भाजपा समानांतर सरकार चलाने के भ्रम से बाहर निकले, राज्य के विकास में सहयोग करे : विनोद पांडेय

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रांची: झारखंड मुक्ति मोर्चा के महासचिव सह प्रवक्ता विनोद पांडेय ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी द्वारा लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि सत्ता से बेदखल भाजपा को आज भी समानांतर सरकार चलाने का भ्रम हो गया है। हर मुद्दे पर भ्रम फैलाकर जनता को गुमराह करना ही भाजपा का एजेंडा है। श्री पांडेय ने कहा कि सूर्या हांसदा प्रकरण में भाजपा जिस तरह से राजनीतिक लाभ उठाने का प्रयास कर रही है, वह आदिवासी समाज का अपमान है। झामुमो के वरिष्ठ आदिवासी नेता एवं विधायक हेमलाल मुर्मू पहले ही सूर्या के आपराधिक जीवन का पूरा विवरण सार्वजनिक कर चुके हैं। आदिवासी समाज अपराधियों को स्वीकार नहीं करता। ऐसे व्यक्ति को ह्यसामाजिक कार्यकर्ता बताकर भाजपा जनता की आंखों में धूल झोंकने का प्रयास कर रही है।उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को प्रदेश की जनता को बताना चाहिए कि आखिर सूर्या पर दर्ज 24 से अधिक मुकदमों का सच क्या था। क्या अवैध खनन और तस्करी के संरक्षण से भाजपा के कुछ चेहरे जुड़े नहीं रहे हैं। सच तो यह है कि भाजपा अपने दिल्ली वाले आकाओं के इशारे पर नाचना बंद करे और प्रदेश की लोकप्रिय हेमंत सरकार को अस्थिर करने का षड्यंत्र त्याग दे। नगड़ी भूमि विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए श्री पांडेय ने कहा कि भाजपा जानबूझकर आधे-अधूरे तथ्यों को पेश कर रही है। रैयतों की भावनाओं का सम्मान हेमंत सरकार ने किया है और विकास के साथ अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित कर रही है। जमीन अधिग्रहण का निर्णय पूर्ववर्ती सरकारों में लिया गया था, जिसे लेकर संघर्ष भी हुआ। हेमंत सरकार ने हमेशा संवाद की पहल की है, लेकिन भाजपा सस्ती राजनीति के लिए किसानों को भड़काने से बाज नहीं आ रही। श्री पांडेय ने कहा कि भाजपा के पास न तो जनादेश है, न ही कोई ठोस मुद्दा। इसलिए कभी सीबीआई का राग, कभी भूमि विवाद का बहाना बनाकर जनता को गुमराह कर रही है। प्रदेश की जनता सब समझ रही है।
उन्होंने कहा कि यदि बाबूलाल मरांडी सचमुच आदिवासी समाज और गरीबों के हितैषी हैं तो केंद्र की भाजपा सरकार से झारखंड के बकाया खनिज राजस्व, विशेष पैकेज और एमएसपी की गारंटी की मांग करें। हेमंत सरकार की ओर से एसटी को 28 प्रतिशत, ओबीसी को 27 प्रतिशत व एससी को 12 प्रतिशत आरक्षण देने को लेकर किए गए पहल को पूरा करने के लिए भाजपा नेता केंद्र सरकार और राज्यपाल से क्यों नहीं बात करते।
उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को चाहिए कि वे झूठ की राजनीति छोड़कर जनता की भावनाओं के अनुरूप सकारात्मक सहयोग करें। हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड को विकास की नई ऊँचाइयों पर ले जाना हमारी प्राथमिकता है।

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