भारत की जनता की जरूरतें सरकार की प्राथमिकता, विविध स्रोतों से किफायती ऊर्जा हमारी प्राथमिकता : विदेश मंत्रालय

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Eksandeshlive Desk

नई दिल्ली : विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत की जनता की जरूरतें सरकार की प्राथमिकता है। इन जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकार विविध स्रोतों से किफायती तेल खरीद सुनिश्चित कर रही है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को साप्ताहिक पत्रकार वार्ता में रूसी तेल कंपनियों पर लगे अमेरिकी प्रतिबंध पर कहा कि इनके प्रभावों का गहराई से अध्ययन किया जा रहा है। हमारा निर्णय वैश्विक बाज़ार की बदलती परिस्थितियों को ध्यान में रखकर ही होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऊर्जा स्रोतों के व्यापक प्रश्न पर भारत की स्थिति पहले से स्पष्ट है कि भारत की प्राथमिकता देश की जनता को नागरिकों की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सस्ती और विविध स्रोतों से ऊर्जा प्राप्त की जाए।

अफगानिस्तान की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता के लिए भारत पूरी तरह प्रतिबद्ध : वहीं अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता पर प्रवक्ता ने कहा कि व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए अमेरिकी पक्ष के साथ बातचीत दोनों ओर से जारी है। इसके अलावा प्रवक्ता ने इस बात की पुष्टि की कि अमेरिका ने चाबहार बंदरगाह पर प्रतिबंधों से भारत को छह महीने की छूट दी है। वहीं निर्वासन से जुड़े प्रश्न पर प्रवक्ता ने कहा कि कल तक अमेरिका से 2790 और ब्रिटेन से लगभग 200 भारतीयों को लौटना पड़ा है। उन्होंने कहा कि इस साल जनवरी से अब तक लगभग 2,790 से ज़्यादा भारतीय नागरिक ऐसे हैं जो इन मानदंडों पर खरे नहीं उतरे। वे वहां अवैध रूप से रह रहे थे और हमने उनकी पहचान और राष्ट्रीयता की पुष्टि की और वे वापस लौट आए। यह स्थिति कल यानी 29 अक्टूबर तक की है। ब्रिटेन की ओर से इस साल लगभग 200 भारतीय नागरिकों को उनकी राष्ट्रीयता की पुष्टि के बाद निर्वासित किया गया है। वहीं अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच संघर्ष पर भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को पत्रकार वार्ता में कहा कि ऐसा लगता है कि पाकिस्तान यह मान रहा है कि उसे बिना किसी दंड के सीमापार आतंकवादी गतिविधियां संचालित करने का अधिकार है। उसके पड़ोसी इसे अस्वीकार्य मानते हैं। भारत अफ़ग़ानिस्तान की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और स्वतंत्रता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच संघर्ष की स्थिति बनी हुई है। दोनों देशों के बीच मध्यस्ता के बावजूद सीमा और संघर्ष के मुद्दों पर वार्ता विफल रही है।

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