Eksandeshlive Desk
नई दिल्ली/ढाका : लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला मंगलवार को बांग्लादेश में तारिक रहमान के नेतृत्व वाली नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में भारत सरकार का प्रतिनिधित्व करेंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, नई सरकार का नेतृत्व बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के अध्यक्ष तारिक रहमान करेंगे। तारिक रहमान हाल ही में हुए चुनाव में बहुमत मिलने के बाद सरकार बनाने जा रहे हैं। मंत्रालय ने कहा कि इस समारोह में लोकसभा अध्यक्ष की भागीदारी भारत और बांग्लादेश के बीच गहरी और मजबूत मित्रता को दर्शाती है। यह दोनों देशों के लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को भी दिखाता है। मंत्रालय के अनुसार, भारत ने बांग्लादेश में नई निर्वाचित सरकार के गठन का स्वागत किया है। दोनों देशों के बीच साझा इतिहास, संस्कृति और आपसी सम्मान के मजबूत संबंध हैं।
भारत समेत 13 देशों के शासनाध्यक्षों को आमंत्रण : उल्लेखनीय है कि बांग्लादेश की नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए भारत, चीन, पाकिस्तान समेत 13 देशों के शासनाध्यक्षों को आमंत्रित किया है। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के नेता तारिक रहमान के नेतृत्व में 17 फरवरी को नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह होना है। बांग्लादेश के सर्वाधिक प्रसारित अखबार प्रोथोम अलो ने अंतरिम सरकार के एक भरोसेमंद अधिकारी के हवाले से बताया है कि अंतरिम सरकार ने 13वें राष्ट्रीय संसदीय चुनाव में जीत का परचम फहराने वाली बीएनपी नेतृत्व के साथ बातचीत के बाद 13 देशों के शासनाध्यक्षों को शपथ ग्रहण समारोह में बुलाने का फैसला किया।कूटनीतिक सूत्रों ने बताया कि सऊदी अरब, तुर्किये, यूनाइटेड अरब अमीरात, कतर, मलेशिया, ब्रुनेई, श्रीलंका, नेपाल, मालदीव और भूटान को पहले ही निमंत्रण भेजा जा चुका है। नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह मंगलवार दोपहर जातीय संसद भवन के साउथ प्लाजा में होगा। नवनिर्वाचित सांसद 17 फरवरी को शपथ लेंगे। ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, बीएनपी ने चुनाव में दो-तिहाई से अधिक सीटें जीतकर अगली सरकार बनाने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। बीएनपी के संयुक्त महासचिव (विदेश मामले) हुमायूं कबीर ने कहा,” मैं किसी खास देश की बात नहीं कर रहा हूं। बीएनपी सार्क के सदस्य देशों और मिडिल ईस्ट देशों के शासनाध्यक्षों को शपथ ग्रहण समारोह में बुलाने की तैयारी कर रही है।” उल्लेखनीय है कि बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी नई संसद में मुख्य विपक्षी पार्टी के तौर पर काम करेगी।
