अंपायर के फैसले पर आपत्ति जताई तो आईसीसी ने वेस्टइंडीज के कोच डेरेन सैमी पर लगाया जुर्माना

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Eksandeshlive Desk

नई दिल्ली : ऑस्ट्रेलिया ने बारबाडोस के ब्रिजटाउन में खेले गए पहले टेस्ट मैच में वेस्टइंडीज को 159 रनों से हराकर तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। इस टेस्ट मैच में थर्ड अंपायर के कई ऐसे फैसले रहे, जिस पर वेस्टइंडीज टीम के हेड कोच डैरेन सैमी ने आपत्ति जताई थी। अब थर्ड अंपायर के फैसलों पर सवाल उठाने पर डैरेन सैमी पर जुर्माना लगा है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने उन पर 15 प्रतिशत मैच फीस का जुर्माना लगा दिया है। साथ ही उनके अनुशासनात्मक रिकार्ड में एक डिमेरिट अंक भी जोड़ दिया गया है।

सैमी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया : दरअसल, वेस्टइंडीज और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गए पहले टेस्ट मैच में थर्ड अंपायर एड्रियन होल्डस्टॉक की ओर से कुछ फैसले दिए गए, जिन पर विवाद देखने को मिला। वेस्टइंडीज के हेड कोच डैरेन सैमी ने इन्हीं फैसलों पर नाराजगी जताते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस में सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि आप खुद को ऐसी स्थिति में नहीं डालना चाहते जहां आप कुछ खास अंपायरों के बारे में सोच रहे हों। क्या इस टीम के खिलाफ कुछ है? लेकिन जब आप एक के बाद एक फैसले देखते हैं, तो यह सवाल उठता है। इसके बाद आईसीसी ने अब अंपायर के फैसलों के खिलाफ बोलने पर सैमी पर एक्शन लिया है। आईसीसी के अनुसार वेस्टइंडीज के मुख्य कोच डैरन सैमी पर पहले मैच के दूसरे दिन आईसीसी आचार संहिता के लेवल 1 का उल्लंघन करने के लिए मैच फीस का 15 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है। सैमी को आईसीसी आचार संहिता के अनुच्छेद 2.7 के उल्लंघन का दोषी पाया गया, जो किसी अंतरराष्ट्रीय मैच में घटित किसी घटना या किसी खिलाड़ी, खिलाड़ी सहयोगी कर्मी, मैच अधिकारी या किसी अंतरराष्ट्रीय मैच में भाग लेने वाली टीम के संबंध में सार्वजनिक आलोचना या अनुचित टिप्पणी से संबंधित है। इसके अतिरिक्त, सैमी के अनुशासनात्मक रिकार्ड में एक डिमेरिट अंक जोड़ दिया गया है, जो 24 महीने की अवधि में उनका पहला अपराध है। आईसीसी के मुताबिक सैमी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया और प्रस्तावित दंड को स्वीकार कर लिया, इसलिए औपचारिक सुनवाई की कोई आवश्यकता नहीं पड़ी। वेस्टइंडीज और ऑस्ट्रेलिया के बीच दूसरा टेस्ट मैच गुरुवार, 3 जुलाई से खेला जाएगा।

धीमी ओवर गति के लिए इंग्लैंड पर लगा जुर्माना : भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने शनिवार को नॉटिंघम (इंग्लैंड) में खेले गए पहले टी20 मुकाबले में मेजबान इंग्लैंड को 97 रन से करारी शिकस्त देकर पांच मैचों की श्रृंखला में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली है। इस मैच में हार के बाद मेजबान टीम को एक और बड़ा झटका लगा है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने मुकाबले में धीमी ओवर गति के लिए इंग्लैंड टीम पर मैच फीस का 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया है। आईसीसी ने रविवार को एक बयान में बताया कि एमिरेट्स आईसीसी इंटरनेशनल पैनल ऑफ मैच रेफरी की हेलेन पैक ने यह जुर्माना लगाया, क्योंकि समय की छूट को ध्यान में रखते हुए इंग्लैंड को निर्धारित लक्ष्य से दो ओवर कम फेंकने का दोषी पाया गया। यह जुर्माना खिलाड़ियों और खिलाड़ी सहायक कर्मियों के लिए आईसीसी आचार संहिता के अनुच्छेद 2.22 के अनुसार लगाया गया है, जो न्यूनतम ओवर रेट अपराधों से संबंधित है। इसके तहत निर्धारित समय के भीतर गेंदबाजी करने में विफल रहने पर खिलाड़ियों पर हर ओवर के लिए उनकी मैच फीस का पांच प्रतिशत जुर्माना लगाया जाता है। इंग्लैंड की कप्तान नैट साइवर-ब्रंट ने अपराध स्वीकार कर लिया और प्रस्तावित दंड को स्वीकार कर लिया, इसलिए औपचारिक सुनवाई की कोई आवश्यकता नहीं पड़ी। मैदानी अंपायर जैकलीन विलियम्स और जेम्स मिडलब्रुक, तीसरे अंपायर सू रेडफर्न और चौथे अंपायर अन्ना हैरिस ने आरोप तय किए।मुकाबले की बात करें तो टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने कप्तान स्मृति मंधाना की 62 गेंदों पर 112 रन की तूफानी शतकीय पारी के दम पर 20 ओवर में 5 विकेट पर 210 रन बनाए। जवाब में इंग्लैंड की पूरी टीम 14.5 ओवर में 113 रन पर सिमट गई और 97 रनों के बड़े अंतर से मुकाबला हार गई। दोनों टीमों के बीच दूसरा टी-20 मैच एक जुलाई को ब्रिस्टल में होगा।

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