्ण होता है। औषधि और चिकित्सा की उपलब्धता पंचतत्व के कार्यों को आम जनता से जोड़ती है। उन्होंने कहा कि यह संस्था गरीब और मेधावी छात्रों के लिए छात्रवृत्ति उपलब्ध कराने का काम करती है जिससे शिक्षा के क्षेत्र में भी विकास का मार्ग प्रशस्त होता है ।भारत की अमूल्य परंपरा का प्रतीक आयुर्वेद है तथा स्वस्थ जीवन का दर्शन है । प्रधानमंत्री ने आयुर्वेद को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपाय कदम उठाए हैं आने वाले समय में संगठन समाज के विकास के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा जिस देश और प्रदेश के लोगों को सही इलाज मिल पाएगा। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने सामाजिक क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित किया इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले प्रातः आवाज के संपादक नीलेंदु जयपुरियार, वरिष्ठ पत्रकार मिथिलेश कुमार सिंह, मुर्दा कल्याण समिति से जुड़े नीरज कुमार, दूध मटिया में पेड़ों को बचाने वाले महादेव महतो, शिक्षा के लिए अपनी जमीन दान देने वाले चंद्रधारी प्रसाद मेहता, निरंजन कुमार मिश्रा, दीपा सोनी समेत 18 लोगों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
