बीएलए की चेतावनी- सैन्य कर्मियों की रिहाई युद्धबंदियों के छोड़ने पर ही निर्भर

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Eksandeshlive Desk

क्वेटा (बलोचिस्तान) : बलोचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने ताजा वीडियो में संघीय और राज्य सरकार को छह दिन की मोहलत देते हुए कहा कि सैन्य कर्मियों की रिहाई उसके लड़ाकों को छोड़ने पर ही संभव है। बीएलए ने ताजा वीडियो में एक और पाकिस्तान सैनिक का वीडियो जारी किया है। द बलोचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, बलोचिस्तान के खुजदार जिले के ओरनाच इलाके में इस महीने हुई झड़पों के दौरान लड़ाकों ने पाकिस्तान के सात सैन्य कर्मियों को दबोचा है। उनके कई लड़ाके भी सेना की हिरासत में है। संघीय और राज्य सरकार चाहे तो छह दिन में दोनों पक्षों के लोगों की अदला-बदली की जा सकती है।

बीएलए ने अपने मीडिया चैनल हुकल पर पाकिस्तान सेना के दबोचे गए जवान मोहम्मद शाहराम, मोहम्मद रियाज अली सकना, शेखपुरा, गांव अमीर सिंह (पंजाब) का वीडियो जारी किया है। कल भी बीएलए ने एक वीडियो में पाकिस्तान के कुछ सैनिकों का विवरण प्रसारित किया था। बीएलए प्रवक्ता के अनुसार, बलोच राष्ट्रीय न्यायालय में उनके खिलाफ नियमित सुनवाई हुई। उन पर युद्ध अपराधों, नागरिकों के खिलाफ कृत्यों, जबरन गायब होने में सहायता करने और बलूच नरसंहार में संलिप्तता का आरोप लगाया गया। बीएलए ने स्पष्ट किया कि संगठन की कमांड काउंसिल ने युद्ध के अंतरराष्ट्रीय नियमों नियमों के अनुरूप युद्धबंदियों के आदान-प्रदान की इच्छा व्यक्त की है। अंत में, संगठन ने कहा कि सैन्य कर्मियों की रिहाई बलोच युद्धबंदियों की रिहाई पर निर्भर है।

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