भारत-रूस के चीन के साथ जाने वाले ट्रंप के बयान पर प्रतिक्रिया देने से विदेश मंत्रालय का इनकार

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Eksandeshlive Desk

नई दिल्ली : भारत और रूस के चीन के साथ जाने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान पर विदेश मंत्रालय ने प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि इस मुद्दे पर उनके पास टिप्पणी करने को कुछ नहीं है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को साप्ताहिक पत्रकार वार्ता में कई मुद्दों पर भारत की राय रखी। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति के सलाहकार पीटर नवारो के हालिया भारत विरोधी और नस्लीय बयानों को लेकर कहा कि हमने उनके गलत और भ्रामक बयानों को देखा है और स्पष्ट रूप से उन्हें अस्वीकार करते हैं। उल्लेखनीय है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा था कि ऐसा लगता है कि हमने भारत और रूस को सबसे गहरे, सबसे अंधकारमय चीन के हाथों खो दिया है। इसके बाद उन्होंने व्यंग्यात्मक रूप से तीनों देशों के लिए समृद्ध भविष्य की कामना की। वहीं, क्वाड शिखर सम्मेलन पर भी प्रवक्ता ने प्रतिक्रिया दी। क्वाड भारत, आस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका का गठबंधन है। प्रवक्ता ने कहा कि क्वाड कई क्षेत्रों में साझा हितों पर चर्चा के लिए एक मूल्यवान मंच है। नेताओं का शिखर सम्मेलन चारों भागीदारों के बीच राजनयिक परामर्श के माध्यम से निर्धारित किया जाता है।

ऑस्ट्रेलिया में भारतीयों के खिलाफ प्रदर्शन पर भारत ने जताई चिंता : भारत ने ऑस्ट्रेलिया के कई शहरों में हुए एंटी-इमिग्रेंट (प्रवासन के खिलाफ) प्रदर्शनों पर चिंता जताई है। वहीं ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने भारत चिंताओं का संज्ञान लेते हुए माना है कि यह प्रदर्शन उनके बहुसांस्कृतिक समाज के लिए चिंता का विषय हो सकता है। भारत ने आश्वासन दिया है कि वह विदेश में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा और भलाई के लिए प्रतिबद्ध है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को साप्ताहिक पत्रकार वार्ता में ऑस्ट्रेलिया में भारतीयों के खिलाफ हाल ही में हुए प्रदर्शनों पर प्रतिक्रिया दी। प्रवक्ता ने कहा कि 31 अगस्त को ऑस्ट्रेलिया के कई शहरों में एंटी-इमिग्रेंट प्रदर्शन हुए। इस दौरान भारत का उच्चायोग और महावाणिज्य दूत लगातार ऑस्ट्रेलियाई सरकार और भारतीय समुदाय के संपर्क में रहे। जायसवाल ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया की सरकार और विपक्ष दोनों के वरिष्ठ नेताओं ने बयान जारी कर वहां की बहुसांस्कृतिक पहचान को समर्थन दिया है। उन्होंने भारतीय ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के योगदान को भी सराहा और स्वीकार किया कि भारतवंशियों ने ऑस्ट्रेलिया की तरक्की और विकास में अहम भूमिका निभाई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारत विविधता को ताकत मानता है। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी है, जिसमें लोगों के बीच का जुड़ाव बहुत महत्वपूर्ण है। यही आपसी संबंध दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करते हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि भारत सरकार विदेश में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा और भलाई के लिए प्रतिबद्ध है। इस सिलसिले में भारत लगातार ऑस्ट्रेलियाई सरकार और वहां के प्रवासी संगठनों के संपर्क में है।

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