अमित शाह ने जम्मू के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया, पंजाब को दिया मदद का आश्वासन

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Eksandeshlive Desk

जम्मू/चंडीगढ़/नई दिल्ली : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को जम्मू-कश्मीर की शीतकालीन राजधानी के कुछ बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। इसके बाद राजभवन में बाढ़ राहत उपायों पर एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। गृह मंत्री अमित शाह ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और विधानसभा में विपक्ष के नेता सुनील शर्मा के साथ बिक्रम चौक के पास तवी पुल और जम्मू हवाई अड्डे के पास मंगूचक का दौरा किया। उन्होंने पिछले सप्ताह जम्मू क्षेत्र में रिकॉर्ड बारिश के बाद आई अचानक बाढ़ से हुए नुकसान का प्रत्यक्ष जायजा लिया। शाह बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण कर सकते हैं, जिसमें कटरा भी शामिल है, जहां 26 अगस्त को माता वैष्णो देवी मंदिर जाने वाले पुराने मार्ग पर भूस्खलन के कारण 34 तीर्थयात्रियों की मौत हो गई थी और 20 घायल हो गए थे। इसके अलावा किश्तवाड़ के चिसोती गांव का भी हवाई सर्वेक्षण कर सकते हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बाढ़ राहत उपायों पर समीक्षा बैठक की। केंद्रीय गृह मंत्री भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ के बाद की स्थिति का आकलन करने के लिए रविवार शाम जम्मू पहुंचे। जम्मू हवाई अड्डे पर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला सहित अन्य लोगों ने उनका स्वागत किया। वहीं गृहमंत्री अमित शाह ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान तथा पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से फोन पर बात करके बाढ़ के संबंध में रिपोर्ट ली। शाह ने आश्वासन दिया कि बाढ़ से निपटने के लिए हर संभव मदद की जाएगी।

गृहमंत्री अमित शाह ने पंजाब के मुख्यमंत्री व राज्यपाल से ली बाढ़ पर रिपोर्ट : पंजाब के नौ जिलों में बाढ़ आने के बाद केंद्र गृह मंत्रालय भी सतर्क हो गया है। सोमवार को गृहमंत्री अमित शाह ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान तथा पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से फोन पर बात करके बाढ़ के संबंध में रिपोर्ट ली। शाह ने आश्वासन दिया कि बाढ़ से निपटने के लिए हर संभव मदद की जाएगी। पंजाब में इस समय फाजिल्का, फिरोजपुर, कपूरथला, पठानकोट, तरनतारन, होशियारपुर, मोगा, गुरदासपुर और बरनाला बाढ़ की चपेट में हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक 1312 गांव बाढ़ से प्रभावित हो चुके हैं। गृहमंत्री से फोन पर हुई बातचीत के दौरान राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने उन्हें मौजूदा हालात और बाढ़ प्रभावित लोगों के बचाव व राहत कार्यों के लिए प्रशासन के उठाए गए कदमों की जानकारी दी। बारिश से जालंधर व लुधियाना जिलों के कई इलाकों में 2 से 3 फीट तक पानी भर चुका है। लुधियाना में 4 गाड़ियों पर दीवार गिर गई। इससे गाडिय़ां क्षतिग्रस्त हो गई हैं। अमृतसर के घोनेवाला में धुस्सी बांध टूटने से आसपास का 15 किलोमीटर का इलाका बाढ़ की चपेट में आ गया है। अब पानी राजासांसी के गांवों को भी चपेट में लेने लगा है, जिसके बाद से प्रशासन अलर्ट पर है। पंजाब में बाढ़ को लेकर बॉलीवुड एक्टर संजय दत्त ने चिंता व्यक्त की है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर लिखा कि पंजाब में आई बाढ़ से हुई तबाही वाकई दिल तोड़ देने वाली है। प्रभावित सभी लोगों के लिए मैं ताकत और दुआएं भेज रहा हूं। मैं हर संभव तरीके से मदद करूंगा। बाबा जी सब पर कृपा करें और पंजाब की रक्षा करें।

कई राज्यों में बाढ़ के मद्देनजर शिवराज सिंह चौहान ने कृषि क्षेत्र के नुकसान की जानकारी ली : देश के कई राज्यों में हो रही बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। बाढ़ ने किसानों की मुसीबतों को बढ़ा दी है। सोमवार को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि क्षेत्र की देशभर की स्थिति की समीक्षा के साथ पंजाब में बाढ़ से हुए नुकसान की जानकारी ली। कृषि भवन में सोमवार को आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में शिवराज सिंह ने पंजाब के कुछ इलाकों में आई बाढ़ व फसलों पर इसके असर के बारे में भी वरिष्ठ अधिकारियों से जानकारी हासिल की। शिवराज सिंह ने कहा कि पंजाब के किसान भाई-बहन बिल्कुल चिंता नहीं करें, केंद्र सरकार प्राकृतिक आपदा के इस संकट में पूरी तरह प्रभावित किसानों के साथ खड़ी हुई हैं। शिवराज सिंह ने कहा कि वे आगामी दिनों में पंजाब के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का रूबरू जायजा लेने के साथ ही मौके पर पीड़ित किसानों से भी मिलेंगे और उन्हें हरसंभव मदद की जाएगी। बैठक में केंद्रीय कृषि सचिव डॉ. देवेश चतुर्वेदी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने देशभर में कृषि क्षेत्र की स्थिति को लेकर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह को विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान बताया गया कि खरीफ बुवाई क्षेत्रफल में पिछले वर्ष के मुकाबले आशाजनक वृद्धि हुई है। खाद्यान्न फसलों के साथ ही बागवानी क्षेत्र की प्रगति के बारे में भी केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने जानकारी ली। विशेषकर आलू, प्याज और टमाटर के उत्पादन की स्थिति और कीमतों के बारे में उन्होंने जानकारी हासिल की। बैठक में अधिकारियों ने विभिन्न राज्यों में हो रही बारिश और जलाशयों की स्थिति के बारे में भी बताया, जिसमें कहा गया कि कई राज्यों में इस वर्ष औसत से अधिक बारिश हुई, जो फसलों के लिए लाभदायक स्थिति है। अच्छी बारिश से जलाशय लबालब हैं। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए कि खाद्यान्न फसलों के साथ ही किसानों को बागवानी सहित इंटीग्रेटेड फार्मिंग के लिए प्रोत्साहित किया जाएं, ताकि किसानों को अधिक लाभ हो सकें। भविष्य की मांग के मद्देनजर हमें खेतों में अनाज के साथ अन्य वैकल्पिक उपायों से कृषि क्षेत्र का समग्र विकास करना होगा। बागवानी और इंटीग्रेटेड फार्मिंग इस दिशा में कारगर उपाय है। उन्होंने इंटीग्रेटेड फार्मिंग मॉडल के किसानों के बीच व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए भी निर्देशित किया।

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