अशोक वर्मा
मोतिहारी: जैसे-जैसे बिहार विधानसभा चुनाव सन्निकट आता जा रहा है वैसे-वैसे विभिन्न राजनीतिक दल भाषा की मर्यादा को तोड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे है। राजनीति एक पवित्र विधान है और यहां कार्यों की आलोचना की जाती है। मूल्यो का गिरावट इस कदर तेजी से हो रहा है कि विभिन्न दल के लोग एक दूसरे के ऊपर गाली गलोज करने से बाज नहीं आ रहे ।राहुल गांधी के रोड शो के दौरान दरभंगा के मंच पर किसी छोटे कार्यकर्ता ने आवेश में नरेंद्र मोदी जी की मां पर अप शब्द का इस्तेमाल किया। बिहार में प्रचलित इस गाली गलौज का कोई विशेष महत्व यहां के लोग नहीं देते। अभी कई यूट्यूब चैनल पर इसी गाली गलोज का सीरियल बनाकर लाखों लाख रुपया लोग कमा रहे हैं और यह सब केंद्र सरकार की नीति के तहत ही हो रहा है। कहीं कोई रोक नहीं है गंदे गंदे गाली वाले यूट्यूब चैनल को लोग मां बेटी बहन के साथ बैठकर देख आनंदित हो रहे है, वैसे माहौल में दरभंगा के मंच से आवेश में किसी ने अपने प्रचलित गाली का प्रयोग कर दिया। उस समय मंच पर कोई भी बड़ा नेता नही था। फिर भी इसे बिहार के संस्कृति के खिलाफ माना जाता है तथा इडिया गठबंधन के नेता ने उस गाली की निदा और भर्त्सना की है। इस मामले को भाजपा ने गभीरता से लिया और उसने चार घंटे का बिहार बंद का आहवान किया। बंदी के समर्थन मे मोतिहारी के सड़क पर काफी संख्या मे महिलाएं पुरुष निकले। वैसे अमूमन दुकाने 10 बजे के बाद ही खुलती है लेकिन आज बंदी के मौके पर दो घंटे विलंब से लोगों ने दुकाने खोल बंद का समर्थन किया। बिहार मे एनडीए की सरकार है और अपने ही सरकार में बंदी करना यह भी एक परंपरा बनता जा रहा है। बंदी मे डा आशुतोष शरण, भाजपा महिला सेल की अध्यक्ष मीणा मिश्रा, ओजस्वी वक्ता डा चंद्रा, प्रकाश अस्थाना, डा अतुल कुमार विधायक प्रमोद कुमार पूरे दमखम के साथ रोड पर निकले। कहीं कोई टकराहट नहीं हुई। 4 घंटे की बंदी शांतिपूर्वक संपन्न हुई।
