प्रकाश पर्व की प्रभात फेरी ने फैलाया शांति, प्रेम और सेवा का संदेश
हजारीबाग : सिख समुदाय के प्रथम गुरु गुरु नानक देव के प्रकाश पर्व को लेकर हजारीबाग शहर में श्रद्धा, उल्लास और भाईचारे का अद्भुत माहौल देखने को मिल रहा है। पूरे शहर में भक्ति, प्रेम और एकता की भावना चरम पर है। मुख्य आयोजन से पूर्व लगातार चौथे दिन भी प्रभात फेरी निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में पुरुष, महिलाएं और बच्चे श्रद्धाभाव से शामिल हुए। प्रभात फेरी की शुरुआत स्थानीय गुरुद्वारे से हुई, जो गुरु गोविंद सिंह रोड, पैगोडा चौक, महावीर स्थान चौक, काली बाड़ी रोड होते हुए पुनः गुरुद्वारे में जाकर संपन्न हुई। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने ह्लजो बोले सो निहालङ्घ सत श्री अकाल!ह्व के गगनभेदी जयकारों से वातावरण को गुंजायमान कर दिया। संगत द्वारा गुरुवाणी का कीर्तन किया गया, जबकि कई स्थानों पर श्रद्धालुओं ने लंगर सेवा के माध्यम से लोगों को प्रसाद वितरित किया। इससे पूरे क्षेत्र में भक्ति, सेवा और एकता की भावना का सुंदर संगम देखने को मिला।इस बीच, प्रकाश पर्व के मुख्य आयोजन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। गुरुद्वारा परिसर को दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है दीयों, रंगीन झालरों और पुष्प सजावट से पूरा परिसर जगमगा उठा है।
गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के सदस्यों ने बताया कि इस बार भी विशेष दीवान, गुरबाणी पाठ, कथा-कीर्तन और सामूहिक लंगर का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन की विशेषता यह है कि केवल सिख समुदाय ही नहीं, बल्कि अन्य धर्मों के लोग भी इसमें शामिल होकर आपसी भाईचारे और एकता का संदेश दे रहे हैं। मीडिया प्रभारी रोहित बजाज ने बताया की गुरु नानक देव का प्रकाश पर्व केवल सिख समाज का नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए प्रेरणा का पर्व है। प्रभात फेरी और लंगर सेवा के माध्यम से हम प्रेम, सेवा, और एकता का संदेश समाज तक पहुंचा रहे हैं। हर वर्ष की तरह इस बार भी हजारीबाग की संगत ने समर्पण और श्रद्धा के साथ आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रभात फेरी के माध्यम से पूरे क्षेत्र में शांति, सद्भाव और सेवा भावना का संदेश फैलाया गया, जिससे हजारीबाग शहर पूरी तरह गुरु प्रेम और भक्ति के रंग में रंग गया।
