Ashutosh Jha
काठमांडू : भारत-नेपाल स्टार्टअप पार्टनरशिप नेटवर्क (IN-SPAN) के पहले बैच का समापन समारोह शनिवार को चेन्नई स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) मद्रास में आयोजित किया गया। इस अवसर पर नेपाल के 24 स्टार्टअप्स के प्रतिभागियों ने आठ सप्ताह लंबे विशेष प्रशिक्षण एवं नवाचार कार्यक्रम को सफलतापूर्वक पूरा किया। समारोह के मुख्य अतिथि विदेश मंत्रालय, भारत सरकार के अतिरिक्त सचिव (उत्तर) मुनु महावर रहे। आईएन-स्पैन कार्यक्रम आईआईटी मद्रास प्रवर्तक टेक्नोलॉजीज़ फ़ाउंडेशन के सहयोग से संचालित एक पूर्णतः वित्तपोषित प्रशिक्षण पहल है। उल्लेखनीय है कि आईआईटी मद्रास प्रवर्तक अब तक 46 स्टार्टअप्स को इन्क्यूबेट कर चुका है, जिनमें से 14 ने अपनी तकनीकों का व्यावसायीकरण भी कर लिया है।
समारोह को संबोधित करते हुए मुनु महावर ने आईआईटी मद्रास के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र का आभार जताया और प्रतिभागियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि IN-SPAN पहल भारत-नेपाल के बीच स्टार्टअप सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में सहायक सिद्ध होगी। प्रतिभागियों की ओर से एडावर (Edavor) की संस्थापक यूनिका बज्राचार्य और एडट्रा (Edtraa) के संस्थापक असीम श्रेष्ठ ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम उनकी अपेक्षाओं से कहीं अधिक उपयोगी रहा और सुझाव दिया कि कार्यक्रम से प्राप्त सीखों को संस्थागत रूप देने के लिए नेपाल में आईआईटी मद्रास प्रवर्तक का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान आईआईटी मद्रास की प्रोफेसर एमेरिटस प्रो. मंगला सुंदर, प्रो. गौरव रैना, आईआईटीएम प्रवर्तक के प्रतिष्ठित रणनीतिक सलाहकार लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) करनबीर सिंह बराड़, राजेंद्र मूथा, श्रीकांत वालुथुर सहित कई विशेषज्ञों ने भी अपने विचार रखे। IN-SPAN के लिए नेपाल भर से प्राप्त लगभग 250 आवेदनों में से 24 स्टार्टअप्स का चयन एक प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के तहत किया गया। चयन लिखित आवेदन, प्रस्तुति और साक्षात्कार के आधार पर हुआ। ये स्टार्टअप्स साइबर सुरक्षा, ई-कॉमर्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, हेल्थकेयर, ड्रोन तकनीक, एग्रीटेक, क्लाइमेट टेक, एयरोस्पेस और फिनटेक जैसे विविध क्षेत्रों से जुड़े हैं।
कार्यक्रम को तीन चरणों में पूरा किया गया। पहले चार सप्ताह में प्रतिभागियों को आईआईटी मद्रास के विशेषज्ञों और स्टार्टअप पेशेवरों द्वारा प्रशिक्षण दिया गया तथा 25 से अधिक भारतीय स्टार्टअप्स के सी-एक्सओ के साथ संवाद का अवसर मिला। इसके बाद दो सप्ताह तक एआई, सेमीकंडक्टर और सौर ऊर्जा जैसी उन्नत तकनीकों पर कौशल विकास कराया गया। अंतिम दो सप्ताह प्रतिभागियों ने भारत के विभिन्न स्टार्टअप्स में इंटर्नशिप कर व्यावहारिक अनुभव अर्जित किया।इस व्यापक प्रशिक्षण के परिणामस्वरूप कई नेपाली स्टार्टअप्स ने भारतीय स्टार्टअप्स के साथ व्यावसायिक साझेदारियाँ स्थापित कीं। इनमें से नौ स्टार्टअप्स को आईआईटी मद्रास इन्क्यूबेशन सेल और प्रवर्तक से इन्क्यूबेशन एवं निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। आईआईटी मद्रास इन्क्यूबेशन सेल के पोर्टफोलियो कंपनियों का संयुक्त मूल्यांकन 6 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक है।मूल रूप से वार्षिक रूप से आयोजित होने वाली इस पहल को नेपाली स्टार्टअप समुदाय की प्रबल रुचि को देखते हुए आने वाले महीनों में पुनः आरंभ करने का निर्णय लिया गया है।
