Eksandeshlive Desk
नई दिल्ली : कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को भारतीय किसानों और छोटे व्यापारियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में शुक्रवार को संसद भवन परिसर में विपक्ष के सांसदों ने मोदी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। विरोध-प्रदर्शन के दौरान खरगे ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता भारत के किसानों और व्यापारियों पर सीधा हमला है। यह समझौता पूरी तरह से अमेरिका की शर्तों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि यह समझौते के तहत भारतीय कृषि क्षेत्र को अमेरिकी उत्पादों के लिए खोला जाएगा, जो हमारे किसानों को आर्थिक रूप से तबाह कर देगा। विपक्ष ने सरकार पर संसद में आवाज दबाने का भी आरोप लगाया। विपक्ष ने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता को देशहित के मुद्दों पर बोलने नहीं दिया जा रहा है, जो सीधे तौर पर लोकतंत्र का अपमान है। विपक्षी सांसदों ने हाथों में तख्तियां लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान राहलु गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी सहित विपक्ष के सांसद भी मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो फरवरी को सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से व्यापार, रूस-यूक्रेन युद्ध और ऊर्जा सहयोग समेत कई मुद्दों पर चर्चा करने की जानकारी दी थी।
विपक्ष के हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही 9 फरवरी तक स्थगित
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के लगातार हंगामे के चलते शुक्रवार को लोकसभा की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक और बाद में पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई। सदन की अगली कार्यवाही अब सोमवार, 9 फरवरी को सुबह 11 बजे पुनः शुरू होगी। सदन की कार्यवाही पूर्वाह्न 11 बजे शुरू होते ही प्रश्नकाल के दौरान विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी और हाथों में प्लेकार्ड लेकर सदन के बीचोंबीच आ गए। इस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि बजट सत्र में अब तक सदन के 19 घंटे 13 मिनट हंगामे की भेंट चढ़ चुके हैं। अध्यक्ष ने कहा कि प्रश्नकाल सभी सदस्यों का समय होता है और जनता ने सांसदों को चर्चा और संवाद के लिए भेजा है, न कि पोस्टर और नारेबाजी के लिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि नियोजित तरीके से गतिरोध पैदा कर सदन की मर्यादा समाप्त की जाती है, तो ऐसे सदन को चलाना संभव नहीं है। अध्यक्ष के बार-बार आग्रह के बावजूद हंगामा नहीं थमने पर सदन की कार्यवाही पहले 12 बजे तक स्थगित की गई। दोपहर में कार्यवाही पुनः शुरू होने पर भी विपक्ष का शोर-शराबा जारी रहा। पीठासीन सदस्य कृष्ण प्रसाद तेन्नेटी ने बताया कि स्थगन प्रस्ताव की किसी भी सूचना को अध्यक्ष ने अनुमति नहीं दी है। नारेबाजी के बीच स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा सहित कई मंत्रियों ने सभा पटल पर प्रस्ताव रखे। पीठासीन अधिकारी ने विपक्षी सदस्यों से अपील की कि बजट पर चर्चा के दौरान वे अपने सभी विषय उठा सकते हैं और कार्यवाही को बाधित न करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि सदन में प्लेकार्ड लाना नियमों के विरुद्ध है। लगातार व्यवधान के कारण अंततः लोकसभा की कार्यवाही सोमवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। उल्लेखनीय है कि संसद के बजट सत्र का पहला चरण 13 फरवरी को समाप्त होगा। दूसरे चरण की शुरुआत 09 मार्च को होगी, जो 02 अप्रैल तक चलेगा।
